नरेंद्र मोदी की सभी विदेश यात्राओं की तुलना में चीन-यात्रा शायद सबसे सार्थक रहेगी, हालांकि दोनों देशों के बीच इतिहास ने जो गांठें डाल दी हैं, वे अब भी ज्यों की त्यों है। सीमा-समस्या का अभी कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। जैसे पहले वार्ताएं चलती रहीं, वैसी अब चलती रहेंगी। यदि मोदी सीमा-समस्या के […]
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भारत और चीनः 21 वीं सदी का सपना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय चीन में हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर यह उनकी पहली चीन-यात्रा है। लेकिन इसके पहले मुख्यमंत्री के तौर पर वे चार बार चीन जा चुके हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद वे शायद किसी भी देश में चार बार नहीं गए हैं और जहां तक मुझे याद पड़ता है कि चीनी […]
….दूषित रोग से मुक्त कराए जाने की आवश्यकता
निर्मल रानी- बिहार राज्य की गिनती देश के दूसरे सबसे बड़े राज्य के रूप में की जाती है। प्राचीनकाल में शिक्षा, अध्यात्म तथा शासन व्यवस्था आदि के क्षेत्र में यह राज्य देश का सबसे समृद्ध व अग्रणी राज्य समझा जाता था। बिहार महात्मा बुद्ध, अशोक सम्राट से लेकर डॉ. राजेंद्र प्रसाद तथा जयप्रकाश नारायण जैसे […]
1857 की क्रांति एक क्रांति है …..
आखिर क्या डर है जिसकी वजह से भारत के नौजवानो को भारत का सही इतिहास नहीं बताया जाता है? मुझे पूरा विश्वास है कि आज जब आप इस लेख को पढेगे तो आप मेरे इस मत से सहमत हो जायेगे कि इतिहास का सही और गलत बताया जाना देश के भविष्य निर्माण में कितनी मदद […]
भारत-पाक-अफगान बनाए साझा मोर्चा
अभी कराची में शिया इस्माइलियों के कत्ल की स्याही सूखी भी नहीं थी कि काबुल के एक गेस्ट हाउस में फिर बेकसूर संगीतप्रेमियों का खून बहा दिया गया। काबुल में जिन लोगों को मौत के घाट उतारा गया, उनमें कुछ पाकिस्तानी तो हैं ही, चार हिंदुस्तानी नागरिक भी हैं। 14 लोग मारे गए। उनमें एक-एक […]
पुण्य प्रसून बाजपेयी 26 मई 2014 को राष्ट्रपति भवन के खुले परिसर में नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में 45 सांसदों ने मंत्री पर की शपथ ली लेकिन देश-दुनिया की नजरें सिर्फ मोदी पर ही टिकीं। और साल भर बाद भी देश-दुनिया की नजरें सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी ही टिकी हैं। साल भर पहले शपथग्रहण समारोह में […]
तनवीर जाफरी दक्षिण एशियाई क्षेत्र के दो प्रमुख देश भारत व पाकिस्तान के मध्य समय-समय पर सामने आने वाले आपसी रिश्तों के उतार-चढ़ाव प्रायरू पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते रहते हैं। 1947 में भारत के विभाजन के बाद अस्तित्व में आने वाले नवराष्ट्र पाकिस्तान ने अपने वजूद में आते ही कश्मीर को […]
डा. सुशील भाटी इतिहास की पुस्तकें कहती हैं कि 1857 की क्रान्ति का प्रारम्भ ’10 मई 1857′ की संध्या को मेरठ में हुआ। हम तार्किक आधार पर कह सकते हैं कि जब 1857 की क्रान्ति का आरम्भ ’10 मई 1857′ को ‘मेरठ’ से माना जाता है, तो क्रान्ति की शुरूआत करने का श्रेय भी उसी […]
क्या आप भगवान को मानते हैं ?
सुरेश चिपलुनकर की कलम से Does GOD Exists? What is GOD? How he looks? What he is Doing? शीर्षक पढकर आप चौंक गये होंगे… क्या मैं नास्तिक हूँ… बिलकुल नहीं… फ़िर मैं क्यों ऐसी बात कह रहा हूँ ? लेकिन जरा आगे तो पढिये जनाब, कई सवाल हैं जो मेरे दिलो-दिमाग को मथते हैं और […]
संसदीय धक्काशाही से कानून नहीं!
सरकार को दो महत्वपूर्ण विधेयक संसद की प्रवर समितियों के पास भेजने पड़े। एक तो भूमि–अधिग्रहण विधेयक और दूसरा माल और सेवा कर विधेयक! इन विधेयकों को प्रधानमन्त्री और उनके संबंधित मंत्रियों ने युगांतकारी कहा था। इन दोनों विधेयकों को यह सरकार धड़ल्ले से पास करना चाहती थी। देश के त्वरित औद्योगिकीकरण और कर-प्रणाली में […]