वर्षा शर्मा मानव जीवन में पहला सुख निरोगी काया का माना जाता है। यह ठीक भी है अच्छे स्वास्थ्य के लिए हम क्या कुछ करने को तैयार नहीं हो जाते। योग भी शरीर को स्वस्थ रखने में हमारी सहायता करता है। चित्र वृत्तियों के शमन को योग कहा जाता है। योग के आठ अंग हैं, […]
Month: July 2015
घरों में फ्रिज क्या आया, मटके गायब हो गए। मगर मिट्टी का मटका आज भी गरीबों का फ्रिज बना हुआ है। मटके के पानी को आयुर्वेद में भी महत्ता दी गई है। मटके का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है। मटके में कई छोटे-छोटे छेद होते हैं- जो पानी को ठंडा करने में मदद […]
विश्व-संगठन एवं विश्व धर्म
मानव के मानव पर अत्याचार करने की प्रवृत्ति ने विश्व के देशों को देशों पर अत्याचार करने के लिए प्रेरित किया,सम्प्रदाय को सम्प्रदायों पर अत्याचार करने के लिए प्रेरित किया। विश्व में उपनिवेशवादी व्यवस्था का जन्म मनुष्य की इसी भावना से हुआ। अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहने और दूसरों के अधिकारों के प्रति असावधान […]
हमारा देश लालची लोगों का देश है
आकार पटेल यह और बात है कि हम खुद को सबसे अधिक देशभक्त होने का दावा करते हैं तथा ‘ऐ मेरे प्यारे वतन’ जैसे गीत या राष्ट्रगान सुन कर हमारी आंखों में आंसू आ जाते हैं, लेकिन हमारी देशभक्ति के दिखावे की यही हद है। कुछ ही महीने पहले, मैंने बंगलुरू में अपने घर के […]
डा. भरत झुनझुनवाला गाय और भैंस के दूध की गुणवत्ता के अंतर को जनता तक पहुंचाना चाहिए। वर्तमान में उपलब्ध फैट की मात्रा के आधार पर दूध की खरीद होती है। फैट की होड़ में गाय पीछे रह जाती है। बच्चों को भैंस का दूध पिलाया जा रहा है और उनकी बुद्धि भी भैंस जैसी […]
तू मौत का ढंग तो जानता है, पर जीवन की पहचान नही।हिंसा का बन व्याघ्र गया, जो कहता अपने को मानव यदि यही है उन्नत मानव, तो कैसा होगा दानव?करता अट्टाहास जीत पर, खून बहाकर भाई का। कितनी भक्ति की भगवान की, क्या किया काम भलाई का?शांत शुद्घ अंत:करण से, क्या कभी यह सोचकर देखा?निकट […]