सुरेश चिपलुनकर देश, जितना व्यापक शब्द है, उससे भी अधिक व्यापक है यह सवाल कि देश कौन बनाता है ? नेता, सरकारी कर्मचारी, शिक्षक, मजदूर, वरिष्ठ नागरिक, साधारण नागरिक…. आखिर कौन ? शायद ये सब मिलकर देश बनाते होंगे… लेकिन फ़िर भी एक और प्रश्न है कि इनमें से सर्वाधिक भागीदारी किसकी ? तब तत्काल […]
Category: विविधा
मेादी सरकार की ऐतिहासिक पहल तीन योजनाएं
मृत्युंजय दीक्षित विगत नौ मई को कोलकाता मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन तीन योजनाओं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना,जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंषन योजना को जनता व देष को समर्पित किया था उस समय स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औश्र वित्तमंत्री अरूण जेटली को भी यह विष्वास नहीं होगा कि यह योजनायें देष में […]
बिहार का ऊँट: किस करवट?
जनता दल (यू) और राष्ट्रीय जनता दल याने नीतीश और लालू की पार्टी में समझौता हो गया है कि वे मिलकर चुनाव लड़ेंगे। ये समझौता भी क्या समझौता है? लालू ने कहा है कि वे जहर का घूँट पी रहे हैं। उन्होंने नीतीश के खिलाफ जितना जहर उगला है,उसे वे अब पिएंगे। उनकी कौन सी […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी 11 मई को शिकायत । 27 दिनों में जांच पूरी । 8 जून को एफआईआर दर्ज और 28 वें दिन गिरफ्तारी। फिर 4 दिन की पुलिस रिमांड। वाकई दिल्ली पुलिस ने पहली बार एक ऐसा रास्ता देश के तमाम राज्यों की पुलिस के सामने बनाया है जिसके बाद देश के हर राज्य […]
सुरेश चिपलुनकर एग्नेस गोंक्झा बोज़ाझियू अर्थात मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त 1910 को स्कोप्जे, मेसेडोनिया में हुआ था और बारह वर्ष की आयु में उन्हें अहसास हुआ कि “उन्हें ईश्वर बुला रहा है”। 24 मई 1931 को वे कलकत्ता आईं और फ़िर यहीं की होकर रह गईं। उनके बारे में इस प्रकार की सारी […]
राज कि छोटी-छोटी मगर मोटी-मोटी बातें
पेट दर्द – अाधा चम्मच हल्दी और आधे चम्मच नमक को मिलाकर ठंडे पानी से फांकी मार लें। पेट दर्द में तुरंत आराम मिलेगा। बालों का गिरना – यदि आपके बालों में रूसी है या फिर आपके बाल झड़ रहे हैं तो आप कच्चे पपीते का पेस्ट बनाकर बालों की जड़ों पर 10 मिनट तक […]
मैगी के बहाने कुछ मूल प्रश्न
नेसले कंपनी की मैगी नामक सिंवैया ज़हरीली है या नहीं, यह अभी पूरी तरह से तय नहीं हो पाया है लेकिन अभी तक जितने भी परीक्षण हुए हैं, उनमें से ज्यादातर में मैगी को खतरनाक पाया गया है। उसमें दो ऐसे तत्व पाए गए हैं, जो काफी खतरनाक हैं। इसी आधार पर कई राज्यों ने […]
चेहरे गुलाब नही होते..
जाने क्यूंअब शर्म से,चेहरे गुलाब नही होते..जाने क्यूंअब मस्त मौला मिजाज नही होते….. ….पहले बता दिया करते थे, दिल की बातें….जाने क्यूं..अब चेहरेखुली किताब नही होते…. सुना है…बिन कहेदिल की बात …समझ लेते थे…गले लगते ही..दोस्त हालातसमझ लेते थे….. तब ना फेसबुकना स्मार्ट मोबाइल था…ना फेसबुकना ट्विटर अकाउंट था…एक चिट्टी से हीदिलों के जज्बातसमझ लेते […]
क्या अल्पसंख्यकवाद ही धर्मनिर्पेक्षता है …
देश के तीस लाख मुसलमानो के द्वारा बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने से उत्साहित बीजेपी के नेता भी अपने को यह प्रमाणित करने में गौरव अनुभव कर रही है कि वे भी आज ‘प्रचलित’ धर्मनिरपेक्षता के समर्थक हो गये है।तभी तो मुस्लिम शिष्ट मंडल के प्रभाव में मोदी जी ने आधी रात को भी उनकी […]
नूतन : बेहतरीन अदाकारी की मिसाल
फ़िरदौस ख़ान हिंदी सिनेमा की प्रतिभाशाली अभिनेत्री नूतन को अभिनय विरासत में मिला था. उनकी मां शोभना सामर्थ हिंदी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं. नूतन भी अपने अद्भुत अभिनय के लिए जानी जाती हैं. उनकी सुजाता, बंदिनी, मैं तुलसी तेरे आंगन की, सीमा, सरस्वती चंद्र और मिलन आदि फ़िल्मों ने उन्हें भारतीय सिनेमा की महान […]