शिव कुमार गोयलअमर शहीद सरदार भगत सिंह, सुखदेव तथा रामप्रसाद बिस्मिल ने स्वातंत्रयवीर सावरकर तथा भाई परमानंद जैसे राष्ट्रभक्तों के जीवन तथा उनके साहित्य से प्रेरणा ली थी। काकोरी काण्ड के अमर बलिदानी पं. रामप्रसाद बिस्मिल ने अपनी आत्मकथा में लिखा था-अंग्रेज सरकार द्वारा भाई परमानंद जी जैसे आर्य समाजी मनीषी, इतिहासकार तथा राष्ट्रभक्त को […]
Category: प्रमुख समाचार/संपादकीय
लोकतंत्र में शासन तंत्र की प्राणशक्ति गोपनीयता और मंत्रीपद को माना जा सकता है। राजा की योजनाएं और अति महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों की जानकारी जनसाधारण हो या विशिष्ट व्यक्ति हों, किसी को भी समय पूर्व नही होनी चाहिए। महाराज युधिष्ठर को समझाते हुए महाभारत के शांति पर्व (69/14-15) में भीष्म पितामह ने गोपनीय विषयों पर […]
मेरी प्यारी दादी मां
मेरी प्यारी दादी मांओ मेरी दादी न्यारी प्यारी,बेड़ा पार लगा जाआजा कि म्हारा मन बहलाजा हो….ओ मेरी दादी…………….1. तेरे बिन सूनी खिजाएं,बदली बदली हैं फिजाएं।पग पग मैं याद सतावै,ना आवै हमें रूलावै।।बिन तेरे घर है सूना,खाली है एक एक कोना।आजा तू तेज गति से,इंतजार कर रहा चित्त मेरा।।लगता है दूर किनारा किनारासहारा आपका जुडज़ा हो…..2.बहती […]
ग्राम चचूला (दनकौर) जिला बुलंदशहर के श्रीमान महाशय मुंशी सिंह जी आर्य के परिवार में संवत 1982 के कार्तिक माह में पूज्या नानीजी श्रीमति खजानी देवी आर्या के गर्भ से 8 अक्टूबर 1925 को माताश्री श्रीमती सत्यवती आर्या जी का जन्म हुआ। केवल प्राथमिक स्तर की आरंभिक शिक्षा ही आप प्राप्त कर पायी थीं। विपरीत […]
देवेन्द्र सिंह आर्यपाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ अपनी निजी यात्रा पर अजमेर शरीफ में जियारत के लिए आए, जिनका देश में भारी विरोध हुआ और अजमेर शरीफ के दीवान ने भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की यात्रा का विरोध करते हुए स्वयं को उनकी यात्रा से दूर ही रखा।लांस नायक हेमराज सिंह व उनके साथी के […]
चांदनी चौक कांप उठा-1
शांता कुमार23 दिसंबर, 1912 का दिन था। दिल्ली में विशेष चहल पहल थी। आज भारत के वायसराय लॉर्ड हार्डिंग बड़े समारोह के साथ दिल्ली में प्रवेश करने वाले थे। उनके भव्य स्वागत के लिए दिल्ली को नई दुल्हन की तरह सजाया गया था। इस जुलूस में सैकड़ों घोड़े, हाथी, तोपें, बंदूकें व लाखों नर नारी […]
नज्म
मैं नये साल की आमद पर हंसू तो कैसे…..?साल 2012 गुजरा तो कहर ढाकर गुजरा,मासूम दामिनी की इज्जत खाकर गुजरा,जल जले यौन हिंसा के, हत्या करके गुजरा,देश मेरा अभी गम को उठाकर गुजरा,मैं नये साल की आमद पे हंसू तो कैसे…….?निर्भया के साथ छह बहसी दरिंदों ने यौन हिंसा कर डाली,भारतीय सभ्यता संस्कृति की धज्जियां […]
डॉ. मधुसूदन उवाच *डॉ. डेवीड ग्रे -(१)”वैज्ञानिक विकास में भारत हाशिये पर की टिप्पणी नहीं है।” *(२)”वैश्विक सभ्यता में भारत का महान योगदान नकारता इतिहास विकृत है।” *(३)सर्वाधिक विकसित उपलब्धियों की सूची, भारतीय चमकते तारों की. आर्यभट, ब्रह्मगुप्त, महावीर, भास्कर, माधव के योगदानों की।” **(४)”पश्चिम विशेषकर भारत का ऋणी रहा है। *प्रो. स्टर्लिंग किन्नी –(५) […]
गतांक से आगे…. ‘ल’ पाणिनि ने लकार को दस काल तथा अवस्थाओं को प्रकट करने वाला पारिभाषिक शब्दों का ध्वन्यार्थक माना है। इसे इंद्र का विशेषण भी स्वीकार किया गया है। इसे लेने और रमण करने के अर्थों में भी प्रयुक्त किया जाता है। इस वर्ण की आकृति में अकार के मूलाधार से बांयी ओर […]
गतांक से आगे…..शांता कुमार10 जुलाई को वैस्टमिंटर अदालत में मननलाल का मुकदमा आरंभ हुआ। उसने अपनी जब से पुलिस द्वारा तलाशी में प्राप्त वक्तव्य पढऩे का आग्रह किया। पर पुलिस वक्तव्य मिलने की बात से मुकर गयी। तब मदनलाल ने जबानी ही अदालत में वक्तव्य दिया। उसका वास्तविक वक्तव्य जो बाद में प्रकाशित हुआ था […]