कन्हैया झा “सर्वे भवन्तु सुखिनः” श्रृंखला (*) के आखिरी दसवें लेख में “विराट भारत” की कल्पना दी गयी है. एक विराट राष्ट्र ऐसा विशाल है “जिसमें सब चमकते हैं” अर्थात सभी विकसित हैं. “अर्थस्य मूलह राज्यम” के अनुसार शासनतंत्र का मुख्य कार्य देश के अर्थ पुरुषार्थ को पोषित कर सम्पन्नता लाना है. सन 1991 से […]
Author: अमन आर्य
विदेश नीति में भारतीय भाषा
-डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जिन दिनों दूरदर्शन का प्रचलन नहीं था उन दिनों अख़बार में ख़बर छपती तो थी लेकिन ख़बर बनती कैसे है यह पता नहीं चलता था । लेकिन जब से दूरदर्शन का प्रचलन बढ़ा है तब से आँखों के आगे ख़बर बनती […]
संथाल परगना : आजादी के बाद से जहां एक भी योजना पूरी नहीं हुई पुण्य प्रसून वाजपेयी चुनाव में मोदी विकास की डुगडुगी बजाकर हाशिये पर पड़े समाज में सपना तो जगा गये लेकिन सरकार बनने के बाद जो रास्ता सरकार ने पकड़ा है, उसमें चुनावी डुगडुगी की आवाज गायब क्यों हो गयी है। प्रधानमंत्री […]
महाराणा प्रताप और दानवीर भामाशाह
विनोद बंसल मेवाड़ के राजा उदय सिंह के घर जन्मे उनके ज्येष्ठ पुत्र महाराणा प्रताप को बचपन से ही अच्छे संस्कार, अस्त्र-शस्त्रों का ज्ञान और धर्म की रक्षा की प्रेरणा अपने माता-पिता से मिली। उन दिनों दिल्ली में सम्राट अकबर का राज्य था जो भारत के सभी राजा-महाराजाओं को अपने अधीन कर मुगल साम्राज्य का […]
डॉ0 कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री पिछले दिनों लोकसभा के लिये हुये चुनावों में उधमपुर क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डा० जितेन्द्र सिंह चुने गये । जम्मू कश्मीर में जब भी चुनाव होते हैं तो संघीय संविधान के अनुच्छेद ३७० का प्रश्न सदा प्रमुख रहता है । चुनाव चाहे लोक सभा के हों या विधान […]
(राजस्थान पहले से ही गौ-भक्त और राष्ट्र भक्त लोगों की जन्मभूमि और कर्मभूमि रहा है। आज भी वीर भूमि में गौ-भक्तों की कमी नही है। ऐसे ही ऐ गौ-भक्त हैं रामेश्वर लाल माहेश्वरी। जो कि जिला बीकानेर की तहसील कोलायत के गांव गजनेर के निवासी हैं। पिछले दिनों श्री माहेश्वरी से हमारी मुलाकात हुई तो […]
आज का चिंतन-09/06/2014
सत्य-धर्म को अपना लें सारी समस्याएँ खत्म – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com यह सृष्टि सत्य और धर्म की नींव पर टिकी हुई है। जब तक किंचित मात्र भी इनका अस्तित्व रहेगा तब तक टिकी रहेगी। जिस दिन वह भी समाप्त हो जाएगा, उस दिन सब कुछ प्रलय की भेंट चढ़ जाएगा। सृष्टि में दैवत्व, आनंद, सुख-समृद्धि और सुकून […]
‘योग भूमि’ बनाओ कश्मीर को
राकेश कुमार आर्यजो कश्मीर कभी जीवन मुक्त होने के लिए हमारे ज्ञानी महात्माओं की ‘योगभूमि’ हुआ करती थी, विडंबना देखिए कि वही कश्मीर मुगल काल में बादशाहों के लिए सैर सपाटे का स्थान बन कर ‘भोगभूमि’ बन गयी और इसी परंपरा को अंग्रेजों ने भी अपने शासन काल में यथावत बनाये रखा।पर स्वतंत्र भारत में […]
आज का चिंतन-05/06/2014
शोर न मचाओ कुछ करके दिखाओ – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com अनियमित मौसम, लू के थपेड़ों से लेकर हाड़ पर तीर चलाती शीत, बादलों का फटना और सब कुछ बह जाना, बेमौसम बरसात और बाढ़, बार-बार मावठों, ओलावृष्टि की धमक, भीषण गर्मी का कहर और कंपकंपाती ठंड, ऑक्सीजन की कमी, ओजोन परत का बेहाल होना, थरथर्राने वाला भूकंप और ज्वालामुखी … सब कुछ गड़बड़। […]
आज का चिंतन-04/06/2014
श्रद्धा के पात्र नहीं जो संरक्षण न दे सकें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com सामाजिक विषमताओं और समस्याओं का एक सबसे बड़ा कारण हम भी हैं जो कि ऎसे-ऎसे लोगों को सर चढ़ाए रखते हैं जो किसी काम के नहीं हैं। ऎसे खूब सारे लोग हमारे आस-पास भी हैं और दूर-दूर तक भी […]