-निर्मल रानी- भारतवर्ष में नवरात्रि की समाप्ति पर कन्या पूजन किए जाने की परंपरा है। ज़ाहिर है ऐसा कर हमारा समाज यही संदेश देना चाहता है कि हमारे देश में कन्याओं को बेहद सम्मान दिया जाता है। कोई इन्हें देवी के नाम से पुकारता है तो कभी इन्हें जगतजननी का नाम दिया जाता है। परंतु […]
Month: January 2015
मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है
राजीव शर्मा “राज” मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई हैकुछ जिद्दी, कुछ नक् चढ़ी हो गई हैमेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है अब अपनी हर बात मनवाने लगी हैहमको ही अब वो समझाने लगी हैहर दिन नई नई फरमाइशें होती हैलगता है कि फरमाइशों की झड़ी हो गई हैमेरी बेटी थोड़ी सी […]
गांधीजी की हत्या और संघ के प्रति षडयंत्र
एक ओर जहां दुनिया राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की ६७वीं पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए उनके आदर्शों और शिक्षाओं को आत्मसात कर श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है, वहीं इतने वर्षों बाद भी राष्ट्र को देवी रूप में पूजने वाले विश्व के सबसे बड़े सामाजिक संगठन संघ को उनकी हत्या के षड़यंत्र से जोड़ने की कृसित […]
पं0 दयानंद शास्त्री सभी जानते हैं की भोजन केवल शरीर को ही नहीं बल्कि हमारे मस्तिष्क को हमारे मन को हमारे विचारों को प्रभावित करता है !दूषित अन्न जल का सेवन न सिर्फ आपे शरीर और मन को बल्कि आपकी संतति को भी प्रभावित करता है !ऋषि मुनियों ने दीर्घ जीवन के जो सूत्र बताये […]
स्कूली बच्चों के नृत्यों की श्रेणी में पश्चिम क्षेत्रा सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर को मिला सर्वश्रेष्ठ नृत्य का पुरस्कार नई दिल्ली, 30 जनवरी, 2015। नई दिल्ली के राजपथ पर 26 जनवरी को आयोजित गणतंत्रा दिवस परेड में भाग लेने वाले परेड दस्तों, नृत्य-समूहों एवं अन्य सभी भागीदार कलाकारों की प्रस्तुति एवं हुनर को प्रोत्साहित करने के लिए […]
भगवान् अगले जन्म मुझे बेटी ना बनाना
राजीव शर्मा “राज” भगवान् अगले जन्म मुझे बेटी ना बनाना भगवान् अगले जन्म मुझे बेटी ना बनाना कुछ अपने घरों में हर साल कन्या पूजन करवाते हैं कुछ बेदर्दी कोख में बेटी मारने की दूकान चलाते हैं क्यों बेटों की चाह को हम, मन में पालते हैं ? अपनी बेटियों को क्यों नही हम संभालते […]
रिश्तेदार और गांव वाले अक्सर कहते थे कि पढ़-लिखकर क्या तूं अफसर बन जाएगी। गुस्सा तो बहुत आता था, मगर कोई प्रतिक्रिया देने के बजाए मैं मन लगाकर पढ़ती थी। इरादा और मजबूत होता था। मैं उन निराशावादी बातें करने वालों को जवाब तो देना चाहती थी, मगर अपनी प्रतिभा से, अपने हुनर से और […]
दिल्ली फतह की इतनी बेताबी क्यों है?
पुण्य प्रसून वाजपेयी बजट के महीने में देश के वित्त मंत्री को अगर दिल्ली चुनाव के लिये दिल्ली बीजेपी हेडक्वार्टर में बैठना पड़े। केन्द्र के दर्जन भर कैबिनेट मंत्रियों को दिल्ली की सड़कों पर चुनावी प्रचार की खाक छाननी पड़े। सरकार की नीतियां चकाचौंध भारत के सपनों को उड़ान देने लगे। और चुनावी प्रचार की […]
मोदी-ओबामा की ‘मन की बात’
महाशाक्ति प्रमेन्द्र प्रताप सिंह ओबामा से सवालः वापस जाने पर अपनी बेटियों को आप भारत के बारे में क्या बताएंगे? ओबामा से सवालः वापस जाने पर अपनी बेटियों को आप भारत के बारे में क्या बताएंगे? जवाबः मेरी बेटियां भारत आने को उत्सुक थीं। स्कूल की परीक्षाओं में व्यस्तता के कारण वे नहीं आ सकीं। […]
तरक्की के मोर्चे पर चीन का मुकाबला
बतंगड़ हर्षवर्धन त्रिपाठी भारतीय शेयर बाजार इन दिनों उसैन बोल्ट से भी तेज रफ्तार से दौड़ रहा है। इस तेजी के पीछे अगर कोई एक वजह सबसे बड़ी है तो वो ये है कि भारत चीन की पीछे छोड़ने वाले है। चीन को लेकर सिर्फ भारत के ही लोगों का नहीं, दुनिया का कुछ ऐसे […]