Categories
विविधा

क्या 225 सांसदों और 1258 विधायकों के खिलाफ पुलिस जागेगी?

delhi police

पुण्‍य प्रसून वाजपेयी

11 मई को शिकायत । 27 दिनों में जांच पूरी । 8 जून को एफआईआर दर्ज और 28 वें दिन गिरफ्तारी। फिर 4 दिन की पुलिस रिमांड। वाकई दिल्ली पुलिस ने पहली बार एक ऐसा रास्ता देश के तमाम राज्यों की पुलिस के सामने बनाया है जिसके बाद देश के हर राज्य में अगर पुलिस इसी तेजी से काम करने लगे तो क्या संसद और क्या विधानसभा कही भी कोई दागी नेता ना बचे। यानी पुलिस शिकायत लेने के बाद जांच तेजी से करें और एफआईआर दर्ज करने के चौबिस घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने लगे तो तो कोई दागी सांसद या कोई दागी मंत्री या विधायक बच नहीं पायेगा। क्योंकि अब सवाल सिर्फ दिल्ली के एक मंत्री के फर्जी डिग्री के मामले में दिल्ली पुलिस की पहल भर का नहीं है ।

अब सवाल यह है कि देश में संसद से लेकर तमाम विधानसभाओं में अगर कोई आपराधिक पृष्ठभूमि का या फिर भ्रष्टाचार का आरोपी और कानून का उल्लंघन करने वाला है तो फिर हर राज्य की पुलिस तेजी से हर मामले की छानबीन कर आरोपियों को सजा दिलाने की दिशा में बढ़ सकती है। यह सवाल इसलिये क्योंकि मौजूदा वक्त में लोकसभा में 543 में से 185 सांसद ऐसे हैं, जिनपर भ्रष्टाचार के या आपराधिक मामले दर्ज हैं। यानी जनता की नुमाइन्दगी करने वाले 34 फीसदी सांसद दागी हैं। इसी तरह राज्यसभा में 232 में से 40 सांसद

ऐसे है जिनपर आपराधिक या भ्रष्टाचार के मामले दर्ज है। यानी जिन राज्यों में सांसदों के खिलाफ जहां जहां मामले चल रहे हैं, वहां वहां पुलिस तेजी से कार्रवाई कर संसद को पाक साफ बनाने की दिशा में बढ़ सकती है । यानी साल भर पहले जिसका जिक्र प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का जबाब देते हुये यह कह किया कि सुप्रीम कोर्ट न्यायिक प्रक्रिया के तहत दागी सासंदो के खिलाफ कार्रवाई करें। और जो दोषी है, उन्हें सजा मिले जो पाक साफ है वह शान से संसद में बैठें। तो दिल्ली पुलिस ने पहली बार अपनी कार्रवाई से यह तो साबित कर दिया जब किसी मंत्री की गिरफ्तारी बिना स्पीकर को जानकारी दिये बगैर की जा सकती है तो फिर सांसद हो या विधायक किसी को भी गिरफ्तार तो किया ही जा सकता है । ऐसे में सांसद, विधायक या मंत्री के किसी विशेषाधिकार का कोई मतलब भी नहीं है । यह सवाल इसलिये बड़ा है क्योंकि दिल्ली ही नहीं देश के हर राज्य में दागियों की भरमार है।

नेशनल इलेक्शन वाच की रिपोर्ट के मुताबिक समूचे देश में तो कुल 4032 विधायकों में 1258 विधायक दागी हैं। यानी जिस देश में 36 फीसदी विधायक दागी हैं, उस देश में अब हर राज्य की पुलिस को दिल्ली पुलिस की तर्ज पर कार्रवाई तो शुरु कर ही देनी चाहिये। क्योंकि दिल्ली पुलिस ने उस मिथ को भी तोड़ दिया कि किसी मंत्री की गिरफ्तारी/हिरासत के साथ संबंधित सरकार और स्पीकर/सभापति को सूचना भेजी जाए। हालाकि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन यह भी बताती है कि आपराधिक मामलों में विधायकों-सासंदों की गिरफ्तारी पर कोई पाबंदी नहीं है। यानी किसी को कोई जानकारी पहले से देने की कोई जरुरत नहीं है । तो अब सवाल तीन है । दिल्ली पुलिस की तर्ज पर क्या वाकई हर राज्य की पुलिस काम कर सकती है । दूसरा दिल्ली पुलिस क्या केन्द्र सरकार के दागी मंत्रियो के खिलाफ भी पहल कर सकती है । तीसरा क्या पुलिस को लेकर सत्ता सियासत का खेल थम सकता है । यह सारे सवाल झटके में उठते तो हैं लेकिन एक झटके में कैसे दफन हो जाते है यह भी दिल्ली से सटे यूपी में ही एक मंत्री के उपर खुल्लम खुल्ला एक पत्रकार को जिन्दा जलाने के आरोप के बाद भी गिरफ्तारी ना होने से उभरते हैं। क्योंकि उत्तरप्रदेश के मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा समेत पांच लोगों के खिलाफ शाहजहापुर के एक पत्रकार को जिन्दा जलाने के आरोप में केस दर्ज होता है है। पत्रकार मंत्री को अपनी रिपोर्ट से अवैध खनन और जमीन हड़पने का जिक्र करता है। पत्रकार के घरवाले कहते है कि मंत्री के कहने पर एक कोतवाल ही पत्रकार पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा देता है। यानी दिल्ली में पुलिस सत्ता की ताकत को भी नही बख्शती। और यूपी में सत्ता की ताकत के आगे नतमस्तक होकर कोतवाल ही पत्रकार को जिन्दा जलाने की दिशा में बढ़ जाता है। तो आखरी सवाल यही उठता है कि क्या वाकई पुलिस हो तो दिल्ली पुलिस की तरह या पुलिस होती ही है दिल्ली पुलिस की तरह।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
holiganbet güncel giriş
holiganbet güncel
holiganbet giriş
bettilt giriş
betpark giriş
klasbahis giriş
klasbahis giriş
holiganbet güncel
imajbet güncel
holiganbet güncel giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
bettilt giriş
betpark giriş
casinolevant giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betyap güncel
betpark giriş
betpark giriş
betyap giriş
betpark giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpuan giriş
betpuan giriş
matbet giriş
matbet giriş
betpuan giriş
betpuan giriş
matbet giriş
matbet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
holiganbet giriş
betgaranti mobil giriş
grandpashabet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betpark giriş
betwoon giriş
betwoon giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
betwoon giriş
betwoon giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
marsbahis giriş
marsbahis giriş
maxwin giriş
maxwin giriş
marsbahis giriş
marsbahis giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
bettilt giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
bettilt giriş
sahabet giriş
sahabet giriş