मृत्युंजय दीक्षित पूरे भारत में धीरे- धीरे भाजपा व प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर आखिरकार जनता परिवार एक बार फिर एकजुट हो रहा है।15 अप्रैल 2015 को समाजवादी पार्टी ,जदयू, राजद,जद-एस,आइएनएलडी,और समाजवादी जनता पार्टी का विलय हो गया। बिहार में छह माह बाद विधानसभा चुनावों में भाजपा का मुकाबला करने के लिए यह […]
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राष्ट्रीय राजमार्गों के संधारण के लिए पर्याप्त धनराशि का आवंटन हो – वसुंधरा राजे नई दिल्ली, 17 अप्रेल, 2015। राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की सड़काें के संधारण के लिए केन्द्र सरकार से पर्याप्त धनराशि उपलब्घ करवाने का आग्रह किया है। श्रीमती राजे ने नई […]
भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का दावा
-निर्मल रानी देश के रोम-रोम में समा चुके भ्रष्टाचार से त्रस्त लोगों को वैकल्पिक राजनीति का सपना दिखाने वाली तथा देश को भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी ने गत् 5 अप्रैल को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में एक सार्वजनिक सभा में भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाईन जारी कर एक बेहद अनूठी […]
सब्सिडी में की गई अपील
निर्मल रानी दो-तीन दशक पूर्व तक हमारे देश की अधिकांश आबादी अपनी रसोई के ईंधन के रूप में लकड़ी,लकड़ी के बुरादे,कोयला,मिटटी का तेल,स्टोव आदि का इस्तेमाल किया करती थी। उस समय निश्चित रूप से सुबह व शाम के समय आसमान पर काले धुंए की एक मोटी परत वातावरण में चारों ओर बिछी नज़र आती थी। […]
-रीता विश्वकर्मा बजबजाती नालियाँ, गंदगी व सड़ान्ध से वातावरण दूषित, मच्छर और मक्खियों की भरमार। आन्त्रशोथ, क्षयरोग, यकृत रोग, गुर्दे की खराबी आदि समस्त शारीरिक संक्रामक बीमारियों का जनक दूषित जलापूर्ति। बिजली के नंगे तार लटकते हर गली-मोहल्लों में जैसे सर पर मंडराती मौत। बाँस-बल्लियों के सहारे की जा रही विद्युतापूर्ति। खुले में असुरक्षित रखे […]
भगवान के भरोसे अन्नदाता। किसानों पर प्रकृति का कहर जारी। बारिश के साथ कई जिलों में गिरे ओले। कुदरत के प्रकोप से पुरूषार्थी किसान हारे, गंवाई जान। बरबादी सहन नहीं कर पा रहे हैं किसान। -रीता विश्वकर्मा मैं तुम्हें छोड़कर हरगिज न जाता गरीबी मुझको लेकर जा रही है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों के […]
नमो की शॉल और प्रेस्टीच्यूट्स
ब्रज किशोर सिंह मित्रों, पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट पर जनरल वीके सिंह द्वारा मीडिया के एक हिस्से को प्रेस्टीच्यूट्स कहे जाने का विवाद छाया हुआ है। भारतीय मीडिया का एक हिस्सा इस बात को लेकर मुँह फुलाये बैठा है कि उनकी तुलना प्रौस्टीच्यूट्स यानि वेश्याओं के साथ क्यों कर दी गई। जाहिर है कि […]
जब रोटी देने वाला खुद रोटी को मोहताज हो,दर दर ठोकर खाती यारों भारत माँ की लाज हो ।बचपन तक भी बिलख रहा हो सडकों पर भूखा नंगा,धर्म दिखाकर संत मोलवी करवा देते हों दंगा।नेता जी जब प्यास बुझाने जाते हों मयखाने में,यारों समझो देर नही है पुनः गुलामी आने में।। जब सरकारें रूपये पचहत्तर […]
अशिक्षित एवं नशेड़ी पुरूषों को महिलाओं की आबरू से कोई सरोकार नहीं -रीता विश्वकर्मा शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा की कमी के कारण लोगों को खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। निश्चय ही यह देश और समाज के लिए एक बड़ी समस्या है। 2011 की जनगणना के मुताबिक देश भर में 53 […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद वाकई किसी के दाग धुले तो वह न्यूज ट्रेडर ही है । याद कीजिये तो न्यूज ट्रेडर शब्द का इजाद भी नरेन्द्र मोदी ने ही लोकसभा चुनाव के वक्त किया । उससे पहले राडिया मामले [ टू जी स्पेक्ट्रम ] से लेकर कामनवेल्थ घोटाले […]