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हिन्दूराज

कुत्तो ने सोंचा , जंगल केराजा को दहला देंगे ,गागर ने सोचा सागर को पीकर मनबहला लेंगे !.गीदड़ो ने साजिश कि गजराज को आँखदिखाने कि ,अंगारो ने कोशिश कि सूरज को आगलगानेकि !.किन्तु ये क्या जाने , लोटे में यानना चलते है ,चूहो कि आवाजाही से पहाड़कभी ना हिलतेहै !.देश द्रोहियो का सारा अरमानधरा रहजाएगा […]

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