वेद प्रकाश शास्त्रीगायत्री-महत्व-इस संसार में कीट, पतंग, सरीसृप, पशु, पक्षी, मनुष्य आदि अनेक प्राणी है परंतु इनमें मानव योनि से श्रेष्ठ अन्य कोई नहीं-नहि मानुषात श्रेष्ठतरं हि किञ्चित् ।।महाभा. शा. 180। 12क्योंकि मनुष्य योनि कर्म और भोग दोनों के लिए ही है। जबकि मनुष्येतर सारी योनियां भोग योनियां हैं। मनुष्य शुभ कर्मों के द्वारा अपने […]
Category: भारतीय संस्कृति
प्रकाशवीर शास्त्री वीर सावरकर उन दूरदर्शी राजनीतिज्ञों में थे जो समय से पहले ही समय के प्रवाह को अच्छी तरह समझ जाते हैं। जब भारत विभाजन की चर्चा चल रही थी तो भारत विभाजन के बाद क्या क्या परिस्थितियां इस देश को देखनी होंगी, सावरकर जी को इसका अनुमान बहुत पहले था और इसीलिए स्थान […]
खगोलीय पिंड और हमारा जीवन-2
सुरेन्द्र प्रसाद राय गतांक से आगे…. इस तरह प्रात: होते ही यह वातावरण में विद्यमान रात्रि के प्रदूषण एवं विषाणुओं को नष्ट कर वातावरण को शुद्घ करता है। यही कारण है कि मकान का मुख्य द्वार पूरब की ओर रखना अच्छा माना जाता है ताकि प्रात: होते ही पर्याप्त मात्रा में पराबैंगनी विकिरण घर में […]
हिंदू राजनीति विषय से आशय हिंदू तंत्र अथवा हिंदू राज्य शास्त्र (Hindu Polity-Hindu Politics) से है। यह विषय अति व्यापक एवं दुरूह है। इस विषय के बहुत से प्राचीन ग्रंथ काल के प्रवाह में विलुप्त कर दिये गये हैं। विदेशी आक्रामकों द्वारा अनेक विशाल पुस्तकालय जलाकर राख कर दिये गये। जो दुर्लभ ग्रंथ किसी प्रकार शेष […]
झज्जर। यहां आर्य समाज के उत्साही नवयुवकों द्वारा ‘हिंदुत्व के समक्ष चुनौतियां और उनका समाधान’ विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसे मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए ‘उगता भारत’ के संपादक राकेश कुमार आर्य ने कहा कि इस समय देश सचमुच सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से घिरा […]
यहां राष्ट्रीय आर्य निर्मात्री सभा का जनपदीय सम्मेलन बड़े धूमधाम से संपन्न हुआ। सम्मेलन में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सांगोपांग वेद विद्या के प्रकांड विद्वान आचार्य परमदेव मीमांसक ने कहा कि हजारों मत पंथों अर्थात तथाकथित धर्मों से यह देश हिंदुस्तान बिखरा हुआ था। मुसलमानों की 700 से अधिक वर्षों की गुलामी से […]
आज के इस दौर में, जहाँ हमारे देशवासी छोटी-सी-छोटी तकलीफ के लिए बड़ी ही हाईपावर की दवा-गोलियों का इस्तेमाल कर अपने शरीर में जहर घोलते जा रहे हैं, वहीं हमारे ऋषि-महर्षियों द्वारा अनुभव कर प्रकाश में लाया गया एक अत्यधिक आसान प्रयोग, जिसे अपनाकर प्राचीनकाल से करोड़ो भारतवासी सदैव स्वस्थ व प्रसन्नचित्त रहते हैं। आप […]
साहित्य तथा पत्र पत्रिकाओं के नाम पर आजकल देश में गंदी और अपराधों की प्रेरणा देने वाली भोंडी सामग्री का बोलबाला होता जा रहा है।राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई, कोलकाता, मद्रास, चण्डीगढ़, लखनऊ, भोपाल तथा जयपुर जैसे बड़े नगरों में अश्लील तथा अपराधों की ओर प्रवृत्त करने वाली पुस्तकें तथा पत्र-पत्रिकाएं धड़ल्ले से बेचने अथवा […]
महर्षि अगस्त्य एक वैदिक ॠषि थे। इन्हें सप्तर्षियों में से एक माना जाता है। ये वशिष्ठ मुनि (राजा दशरथ के राजकुल गुरु) के बड़े भाई थे। वेदों से लेकर पुराणों में इनकी महानता की अनेक बार चर्चा की गई है, इन्होने अगस्त्य संहिता नामक ग्रन्थ की रचना की जिसमे इन्होँने हर प्रकार का ज्ञान समाहित […]
-आपका जन्म हरियाणा में हुआ था।-आप वैश्य जाति में जन्मे थे किंतु आप शेर की भांति दहाड़ कर बोलते थे।-आपको गुण-कर्म-स्वभाव के आधार पर दिल्ली केसरी अथवा शेर-ए-दिल्ली कहा जाता था।-आप शाकाहारी थे और गऊ का दूध पीते थे-आप अखिल भारत हिंदू महासभा के चार बार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गये।-आप दिल्ली नगर निगम और दिल्ली […]