डॉ. वेदप्रताप वैदिक आधार-कार्ड को मतदाता पहचान-कार्ड से जोड़ने के विधेयक को लोकसभा ने पारित कर दिया है। वह राज्यसभा में भी पारित हो जाएगा लेकिन विपक्ष ने इस नई प्रक्रिया पर बहुत-सी आपत्तियां की हैं। उनकी यह आपत्ति तो सही है कि बिना पूरी बहस किए हुए ही यह विधेयक कानून बन रहा है […]
Category: राजनीति
राहुल गाँधी के भाषणों का विरोधी मजाक जरूर बनाते हैं, लेकिन वह कांग्रेस की सच्चाई सार्वजनिक कर रहे हैं। कांग्रेस प्रारम्भ से लेकर आज तक अपने आपको हिन्दू हितैषी बताती है, लेकिन मुग़ल युग में हिन्दू मंदिरों को मस्जिद, दरगाह एवं कब्रिस्तानों में बदलने को वास्तविक रूप देने पर उन्हें सच्चाई छुपाकर विवादित बना दिया। दूसरे, महात्मा […]
डॉ. अजय खेमरिया देश ने अपनी आजादी के स्वर्णिम आंदोलन के बाद जिस महान नेता को लोकनायक के रूप में स्वीकार किया उस जयप्रकाश नारायण यानी जेपी के बिना आजाद भारत का कोई भी राजनीतिक विमर्श आज पूर्ण नही होता है।समकालीन राजनीति में नेतृत्व करने वाली पूरी पीढ़ी वस्तुतः जेपी की छतरी से निकलकर ही […]
अशोक मधुप ये क्या हो रहा है? मदद के लिए दिया जाने वाला धन किसी मुख्यमंत्री की निजी संपत्ति नहीं होती। राजकीय कोष होता है। प्रदेश और देश के जिम्मेदार नागरिकों द्वारा दिए गए टैक्स से संग्रह हुआ धन है, इसको इस तरह से लुटाने की अधिकार किसी को नहीं दिया जा सकता। लगता है […]
—————————————— १९७७ के विधान सभा चुनावों के पहले एक बार विजय सिंह जी नाहर ने मुझसे कहा था कि श्याम ! ईद मास्को के आदमी सिद्धार्थ शंकर राय ने कांग्रेस को ख़त्म कर दिया है। मैंने कांग्रेस को ३५ सीट से १०५ सीट पर ही नही पहुँचाया कांग्रेस के फ़्रंट को १२९ सीट […]
शरद पवार को महाराष्ट्र में सरकार बनाना भारी पड़ गया शरद पवार सरकार नहीं बनाता तब भी भारी पड़ता शरद पवार इन्हीं मुसीबतों से बचने के लिए सरकार बनाई पर भूल गया राज्य से ज्यादा केन्द्र की पावर होती है और केन्द्र में हैड नरेंद्र मोदी है। शरद पवार की यही दाल नहीं गली आज […]
प्रचार से न होगा कष्ट पीड़ितों का भला
लक्ष्मीकांता चावला सुनने में यह वाक्य अच्छा लगता है कि जनता का राज्य, जनता के लिए है। देश के सभी धन-धान्य व साधन बहुजन सुखाय, बहुजन हिताय हैं। वैसा ही कथन कि जैसे कहा जाये कि कानून के आगे सब बराबर हैं। वैसे भी सरकार बनने के बाद जनता से दूरी बना दी जाती है। […]
बृजेश शुक्ल कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में जब सोनिया गांधी अपनी ही पार्टी के नाराज नेताओं को चेतावनी दे रही थीं, तब शायद उन्हें भी इसका अहसास होगा कि विपक्षी दलों के अनेक नेता नेतृत्व का वह झंडा हथियाने की कोशिश में हैं, जिसे कांग्रेस अभी तक अपनी चीज मान कर चल रही है। […]
सोनिया गांधी ने उन सभी कांग्रेस के नेताओं और मीडिया को भी लताड़ा है और कहा है कि वह पार्ट टाइम अध्यक्ष नहीं बल्कि मैं फूल टाइम अध्यक्ष हूं। जबकि सोनिया गांधी पार्ट टाइम ही अध्यक्ष चुनी गयी थी। जब राहुल गांधी ने चुनावों में कांग्रेस की लगातार हो रही पराजय से आहत होकर अध्यक्ष […]
कैसा स्वरूप हो सकता है आगामी चुनावों का ?
नरेंद्र नाथ अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों में विपक्षी एकता की कोशिश फिलहाल धूमिल हो चुकी है। सभी सियासी दल बहुकोणीय चुनाव के नफा-नुकसान की चर्चा करने लगे हैं। अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। अब तक के जो राजनीतिक संकेत […]