प्रश्न 1 गाय क्या है? उत्तर : गाय ब्रह्मांड के संचालक सूर्य नारायण की सीधी प्रतिनिधि है इसका अवतरण पृथ्वी पर इसलिए हुआ है ताकि पृथ्वी की प्रकृति का संतुलन बना रहे पृथ्वी पर जितनी भी योनियाँ हैं सबका पालन. पोषण होता रहे। इसे विस्तार में समझने के लिए ऋ गवेद के 28वें अध्याय को […]
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विश्व-संगठन एवं विश्व धर्म
मानव के मानव पर अत्याचार करने की प्रवृत्ति ने विश्व के देशों को देशों पर अत्याचार करने के लिए प्रेरित किया,सम्प्रदाय को सम्प्रदायों पर अत्याचार करने के लिए प्रेरित किया। विश्व में उपनिवेशवादी व्यवस्था का जन्म मनुष्य की इसी भावना से हुआ। अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहने और दूसरों के अधिकारों के प्रति असावधान […]
डा. भरत झुनझुनवाला गाय और भैंस के दूध की गुणवत्ता के अंतर को जनता तक पहुंचाना चाहिए। वर्तमान में उपलब्ध फैट की मात्रा के आधार पर दूध की खरीद होती है। फैट की होड़ में गाय पीछे रह जाती है। बच्चों को भैंस का दूध पिलाया जा रहा है और उनकी बुद्धि भी भैंस जैसी […]
श्रेय और प्रेय का मार्ग
अशोक “प्रवृद्ध” पृथ्वी के उत्तर और दक्षिण में दो ध्रुव – उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव हैं । दोनों ध्रुवों को ही पृथ्वी की धुरी कहा जाता हैं और दोनों में ही असाधारण शक्ति केन्द्रीभूत मानी जाती हैं । इसी भान्ति चेतन तत्त्व के भी दो ध्रुव हैं जिन्हें माया और ब्रह्म कहा जाता है […]
अशोक “प्रवृद्ध” ऋग्वेदादि वैदिक व पौराणिक ग्रंथों में अब तक सिमटी प्राचीनतम और हजारों वर्ष पूर्व लुप्त हो चुकी सरस्वती नदी का आदिबद्री के गाँव मुगलवाली (हरियाणा के महेंद्रगढ़ /यमुनानगर जिला का मुगलावाली गाँव) में उद्गम होना ऐतिहासिक, पुरातात्विक और भौगोलिक दृष्टि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना है और इस खोज से भारतीय इतिहास की […]
मनमोहन सिंह पर आरोप
दूरसंचार संस्था ‘ट्राय’ के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप बैजल ने अपनी किताब में भयंकर रहस्योद्घाटन कर दिया है। उन्होंने जो कुछ लिखा है, यदि वह सत्य है और उसको प्रमाणित किया जा सके तो यह पूर्व प्रधानमन्त्री डॉ. मनमोहन सिंह और सी.बी.आई की सारी प्रतिष्ठा को धूल में मिला देगा। बैजल ने अपनी पुस्तक “ द […]
वह सुबह कभी तो आयेगी…..
पुण्य प्रसून बाजपेयी ठीक साल भर पहले सुबह से दिल की धडकन देश की बढ़ी थी । हर की नजरें न्यूज चैनलों के स्क्रीन पर लोकसभा चुनाव परिणाम का इंतजार कर रही थी। ऐसे में न्यूज चैनल के भीतर की धड़कने कितनी तेज धड़क रही होंगी और जिसे न्यूज चैनल के स्क्रीन पर आकर चुनाव […]
-रीता विश्वकर्मा अपने देश में प्राकृतिक(दैवीय) आपदा से त्रस्त लोग मानवजनित आपदाओं के प्रकोप की पीड़ा सहज नहीं कर पा रहे हैं-परिणाम यह हो रहा है कि वह आत्महत्या करने लगे हैं। उत्तर प्रदेश सूबे में गत महीनों चक्रवातिक बरसात से किसानो की फसल बरबाद हो गयी थी। सरकार ने रहम कर पीड़ितों को क्षतिपूर्ति […]
सुरेश चिपलुनकर गत 30 जनवरी को महात्मा गाँधी के अन्तिम ज्ञात (?) अस्थि कलश का विसर्जन किया गया। यह “अंतिम ज्ञात” शब्द कई लोगों को आश्चर्यजनक लगेगा, क्योंकि मानद राष्ट्रपिता के कितने अस्थि-कलश थे या हैं, यह अभी तक सरकार को नहीं पता। कहा जाता है कि एक और अस्थि-कलश बाकी है, जो कनाडा में […]
फ़िरदौस ख़ान केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के ख़िलाफ़ कांग्रेस की नई दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई किसान खेत मज़दूर रैली के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद में सरकार पर हमला बोला. उन्होंने केंद्र सरकार को ‘सूट बूट की सरकार’ बताया और प्रधानमंत्री को किसानों से जाकर उनका हाल पूछने और […]