संजय द्विवेदी अब जबकि भोपाल में 10 सितंबर से विश्व हिंदी सम्मेलन प्रारंभ हो रहा है, तो यह जरूरी है कि हम हिंदी की विकास बाधाओं पर बात जरूर करें। यह भी पहचानें कि हिंदी किसकी है और हिंदी की जरूरत किसे है? लंबे समय के बाद दिल्ली में एक ऐसी सरकार है जिसके मुखिया […]
Author: अमन आर्य
दुनिया का सबसे बड़ा सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म फेसबुक इंक ने अपने मैसेंजर सर्विस के अंतर्गत पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट ‘M’ लेकर आया है। इसके प्रतियोगियों की तरह यह यूजर्स को मौसम की जानकारी और पिछली रात के बेसबॉल के स्कोर्स और माउंट एवरेस्ट की उंचाई जैसे बातों को बताएगा। M का उपयोग रिमाइंडर भेजने और ऑनलाइन […]
घरेलू हैंडसेट निर्माता Intex ने कहा कि यह Redmond आधारित IT की बड़ी कंपनी Microsoft के साथ पार्टनरशिप कर रहा ताकि दो वर्ष के लिए Microsoft के वनड्राइव के जरिए स्मार्टफोंस में 50 GB का क्लाउड स्टोरेज स्पेस दे सके। कंपनी ने कहा, ‘Intex Smartphones में 16GB ROM और 2GB RAM के साथ वन ड्राइव […]
क्या आप एडवेंचर स्पोर्ट्स की चाहत में कुछ भी छोड़ सकते हैं? क्या आप प्रकृति के करीब रहना पसंद करते हैं? अगर इन सवालों का जवाब आपकी ओर से ‘हां’ है, तो आप एडवेंचर स्पोर्ट्स की दुनिया में अपने लिए बेहतर करियर तलाश सकते हैं। घरेलू पर्यटन में वृद्धि होने की वजह से एडवेंचर स्पोर्ट्स […]
मेरठ की वह सुर्ख सुबह
जनवरी 1857 की शुरूआत में ही मेरठ छावनी के सिपाहियों को एक नये कारतूस के प्रयोग की हिदायत दे दी गयी थी। नई एनफील्ड कारतूस जारी कर दी गयी थी। लेकिन अंग्रेज अधिकारियों को सूचना मिली कि कारतूस को लेकर सिपाहियों में तमाम तरह की आशंकाएं हैं। मुसलमान और हिंदू सिपाहियों को खबर मिली थी […]
मुलायम हुए कठोर
सियासत में रास्ते कभी खत्म नहीं होते। मुलायम सिंह के कठोर तेवर के बाद महागठबंघन में जहां सबकुछ ठहरा नजर आने लगा है तो दूसरी ओर सुलह के प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं। पहले मनाने-रिझाने पर माथापच्ची होगी। विकल्पों पर विचार या आरपार आखिरी रास्ता होगा। सवाल उठता है कि अगर गतिरोध नहीं […]
प्रवीन गुगनानी विश्व हिंदू परिषद उस संगठन का नाम है जो संभवत: देश में संगठन कम और परिवार अधिक के रूप में चिर परिचित है; इस देश के बहुसंख्य हिंदुओं ने इस संगठन को जहां परिवार के रूप में देखा व स्वयं को इसकी इकाई के रूप में महसूसा वहीँ इसे संगठन के रूप में […]
मुगलों के वारिस रहते हैं अस्मानगढ़ में
प्रस्तुति : डा. जगत सिंह सिसोदिया कहावत है कि आदमी बड़ा नही होता, वक्त बड़ा होता है। उसी वक्त की आंधी ने मुगलिया हुकूमत और उसकी आन-बान को मिट्टी भले ही कर दिया हो, लेकिन इसी बात पर इतिहास की किताब से उनके शानदार बीते हुए कल का पन्ना तो नही फाड़ा जा सकता। कभी सुदूर […]
मृत्युंजय दीक्षित भारतीय शिक्षा जगत को नई दिशा देने वाले डा. राधाकृष्णन का जन्म दक्षिण मद्रास में लगभग 60 किमी की दूरी पर स्थित तिरूतनी नामक छोटे से कस्बे में 5 सितम्बर सन 1888 ई. को सर्वपल्ली वीरास्वामी के घर पर हुआ था। उनके पिता वीरास्वामी जमींदार की कोर्ट में एक अधीनस्थ राजस्व अधिकारी थे। […]
प्रमोद भार्गव कृष्ण बाल जीवन से ही जीवनपर्यंत समााजिक न्याय की स्थापना और असमानता को दूर करने की लड़ाई देव व राजसत्ता से लड़ते रहे। वे गरीब की चिंता करते हुए खेतीहर संस्कृति और दुग्ध क्रांति के माध्यम से ठेठ देशज अर्थ व्यवस्था की स्थापना और विस्तार में लगे रहे। सामारिक दृष्टि से उनका श्रेष्ठ […]