अपने पाठकों के लिए हम बताना चाहेंगे कि 1962 के युद्घ के 5 वर्ष पश्चात ही 1967 में चीन ने एक बार फिर प्रयास किया था कि भारत को एक बार फिर चुनौती दी जाए और उसे मार का एक और ‘सदमा’ दिया जाए, परंतु तब तक परिस्थितियां बदल चुकी थीं । सिक्किम उस समय […]
Category: इतिहास के पन्नों से
नव वर्ष की शुभकामनाएं आज नहीं
आज ईसाई नववर्ष है । अंग्रेजों के राजा किंग जॉर्ज का जन्म दिवस है । जिसे अंग्रेजों के डोमिनियन रहे अधिकांश देश 1752 से इसी रूप में मनाते चले आ रहे हैं । भारत में भी जिनके मन मस्तिष्क से गुलामी अभी उतरी नहीं है , वे इस दिवस को बड़ी धूमधाम से मना रहे […]
इतिहास की विशेषता इतिहास किसी जाति के अतीत को वर्तमान के संदर्भ में प्रस्तुत कर भविष्य की संभावनाओं को खोजने का माध्यम है। इतिहास अतीत की उन गौरवपूर्ण झांकियों की प्रस्तुति का एक माध्यम होता है जो हमारी आने वाली पीढिय़ों को ऊर्जान्वित करता है और उन्हें संसार में आत्माभिमानी, आत्म सम्मानी और स्वाभिमानी बनाता […]
महाभारत युद्ध के पश्चात आज के दिन अर्थात 25 दिसंबर को सूर्य के उत्तरायण में आने के पश्चात भीष्म पितामह अर्थात उस समय के सबसे बड़े व्यक्ति ने प्राण त्याग किया था , इसीलिए विश्व आज भी इस महत्वपूर्ण घटना को ‘बड़ा दिन ‘ अर्थात ‘ महान दिवस : कहकर सम्मान देता है और हम […]
——————————————–अध्याय —- 18तत्तखालसा और बंदा वीर बैरागीदिल्ली के मुगल राज्य सिंहासन पर फर्रूखसियर जब विराजमान हुआ तो उसने बादशाह बनते ही बंदा वीर बैरागी के विरुद्ध षड्यंत्रकारी नीतियों को प्रोत्साहित करना आरंभ कर दिया । बादशाह स्वयं भी बंदा वीर बैरागी को अपने लिए एक चुनौती मान रहा था । वह चाहता था कि जैसे […]
—————————————– अध्याय 17 मुगलिया शासन व्यवस्था और बंदा बैरागी धरती के फैले आंगन में पल दो पल है रात का डेरा, जुल्म का सीना चीर के देखो , झांक रहा है नया सवेरा , ढलता दिन मजबूर सही , चढ़ता सूरज मजबूर सही , रात के राही रुक मत जाना , सुबह की मंजिल दूर […]
पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को कभी आसाम के नाम से ही जाना जाता था । हमारे देश की ये वह पवित्र धरती है जो विदेशियों की गुलामी में कभी नहीं रही , यदि अल्पकाल के लिए रहा भी तो उसे बहुत शीघ्र ही हमारे वीर योद्धाओं ने स्वतंत्र करा लिया । इस क्षेत्र में हमारे […]
डॉ विवेक आर्य वीर सावरकर पर राहुल गाँधी द्वारा पुन: बयान दिया गया है। पूर्व में मणिशंकर अय्यर ने मुस्लिम तुष्टिकरण को बढ़ावा देने के लिए अण्डेमान स्थित सेलुलर जेल से वीर सावरकर के स्मृति चिन्हों को हटवा दिया। यहाँ तक उन्हें अंग्रेजों से माफ़ी मांगने के नाम पर गद्दार तक कहा था। भारत देश […]
सरदार पटेल की 15 दिसम्बर पुण्यतिथि है. मुंबई के बिड़ला हाउस में इसी दिन 1950 में सुबह नौ बजकर सैंतीस मिनट पर सरदार पटेल ने आखिरी सांस ली थी. महापुरुष दो प्रकार के होते हैं, कुछ की याद उनके निधन के बाद कम होने लगती है, जबकि कुछ की याद बढ़ती जाती है.’ लौहपुरुष सरदार […]
भारत की ऐसी अनेकों नारियां हुई हैं जिन्होंने ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में अपने वे वैदुष्य का परचम लहराया है । इन्हीं में से एक महान विदुषी भारती थीं । जो कि उस काल के परम विद्वान मंडन मिश्र की पत्नी थीं ।आदि शंकराचार्य एक ऐसे महान व्यक्तित्व के धनी थे जिन्होंने अपने समय में […]