सृजन में सुगंध चाहें तो लेन-देन की बुद्धि न रखें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077dr.deepakaacharya@gmail.com वह हर सृजन सुगंध देने वाला होता है जो पूर्वाग्रहाें, दुराग्रहों,पक्षपात, स्वार्थ और अपेक्षाओं से मुक्त होता है क्योंकि ऎसा सृजनप्रकृति और ईश्वर प्रदत्त होता है और अन्ततः ईश्वर को ही समर्पित होताहै।आजकल दो प्रकार का सृजन हमारे सामने है। […]
Category: प्रमुख समाचार/संपादकीय
आज का चिंतन-24/05/2014
सच्चाई का प्रतीक होते हैं आँसू – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आँसू और पवित्रता के बीच गहरा रिश्ता है। ये एक-दूसरे के पर्याय हैं। आँसू अपने आप में इतने पवित्र होते हैं कि इनसे ज्यादा शुचिता किसी और द्रव में कभी हो ही नहीं सकती। ये केवल बूँदें नहीं होती बल्कि इंसान के मन-मस्तिष्क […]
आज का चिंतन-21/05/2014
शब्दों की ताकत खो देते हैं ज्यादा बोलने वाले – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हर अक्षर, शब्द और वाक्य अपने आप में कोई न कोई ऎसा सूक्ष्म प्रभाव व महानतम ऊर्जा समाहित किए हुए होता ही है जो पिण्ड से लेकर ब्रह्माण्ड तक में महापरिवर्तन की भावभूमि रचने में समर्थ होता है। आदिकाल से […]
आज का चिंतन-18/05/2014
यह वक्त है आत्मचिंतन का – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com संक्रमण का वह दौर अब समाप्त हो चुका है जब चारों तरफ उद्विग्नता और ऊहापोह वाली वो स्थिति थी जिसमें चित्त से लेकर सब कुछ कभी उछाले मारने लगा था, कभी गहरे तक डुबकी। आसमान से जात-जात के बादलों को हवाएं उड़ा ले गई और […]
गतांक से आगे……. एक समय था कि विदेशी कंपनियां भारत से कच्ची हड्डी भी खरीदा करती थीं। गुजरात की जिलेटिन कंपनियों ने जब मोरारजी भाई से इस बारे में शिकायत की कि उनका कच्चा माल विदेश चले जाने से उनके बनाए हुए जिलेटिन का मूल्य अधिक हो जाता है, इसलिए हम स्पर्धा में पिछड़ जाते […]
आज का चिंतन-17/05/2014
प्रसन्नता से स्वीकारें हर परिवर्तन – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com परिवर्तन सृष्टि का आदि क्रम है। हर परिवर्तन हर व्यक्ति, क्षेत्र और परिवेश के लिए अच्छा ही अच्छा हो, यह संभव नहीं है। जिस प्रकार हर सुख और दु ःख को समय सापेक्ष माना गया है और स्पष्ट किया गया है कि एक समय तक ही […]
हर जगह विद्यमान हैं मायावी स्पीड ब्रेकर – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हर विचार और कर्म का अपना निर्धारित प्रवाह होता है जो अपने आप चलता चला जाता है और परिणाम देता रहता है। यह जीवन से लेकर जगत तक का क्रम स्वतः और स्वाभाविक रूप से चला आ रहा है और चलता रहेगा। […]
आज का चिंतन-14/05/2014
झूठी तारीफ न करें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com अब इंसान अच्छे कामों की बजाय अपनी झूठी तारीफ से खुश होता है। कोई कितना ही अच्छा काम करने वाला हो, उसका कोई मूल्य नहीं है। आजकल इंसान अपनी ही अपनी तारीफ सुनना चाहता है, जो उसकी तारीफ करता है, प्रशस्तिगान करता है वह उसका हो जाता है, भले ही […]
आज का चिंतन-13/05/2014
सबकी हैं अपनी-अपनी मजबूरियाँ – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आजकल कोई भी इंसान अपने अकेले के बूते कुछ भी कर पाने में समर्थ नहीं है सिवाय मजबूरियों का रोना रोते रहने के या आत्मदुःखी होकर कोने तलाशने अथवा पलायन करने के। वो जमाना चला गया जब एक इंसान को अपनी ताकत पर भरोसा होता […]
आज का चिंतन-12/05/2014
समाज को बचाएँ पूंजीवादियों और प्रभावशालियों से – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हम सारे के सारे लोग सामाजिक अनुशासन और मर्यादाओं की बड़ी-बड़ी डींगे हाँकने में माहिर हैं। कोई जातिवाद की ढपली बजा रहा है, कोई अपने आपको ऊँच-नीच के पैमानों पर खरा उतारने की कोशिश करने में जुटा हुआ है, कई सारे ऎसे […]