चुनाव आयोग के एक सर्वे के अनुसार बिहार के 80 प्रतिशत मतदाताओं का मानना है कि पैसे या गिफ्ट लेकर मतदान करने में कोई बुराई नहीं है। कोई 4500 से अधिक लोगों के सैंपल साइज के आधार पर किए गए इस सर्वे का निष्कर्ष राज्य के चुनाव तंत्र के लिए एक चुनौती बन गया है। […]
Author: अमन आर्य
तनवीर जाफऱी हमारे देश में प्रवाहित हो रही सैकड़ों बड़ी-छोटी नदियों में गंगा नदी के महत्व का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के लोग इसे गंगा मैया व मां गंगा कहकर संबोधित करते हैं। देश का बहुसंख्य हिंदू समाज देश के अनेक प्रमुख स्थानों पर गंगा जी की आरती करता […]
आभासी सांप्रदायिकता के खतरे
संजय द्विवेदी जिस तरह का माहौल अचानक बना है, वह बताता है कि भारत अचानक अल्पसंख्यकों (खासकर मुसलमान) के लिए एक खतरनाक देश बन गया है और इसके चलते उनका यहां रहना मुश्किल है। उप्र सरकार के एक मंत्री यूएनओ जाने की बात कर रहे हैं तो कई साहित्यकार अपने साहित्य अकादमी सम्मान लौटाने पर […]
नयी दिल्ली। गौमांस खाने के मुद्दे ने इन दिनों देश को आंदोलित कर रखा है जहां लगभग सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। धार्मिक रूप से गौमांस सेवन वर्जित होना इस मुद्दे का एक आयाम हो सकता है लेकिन गौमांस सेवन के खिलाफ एक और बेहद मजबूत पहलू […]
बी एन गोयलगत दिनों कुछ लोगों ने विकिपेडिया विश्वकोश में पंडित जवाहर लाल नेहरू के पृष्ठ पर कुछ नकारात्मक बदलाव करने का प्रयत्न किया। बदलाव नहीं कर सके तो अपनी तरफ से अपनी व्याख्या की एक नई वेब साइट बना कर लगा दी। विकिपेडिया – ओन लाइन पर एक ऐसा विश्वकोश है जिस में पाठकों […]
देश इस समय 1965 के भारत-पाक युद्घ की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है। स्पष्ट है कि 1965 का जिक्र आये तो तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का पावन स्मरण भी लोगों को अवश्य ही आता है। यह वह व्यक्तित्व था जिसने 1962 के युद्घ में लज्जास्पद ढंग से पिटे एक राष्ट्र के ऊपर मात्र तीन […]
भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी
शिव कुमार गोयल आज आदरणीय शिवकुमार गोयल जी हमारे बीच नही हैं, पर उनके विचार हमारे बीच जरूर हैं। उनका गंभीर और राष्ट्रवादी लेखन आजीवन हमारा मार्गदर्शन करेगा। 31 अक्टूबर उनकी जयंती होती है, इस अवसर पर उन्हीं की पुस्तक ‘क्रांतिकारी आंदोलन’ से प्रस्तुत है उनका यह आलेख। बाबूजी को श्रद्घांजलि के साथ-श्रीनिवास आर्य अंग्रेजों […]
युवा वर्ग को विचार शक्ति सबल, सक्षम और सफ ल बनाती है, और विचार को संस्कार प्रबल करता है। संस्कारहीन युवा सृजनात्मक विचार शक्ति से शून्य होता है। सृजनात्मक विचार शक्ति सुसंस्कृत समाज की संरचना का आधारभूत सत्य है। आप देखेंगे तो पता चलेगा कि समाज में दो विचारधाराएँ सदा प्रवाहित रही हैं एक वह […]
श्वेत प्रदर (ल्यूकोरिया)1. आंवला: आंवले को सुखाकर अच्छी तरह से पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर रख लें, फिर इसी बने चूर्ण की 3 ग्राम मात्रा को लगभग 1 महीने तक रोज सुबह-शाम को पीने से स्त्रियों को होने वाला श्वेतप्रदर (ल्यूकोरिया) नष्ट हो जाता है।2. झरबेरी: झरबेरी के बेरों को सुखाकर रख लें। इसे बारीक चूर्ण […]
विनोद बंसल द्वापर युग के अन्त और कलयुग के प्रारम्भ में एक ऐसे महापुरुष का प्रादुर्भाव हुआ जिसने न सिफऱ् भारत में एक गणतांत्रिक शासन व्यवस्था, उत्तम सिंचाई व्यवस्था, समाजवाद, समरसता व समानता का पाठ पढाया वल्कि सच्चे राम राज्य की स्थापना कर ऐसे संस्कारी पुत्र दिए जो आज भी पूरे विश्व का भरण पोषण […]