मुजफ्फर हुसैनगतांक से आगे…….कोई यह कह सकता है कि कुरान में इब्राहीम की कुरबानी की चर्चा है, इसलिए उसका महत्व अधिक है, लेकिन इस तर्क से इमाम हुसैन का त्याग और बलिदान कम नही हो जाता।इब्राहीम के दो पुत्र थे-इस्माइल और इसहाक आइजिक। इब्राहीम के पश्चात उनके दोनों ही पुत्र पैगंबर बने। इसहाक की नस्ल […]
Category: इसलाम और शाकाहार
मुजफ्फर हुसैनगतांक से आगे…….खुलेआम जानवरों की हत्या सामूहिक रूप से होती है। यह हत्या तकनीक युक्त है, जो अत्यंत दर्दनाक और क्रूरतापूर्ण है। जो हत्या की गयी है, वह व्यापारिक आधार पर लाभ कमाने के लिए की गयी है। इसलाम जैसे महान धर्म के लिए यह चिंता और चिंतन का विषय है। पशुओं की हिंसा […]
मुजफ्फर हुसैनगतांक से आगे….पैगंबर साहब की एक हदीस के अनुसार- यदि कोई एक छोटी चिड़िया को बिना किसी कारण मारता है तो उसे कयामत के दिन उसका हिसाब देना होगा। यदि कोई किसी घायल चिड़िया के प्रति दया दिखाएगा और उसकी सेवा शुश्रूषा करेगा तो कयामत के दिन ईश्वर उस पर दया दिखाएगा। यदि कोई […]
मुजफ्फर हुसैनगतांक से आगे….सूरा अल अनाम में कहा गया है-इस धरती पर न तो कोई जानवर है और न ही उड़ने वाले पक्षी। वे सभी तुम जानदारों की तरह इनसान हैं। इसलिए पृथ्वी पर रहने वाले जानवर, जिनमें पानी में रहने वाली मछलियां, मगरमच्छ, कीड़े, साथ ही चार पांव वाले जानवर, उड़ने वाले पक्षी-जिन्हें ताइर […]
मुजफ्फर हुसैनगतांक से आगे….यदि अहराम में हज यात्रा के समीप पवित्र काबा के आसपास तुमने जानवर की जान से खेलने का पाप किया और जान बूझकर उसे मार दिया तो तुम्हें बदले में उसी के समान एक जानवर देना होगा। नही दे सकते तो उसके मूल्य के बराबर भूखे को खाना खिलाना होगा और यह […]