सदानंद शाही अंग्रेजों ने शिक्षा के माध्यम से भारत की चेतना पर काबिज होने का असली कोशिश 1835 में की। लार्ड मैकाले ने अंग्रेजी शिक्षा की सिफारिश की। 1854 में कलकत्ता विश्वविद्यालय, 1858 में बंबई और मद्रास विश्वविद्यालय बना। 1882 में शिक्षा आयोग बैठा और इसी साल में लाहौर विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। 1887 में […]
Author: अमन आर्य
नेट निरपेक्षता की मुश्किलें
राहुल लाल ट्रंप प्रशासन ने पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन के एक और फैसले नेट निरपेक्षता (नेट निरपेक्षता) को पलट दिया है। ओबामा के बहुचर्चित नेट निरपेक्षता कानून के विरोध में अमेरिका के नियामकों ने भारतीय समयानुसार शनिवार (16 दिसंबर) को वोट किया। संघीय संचार आयोग ने 3-2 के बहुमत से 2015 के नेट निरपेक्षता कानून को […]
प्लास्टिक कचरे से मुक्ति कब तक
वर्तमान में प्लास्टिक कचरा बढऩे से जिस प्रकार से प्राकृतिक हवाओं में प्रदूषण बढ़ रहा है, वह मानव जीवन के लिए तो अहितकर है ही, साथ ही हमारे स्वच्छ पर्यावरण के लिए भी विपरीत स्थितियां पैदा कर रहा है। हालांकि इसके लिए समय-समय पर सरकारी सहयोग लेकर गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा जागरण अभियान भी चलाए […]
भारतीय संस्कृति में खान-पान का बहुत महत्व है और भारतीय भोजन का एक महत्वपूर्ण अंग है दूध। शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा हो जिसने इसका प्रयोग कभी न किया हो। बढ़ते बच्चों के विकास के लिए दूध की उपयोगिता से कोई अनजान नहीं है इसके अलावा दूध में अनेक ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो […]
चिंतित करता है गांवों से पलायन
घनश्याम सिंह हिमाचल प्रदेश में यदि खेतीबाड़ी की दशा सुधारने के लिए प्रयास किए जाएं, तो यह क्षेत्र प्रदेश की तरक्की में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके विपरीत यदि समय रहते हमने इस पर उचित ध्यान न दिया, तो खाद्यान्न संकट के साथ-साथ कई और गंभीर समस्याएं देश-प्रदेश को सताना शुरू कर देंगी। […]
रीता सिंह पशुओं की घटती संख्या का सर्वाधिक प्रतिकूल असर कृषि पर पड़ा है। भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि और पशुपालन का कितना विशेष महत्त्व है, यह इसी से समझा जा सकता है कि सकल घरेलू कृषि उत्पाद में पशुपालन का 28-30 प्रतिशत का सराहनीय योगदान है। इसमें भी दुग्ध एक ऐसा उत्पाद है जिसका योगदान […]
सुस्त शासन से मोदी के मिशन को खतरा
इस बात में कोई संदेह नहीं है कि नोटबंदी तथा जीएसटी अर्थव्यवस्था में बड़े सुधार हैं, लेकिन इन पर अमल सुचारू ढंग से होना चाहिए। अव्यवस्थित तरीके से इन्हें लागू करने से जनता को असुविधा ही होगी। सबसे बड़ी कष्टप्रद समस्या यह है कि जीएसटी को कुछ लोग ही जानते-समझते हैं, जबकि व्यापारी, जिन पर […]
वर्तमान समय में मनुष्य बीमारियों का घर बनता जा रहा है। मॉर्डन लाइफस्टाइल व खान-पान के कारण न सिर्फ व्यस्क बल्कि बच्चे भी बहुत सी बीमारियों की चपेट में आते जा रहे हैं। थॉयराइड भी ऐसी ही एक बीमारी है। वैसे तो यह बीमारी गर्भवती मां से भी बच्चे को मिल जाती है लेकिन अगर […]
भाजपा को चेतावनी, कांग्रेस को सबक
गुजरात के चुनाव परिणामों ने जहां भारतीय जनता पार्टी के कान खड़े कर दिए हैं, वहीं बर्फीले प्रदेश हिमाचल में कांग्रेस को बहुत बड़ा सबक दिया है। इन दोनों चुनावों के परिणामों के नेपथ्य से कुल मिलाकर यह संदेश तो प्रवाहित हो रहा है कि कांग्रेस धीरे-धीरे ही सही, परंतु सत्ता मुक्त पार्टी की ओर […]
ऑफिस स्ट्रेस को कहें बाय-बाय
आजकल के लाइफस्टाइल को मैंटेन करने के लिये महिलाओं का कामकाजी होना आज एक शौक ही नही बल्कि मजबूरी भी बन गया है। अब एक कमाई में घर चलाना बहुत मुश्किल हो गया है इसलिये घर के खर्चो को पूरा करने के लिये अपने पार्टनर का हाथ बंटाने वाली महिलायें हैं वर्किंग वूमेन। लेकिन ये […]