-जनता के हित के लिए लाया जाने वाला जनहित वाद है। जहां केाई व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह के मौलिक अधिकारों के अतिक्रमण के कारण विधिक क्षति होती है, और वे सामाजिक या आर्थिक अयोग्यता के कारण न्यायालय जाने में असमर्थ हैं। तो कोई भी व्यक्ति अनुच्छेद-32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय व अनुच्छेद-226 के तहत […]
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