धर्म, कर्मकाण्ड, भक्ति और सेवा-पूजा के नाम पर हमने भगवान के पैसों को भी नहीं छोड़ा है। हम कैसे भक्त हैं जो अपनी कमायी का एक धेला भी खर्च करना नहीं चाहते हैं और भक्त कहलाने का लोभ भी संवरण नहीं कर पाते हैं। भक्ति और धर्म के नाम पर हम साल भर में जो-जो […]
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अंग्रेज़ बहुत चालक थे ! किसी भीगलत काम को करने से पहले उसको कानून बना देते थे फिर करते थे और कहते थे हम तो कानून का पालन कर रहे हैं !!भारत मे पहला गौ का कत्लखाना 1707 ईस्वी ने रॉबर्ट क्लाएव ने खोला था और उसमे रोज की 32 से 35 हजार गाय काटी […]
आजकल आम आदमी से लेकर बड़े से बड़ा आदमी और किसी से परेशान भले न हो, अपनी बुराई और निंदा करने वालों से हैरान जरूर रहने लगा है। अधिकांश लोगों के तनाव की मूल वजह यही है। अधिकतर लोगों को लगता है कि चाहे वे कितने ही अच्छे हों, कितने ही अच्छे काम करते हों, […]
राष्ट्रनिर्माता के रूप में शिक्षकीय भूमिका को कोई नकार नहीं सकता। जिन बुनियादी तत्वों से समाज और देश बनता है उसकी मजबूत इकाई शिक्षक के पास होती है और उसी के हाथ में होता है कि वह परमाण्वीय क्षमताओं से युक्त नई पौध को किस प्रकार के साँचे में ढालता है। राष्ट्र निर्माण की इकाई […]
ओ३म्:पीयूष धारा-2
ओ३म् अकायम अपाप-विद्घम्परि-अगात शुक्रम् अरू शुद्घमकविर्मनीषी नित्य स्वयम्भूओ३म् शाश्वत सूक्ष्म परिभू ।। 30 ।। जिसका है जग में उजियारासत्य सनातन ओ३म् हमाराओ३म् पिता सबकी सुध लेताठीक ठीक सबको फल देता ।। 31 ।। ओ३म् अदृश्य अखण्ड असंगीसृष्टि है जिसकी बहुरंगीकालों का भी काल ओ३म् हैदाता दीन दयाल ओ३म् है ।। 32 ।। समय अमोलक जानकर […]
हम समुदाय व देश के लिए हैंमुट्ठी भर लोगों के लिए नहीं – डॉ. दीपक आचार्य9413306077dr.deepakaacharya@gmail.com देश का प्रत्येक नागरिक समाज और देश के लिए है और उसे सुनागरिक के रूप में इनकी सेवा और उन्नति के लिए निरन्तर प्रयत्नशील रहना चाहिए। हमारी भारतीय जीवन पद्धति में व्यक्तिवाद की बजाय राष्ट्रवाद और समाजवाद का भाव गहरे […]
– डॉ. दीपक आचार्य9413306077 समाज और देश की बुनियाद तभी तक मजबूत रह पाती है जब तक कि समझदार लोग सही और गलत के बारे में समाज का सटीक और स्पष्ट मार्गदर्शन करते रहें। यह काम बुद्धिजीवियों का है जो कि समाज-जीवन के कई क्षेत्रों में अपना दखल रखते हैं। जो मिट्टी और हवा इन्हें पालती-पोसती […]
– डॉ. दीपक आचार्य9413306077dr.deepakaacharya@gmail.com हममें से खूब सारे लोगों की दो श्रेणियां मशहूर हैं। एक वे हैं जो कुछ न कुछ ज्यादा से ज्यादा पा जाने के फेर में लगातार कोल्हू के बैल या श्वानों की तरह हड़बड़ी में इधर-उधर दौड़-भाग कर रहे हैं, न रातों को नींद आती है, न दिन का कोई चैन।भोग-विलास, संसाधनों और मुद्राओं के […]
आज का पंचांग
««««« आज का पंचांग »»»»»कलियुगाब्द……………..5116विक्रम संवत्…………….2071शक संवत्……………….1936रवि…………………..दक्षिणायन मास (पूर्णिमंत)………..भाद्रपद पक्ष ………………………शुक्ल तिथी……………………..तृतीया रात्रि 02.09 पर्यंत पश्चात चतुर्थीनक्षत्र……………उत्तराफाल्गुनी प्रातः 11.29 पर्यंत पश्चात हस्तयोग………………………साध्य करण …………………..तैतिल ऋतु……………………….शरद दिन……………………..गुरुवार आंग्ल मतानुसार :- 28 अगस्त सन 2014 ईस्वी ।
आज का युग
नयी सदी से मिल रही, दर्द भरी सौगात!बेटा कहता बाप से, तेरी क्या औकात!!अब तो अपना खून भी, करने लगा कमाल!बोझ समझ माँ-बाप को, घर से रहा निकाल!!पानी आँखों का मरा, मरी शर्म औ लाज!कहे बहू अब सास से, घर में मेरा राज!!भाई भी करता नहीं, भाई पर विश्वास!बहन पराई हो गयी, साली खासमखास!!मंदिर में […]