“कार से एक लड़की उतरी और बस स्टैंड की तरफ बढ़ी, एक बुजुर्ग से बोली, अंकल ये ‘मौर्या शेरेटन’ जाने का रास्ता किधर से है, बेटा आगे से जाकर दायें हाथ पर मुड़ जाना, जी शुक्रिया, तभी उसके कानों में एक मधुर संगीत गूँज उठा, “ये रेशमी जुल्फें, ये शरबती आँखे इन्हे देखकर जी रहे […]
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कब तक चलेगी, यह नौटंकी?
आम आदमी पार्टी ने अपना हाल क्या बना रखा है? कुछ ही हफ्तों में उसकी शक्ल कैसी बन गई है? दिल्ली में उसकी प्रचंड विजय ने लोगों के दिल में कैसे-कैसे सपने जगा दिए थे। कुछ लोग आशा करने लगे थे कि यदि मोदी सरकार नाकारा साबित हुई तो पांच साल बाद या उसके पहले […]
किसान और मनरेगा अधिनियम
-अशोक “प्रवृद्ध” गोंदल सिंह गाँव का एक लघु कृषक था और अपने गाँव में रहकर खेती एवं पशुपालन करते हुए अपनी आजीविका मजे में चला रहा था। संपन्न नही था फिर भी खुशहाल जीवन जी रहा था। गोंदल सिंह को खेती से बहुत प्यार था और किसान होने पर उसे गर्व था। वह कहता था […]
“आर्य समाज” को खत्म करना चाहते थे गांधी
मोहनदास करमचन्द गाँधी वैसे तो भारत के राष्ट्रपिता कहलाते हैं, लेकिन उन्होंने 1924 में मुसलमानों के प्रति अपना आगाह प्रेम प्रदर्शित करने के लिए आर्य समाज जैसे समाजिक व संस्कृति संस्था को प्रतिबंधित की वकालत करते हुए ब्रिटिश सरकार से कई बार निवेदन किया था। गाँधी ने आर्य समाज पर आक्रमण करवाने का घृणित कार्य […]
मोदी के बांग्लादेश से किये किसी भी समझौते के समझने से पहले चीन के बांग्लादेश और भारत के पडोसी राज्यों में भारत के घेरने की रणनीति के बारे में समझना अति आवश्यक है. भारत को घेरते हुए चीन ने सभी पडोसी देशो में अपने बंदरगाह बना दिए थे और इन बंदरगाहो को भारत विरोधी गतिविधियों […]
पाक और चीन नहीं है, बर्मा !
भारतीय सेना के कमांडो ने वह काम कर दिखाया है, जिसकी वकालत मैं अब से 40 साल पहले से करता रहा हूं। उन्हें बधाई! इस मामले में गृहमंत्री राजनाथसिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित दोभाल की भूमिका विशेष उल्लेखनीय है। विदेश सचिव जयशंकर ने भी बर्मा को साधे रखा। उनकी इस साहसिक कार्रवाई का असर […]
अब तेरा क्या होगा लालू ?
ब्रज किशोर सिंह मित्रों,हिंदी में एक कहावत है और है महाभारतकालीन कि मनुष्य बली नहीं होत हैं समय होत बलवान,भीलन लूटी गोपिका वही अर्जुन वही बान। 15 सालों तक बिहार पर एकछत्र राज करनेवाले लालू प्रसाद को देखकर एकबारगी स्वभाववश दया भी आती है और इस कहावत पर हमारा विश्वास और भी दृढ़ हो जाता […]
मृत्युंजय दीक्षित विगत 6 व 7 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेष यात्रा कई मायने में ऐतिहासिक व सफल कही जा सकती है। पीएम मोदी की बंाग्लादेष यात्रा की हनक और धमक भारत के धुर विरोधी चीन और पाकिस्तान दोनों में ही सुनायी पड़ रही है। वहीं भारत के अंदर प्रमुख राजनैतिक विरोधी दल […]
पुण्य प्रसून बाजपेयी पटेल, गांधी,आंबेडकर के बाद अब मोदी सरकार भगत सिंह के नाम को भुनाने की तैयारी कर रही है। भगत सिंह एक ऐसा नाम है जिसके आसरे युवाओं को लेकर सरकारी कार्यक्रम सफल बनाये जा सकते हैं और भगत सिंह के नाम के सहारे हर तबके, जाति, संप्रदाय में बिखरे युवाओं को एक […]
मानवीय पीड़ाओ में भेद -भाव
विनोद कुमार सर्वोदय अत्यंत खेद का विषय है कि कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी जी पर सांप्रदयिकता बढ़ाने व ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार समाज में मोदी जी अपने सहायको द्वारा समाज में घृणा फैला कर अल्पसंख्यको को भयभीत करके दबाव बना रहे है। क्या कोई बताएगा कि जब […]