श्रीराम तिवारी वेशक यूपीए और कांग्रेस बहुत बदनाम हो चुके थे ,इसलिए देश की जनता ने उन्हें सत्ता से उतारना ही बेहतर समझा। वेशक एनडीए और मोदी सरकार भी हर मोर्चे पर असफल होते जा रहे हैं ! वेशक झूंठ -कपट छल और पाखंड का प्रचलन पूँजीवादी और साम्प्रदायिक सत्ता में सर्वत्र व्याप्त हो चुका […]
Category: राजनीति
समय राजनीति का नहीं, खुली बधाई का है
डा. राजीव बिंदल मोदी ने वन रैंक, वन पेंशन दी है, यह ऐतिहासिक सत्य है। नरेंद्र मोदी को इसके लिए सब ओर से खुली बधाई मिलनी चाहिए। कांग्रेस के तमाम नेताओं को इसका बढ़-चढक़र स्वागत करना चाहिए और इस पर राजनीति बंद होनी चाहिए। आखिरकार यह हमारी सेनाओं के मनोबल का भी सवाल हैज्1947 में […]
उमेश चतुर्वेदी क्या भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रश्न प्रदेश रहा सुदूर दक्षिण का राज्य केरल अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनावों में उम्मीद की नई किरण बनकर आएगा। यह सवाल राज्य की जनता से कहीं ज्यादा खुद सत्ताधारी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की अगुआ कांग्रेस पार्टी के अंदर ही गंभीरता से पूछा जा रहा […]
उमेश चतुर्वेदी स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री से उम्मीद लगा रखे लोगों को उनके भाषण में वैसी ताजगी और नई दिशा नजर नहीं आई, जैसा चुनाव अभियान से लेकर पिछले पंद्रह अगस्त तक उनके शब्दों में नजर आती रही। प्रचंड जनमत की आकांक्षाओं के रथ पर सवार होकर जिस तरह सत्ता के शीर्ष पर नरेंद्र मोदी […]
डूबते कर्ज का बढ़ता मर्ज
कमजोर कर्ज वसूली से बेहाल बैंकों के लिए एक और बुरी खबर है। भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग द्वारा जारी ताजा जानकारी के अनुसार पिछले एक साल में कर्ज वसूली पंचाटों (डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल- डीआरटी) में लंबित मामलों की संख्या और रकम में तेजी से इजाफा हुआ है। दिसंबर 2014 के अंत तक देश […]
मुलायम हुए कठोर
सियासत में रास्ते कभी खत्म नहीं होते। मुलायम सिंह के कठोर तेवर के बाद महागठबंघन में जहां सबकुछ ठहरा नजर आने लगा है तो दूसरी ओर सुलह के प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं। पहले मनाने-रिझाने पर माथापच्ची होगी। विकल्पों पर विचार या आरपार आखिरी रास्ता होगा। सवाल उठता है कि अगर गतिरोध नहीं […]
बिहार की करवट बदलती राजनीति
सुरेश हिन्दुस्थानी बिहार में होने जा रहे विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए राजनीतिक करवट बदलने का जोरदार अभियान प्रारम्भ हो गया है। इसकी राजनीतिक परिणति किस रूप में सामने आएगी, अभी ऐसा दृश्य दिखाई नहीं दे रहा, लेकिन इतना जरूर है कि राजनीतिक धुरंधरों के लिए प्रतिष्ठा बन चुका यह चुनावी समर राजनीतिक भविष्य […]
मृत्युंजय दीक्षित आजकल बिहार विधानसभा चुनावों का दौर चल रहा है। बिहार के चुनावों में जातिगत मुददा हावी है इसी बीच केंद्र सरकार ने धर्म आधारित जनगणना के आंकड़ों को बेहद शांत तरीके से जारी कर दिये हैं जिसके बाद जनमानस में एक नयी बहस को भी जन्म दे दिया है। इन आंकड़ों को देखकर […]
भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा, पारदर्शिता, पुनर्वास और पुनस्र्थापना अधिनियम-2013 में संशोधन के लिए लाए गए अध्यादेश की अवधि 31 अगस्त को समाप्त हो गई। अध्यादेश का स्थान लेने के लिए विधेयक संसद की स्थायी समित के समक्ष लंबित है। इसमें अचरज नहीं कि देश में भूमि अधिग्रहण कानून की प्रकृति और भविष्य को लेकर […]
मोदी हैं हुशियार -एक तीर से कई शिकार
हरिहर शर्मा सरकार की नीतिगत घोषणाएं सीधे जनता के बीच करने की अनोखी पहल प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। कल 11 वीं बार जनता से मन की बात करते हुए उन्होंने यह घोषणा की कि विवादास्पद भूमि अधिग्रहण को अब दोबारा नहीं लाया जायेगा। स्मरणीय है कि उक्त अध्यादेश की अवधि 31 अगस्त […]