वंदना भारती सांसें तेज चलना, गहरी सांस न ले पाना, सांस लेने में परेशानी होना कुछ ऐसी बातें हैं, जिनका सामना कभी-कभार सबको करना पड़ता है। लेकिन लंबे समय तक इस स्थिति का बने रहना ठीक नहीं। यह जानना जरूरी हो जाता है कि ऐसा क्यों हो रहा है। ये किन रोगों का हो सकता […]
Author: अमन आर्य
परवीन गुगनानी सरसंघचालक जी अर्थात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, प्रमुख मोहन रावजी भागवत के आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार की आवश्यकता व्यक्त करनें से वैचारिक तूफ़ान खड़ा हो गया है. संघप्रमुख ने आरक्षण के औचित्य पर प्रश्न कतई नहीं किया है, यह स्पष्ट है. मीडिया ने जानबूझकर उनसे बीते वर्षों में समय समय पर सार्वजनिक तौर […]
आधुनिक जीवन शैली में रिश्तों को पकडक़र जीने में अब किसी की रुचि नहीं है। बचपन में हमारे कई मित्र थे और बहुत से रिश्तेदारों से लगातार संपर्क बना रहता था। लोग जैसे-जैसे आगे बढ़ते जाते हैं पुराने रिश्ते और मित्र पीछे छूट जाते हैं। जबकि, पुराने रिश्तों और मित्रों का भी हमारे जीवन में […]
बुरी आदतों का गलत असर व्यक्ति के निजी जीवन पर तो होता है, साथ ही घर-परिवार के सभी सदस्यों पर भी होता है। इसीलिए बुरी आदतों को छोड़ देना चाहिए। किसी एक सदस्य की बुरी आदतों के कारण पूरा परिवार ही खत्म हो सकता है। यहां जानिए तीन ऐसी बुरी आदतें, जिन्हें परिवार की भलाई […]
श्रीराम तिवारी खबर है कि दिल्ली स्थित पीएमओ हाउस के निकटवर्ती पोस्ट आफिस में बिहार से भेजे गए ‘डीएनए सेम्पल’ लाखों की तादाद में पहुँच रहे हैं। न तो पोस्ट आफिस वालों को और न ही पीएमओ आफिस वालों को कुछ सूझ पड़ रहा है कि आखिर इस ‘बवाल’ का किया क्या जाए ? मोदी […]
अशोक प्रवृद्धभारतीय मन आदि सनातन काल से ही प्रकृति के प्रति संवेगित व संवेदनशील रहा है और प्रकृति तथा पर्यावरण के साथ समन्वय, सामंजस्य व संतुलन स्थापित कर प्रकृति संरक्षण के प्रति कृत संकल्पित होकर जिओ और जीने दो के सिद्धांत पर चलना ही भारतीय जीवन पद्धति हैद्य मनुष्य का प्राकृतिक जीवन व्यतीत करना भारतीय […]
संघ-भाजपा संबंधों पर से पर्दा हटा
इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का नाम भी भारतीय डाक टिकटों से मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में जिस तरह के निर्णय लिए गए हैं, वह भी विध्वंसकारी स्थिति है। इतिहास की किताबों को नए सिरे से लिखा जा रहा है। इन नई पुस्तकों में उन लोगों को मिटाया जा रहा […]
तनवीर जाफऱी विगत् लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश को ‘कांग्रेस मुक्त’ किए जाने का आह्वान ऐसे समय में किया गया था जबकि देश मंहगाई तथा भ्रष्टाचार से पूरी तरह जूझ रहा था। साथ-साथ मोदी के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने देश को मंहगाई व भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने का वादा […]
मृत्युंजय दीक्षित 12 सितम्बर 2015 के दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ओर अत्यंत ऐतिहासिक निर्णय सुनाया जिसके बाद प्रदेश में निुयक्त किये गये 1.72 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन रदद कर दिया । शिक्षामित्रों का समायोजन रदद हो जाने के बाद प्रदेशभर के शिक्षामित्र आक्राेिशत हो रहे हैं। अनेक शिक्षामित्रों ने आत्महत्या कर ली है जबकि […]
सुरेश हिंदुस्थानी हमारे देश में हजारों भूमिपुत्र आज भी केवल बारिश के पानी के सहारे खेती करने पर निर्भर रहते हैं। इसके पीछे कारण साफ है वर्तमान में खेती लाभ का धंधा नहीं है। जितनी उपज मिलती है, उसके अनुपात में लागत और मेहनत का आंकलन किया जाए तो उससे ऊपर ही होती है। यानी […]