दैवी साधना नवरात्रि का मुख्य ध्येय है जिसमें युगों से ब्रह्माण्ड कासंचालन करने वाली जगदम्बा की पूजा-आराधना विविध उपचारों से की जाती रहीहै और हर कोई चाहता है कि दैवी मैया प्रसन्न होकर वह सब कुछ उसकी झोलीमें डाल दें जिसकी कामना वह अर्से से करता रहा है।दैवी साधना सभी लोग अपने-अपने लक्ष्यों की प्राप्ति […]
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ध्रुव सहानी द्वारा लिखित ….आनंद गुप्ता द्वारा अग्रेषित मित्रो गाय आवारा नहीं है ,आवारा वो होता है जिसका खुद का घर होफिर भी बाहर घूमता हो , गायों के हिस्से की 3 करोड़ 32 लाख 50 हजार एकड़ ज़मीन गोचर भूमि भूमि पिछले कुछ वर्षो मे भ्रष्ट नेताओ और अधिकारियों ,ग्राम पंचायतों द्वारा हड़प ली […]
नवरात्रि देवी उपासना का वह वार्षिक पर्व है जिसमें हम सभी उस मैया की आराधना करते हैं जो असुरों और आसुरी शक्तियों का संहार कर हमें असीम शांति, शाश्वत आनंद और सुकून देती है। यह नवरात्रि पर्व असुरों के उन्मूलन का संदेश देने वाला वह पर्व है जिसमें अच्छाइयों के विकास एवं विस्तार के साथ […]
नवरात्रि शक्ति पूजा का पर्व है जिसमें शक्ति की उपासना की जाती है। यह पूरा जगत अग्नि-सोमात्मक और शिव-शक्ति का ही प्रतीक है जिसमें शक्ति तत्व के बिना किसी भी प्रकार का स्पंदन तक कर पाने में न शिव समर्थ हैं न और कोई। यह शक्ति ही है जो सृजन और विध्वंस की तमाम क्षमताओं […]
दैवी साधना करो और करने दो
दैवी उपासना का वार्षिक महापर्व नवरात्रि जगदम्बा की साधना के जरिये शक्ति संचय और दैवीय ऊर्जाओं के संग्रहण का अवसर है। सदियों से इस दौरान दुर्गा सप्तशती के पाठ, नवचण्डी, नवार्ण मंत्र, दश महाविद्या साधना और देवियों से जुड़ी विभिन्न प्रकार की साधनाओं से लेकर तंत्र-मंत्र और यंत्र सिद्धियां प्राप्त किए जाने के लिए भिन्न-भिन्न […]
खुशियां बांटता पर्यटन
शादीशुदा लोग हो या फिर दोस्तों का समूह जब व्यवस्तता और आपाधापी के बीच घर से कहीं दूर घूमने-फिरने के लिए जाता है तो लौटने के बाद वह अपने आपको तरोताजा और स्वस्थ महसूस करने लगता है। वे अपनों से दूर अनजान शहर/देश की ओर यह सोचते हुए चल पड़ते हैं कि इस ट्रिप का […]
समझें शक्ति उपासना का मर्म
शक्ति उपासना का वार्षिक पर्व नवरात्रि आज से शुरू हो गया है। साल भर में इस प्रकार के कई अवसर आते हैं जब हम उपासना के नाम पर बहुत कुछ करते हैं। उत्सव, पर्व और त्योहारों के साथ ही आजकल शक्ति उपासना के कई नवीन सरोकारों का प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है। नवरात्रि वह […]
समानता और समरसता
भारत की गुलामी के कालखंड में भारतीय शास्त्रों पर टीकाकारों ने कई टीकाएँ लिखी गई. उन्हीं कुछ टीकाओं में से शब्दों के वास्तविक अर्थ अपना मूल अर्थ खोते चले गए. इतना ही नही मनुस्मृति में भी मिलावट की गई. डा. पी.वी. काने की समीक्षा के अनुसार मनुस्मृति की रचना ईसापूर्व दूसरी शताब्दी तथा ईसा के […]
विरोधी कौन ?
आजकल हर कोई किसी न किसी को अपना विरोधी बता कर परेशान हो रहा है, बेवजह तनाव मोल ले रहा है और जिन्दगी को अनावश्यक रूप से बोझिल बना रहा है। विरोध के बारे में स्पष्ट अवधारणा यही है कि विरोध सिर्फ उस बात का होता है, और होना चाहिए जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्तों […]
डॉ0 संतोष राय भारत माता के गगनांचल रूपी आंचल में ऐसे-ऐसे नक्षत्र उद्दीप्त हुये हैं, जो न केवल भारत भूमि को बल्कि संपूर्ण विश्व भू मंडल को अपने प्रकाश पुंजों से आलोकित किया है। ऐसे ही एक महान नक्षत्र का उदय भारत की पावन भूमि पर हुआ जो संपूर्ण जगत में नाथूराम गोडसे के नाम […]