(भारत के केन्द्रीय शासन के संचालन हेतु साठ माह के लिए निर्वाचित नरेन्द्र मोदी सरकार के समक्ष प्रस्तुत साठ तथ्यात्मक प्रस्तावों की विचार पेटिका हमारी ओर से पूर्व में प्रकाशित की गयी थी, उसी क्रम में विद्वान लेखक के द्वारा लिखित विचार पेटिका के अग्रिम अंश को हम यहां सुबुद्घ पाठकों और देश के राष्ट्रीय […]
Category: राजनीति
पेयजल की समस्या जल्द होगी दूर
नई दिल्ली में राजस्थान की जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्राी श्रीमती किरण माहेश्वरी ने की केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्राी चौधरी वीरेन्द्र सिंह से मुलाकात राजस्थान को वर्तमान पेयजल की समस्याओं से निपटने के लिए 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध करवाई जावें नई दिल्ली, 26 मार्च, 2015। राजस्थान की जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्राी श्रीमती किरण माहेश्वरी ने […]
डा० भीम राव आम्बेडकर का राष्ट्रीय स्वरुप
-डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री भारत के सामाजिक सांस्कृतिक आन्दोलन को जिन्होंने नई दिशा दी , ऐसे डा० भीम राव आम्बेडकर , का समग्र मूल्याँकन अभी भी नहीं हुआ है । उनका व्यक्तित्व विशाल था और अध्ययन का क्षेत्र अति विस्तृत था । लेकिन यह देश का दुर्भाग्य ही कहना होगा कि आम्बेडकर अन्ततः अपनी […]
भूमि−कानून : लचीला रवैया जरुरी
भूमि−अधिग्रहण कानून को लेकर देश में जबर्दस्त हलचल मची हुई है। अपने आपको किसानों का प्रतिनिधि बतानेवाले कई संगठनों ने काफी प्रभावशाली प्रदर्शन कर दिए हैं। कांग्रेस ने, अपना लचर−पचर ही सही, विरोध तो जाहिर किया है। प्रदर्शनों और संसद में चाहे मां−बेटा कुछ न बोलें लेकिन कई हारे−थके कांग्रेसी नेता जतंर−मंतर पहुंच गए। भाजपा−गठबंधन […]
भारत सरकार को ब्लैकमेल करते ईसाई मिशनरी
ईसाई मिशनरी भारत सरकार , हिन्दू समाज और भारत देश को सम्पूर्ण विश्व में बदनाम करने के लिये हमेशा झूठा और दुर्भावनापूर्ण प्रचार करते हैं । भाजपानीत सरकार आने पर इनका यह दुष्प्रचार अधिक आक्रामक हो जाता है । ईसाई मिशनरियों के इस मिथ्यापूर्ण दुष्प्रचार के संदर्भ में साक्ष्य देने के लिए डा सुरेन्द्र कुमार […]
एके49 से एके67 तक
अनिल द्विवेदी जैसे किसी ने बहते हुए दरिया को बोतल में बंद कर दिया हो और उसका जल उछलने को छटपटा रहा है, कुछ ऐसा हम भाजपा के साथ होता महसूस कर रहे हैं। इसे वरदान नहीं विडम्बना कह लीजिये कि मात्र नौ महीने पहले जिस नरेन्द्र मोदी को दिल्ली की जनता ने सातों लोकसभा […]
अंग्रेजी : राष्ट्रीय शर्म का मामला
भारत सरकार के राजभाषा विभाग ने मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मुझे पता नहीं कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस बात का कुछ पता है या नहीं? यदि उन्हें पता होता तो मुझे पूरा विश्वास है कि वे राजभाषा विभाग को वह जवाब नहीं देने देते, जो उसने देश के […]
जय मूर्छित लोकतन्त्र की!!
लालू यादव के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट में 1 मार्च 2007 को रिव्यु याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट द्वारा केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो को राज्य सरकार की सहमति के बिना जांच का आदेश देने को क्षेत्राधिकार से बाहर बताया और कहा कि यह राजनीति से प्रेरित है | याचिका पर न्यायाधिपतिगण कबीर और दत्तु ने सुनवाई […]
आज अटलजी से बेहतर भारत रत्न कौन!
आज के दिन भारत रत्न के लिए श्री अटलबिहारी वाजपेयी से बेहतर उम्मीदवार कौन हो सकता था और उनको यह सम्मान कॉंग्रेस सरकार देती तो उससे बेहतर क्या होता? लेकिन यह श्रेय मोदी सरकार को ही मिलना था। अब तक कॉंग्रेसी अटल बिहारी वाजपेयी को ‘गलत पार्टी में सही आदमी’कहते रहे| उन्होंने वह मौका खो […]
प्रो. राजेन्द्र सिंह विगत एक सहस्र वर्ष से भारतवर्ष को वह बनाने की निरंतर चेष्टा की जा रही है जो इस सर्व प्राचीन राष्ट्र की सहज प्रकृति से कतई मेल नही खाता। विदेशी आक्रांता शासकों ने इस देश के मूलभूत स्वरूप को मिटाने के लिए बृहद हिंदू समाज पर अनगिनत अत्याचार किये थे। समय पाकर […]