राकेश कुमार आर्यनेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐसा नाम है जिस पर हर भारतीय को नाज है। उनके बारे में वीरता के ऐसे कथोपकथन हम सबने सुने हैं, जिन पर हम सब देशभक्ति के भावों से भर जाते हैं। सामान्यत: ऐसे वीर पुरूषों के देशभक्ति के जज्बे को देखकर लोग कभी […]
Author: अमन आर्य
प्रस्तुति पं. बाबा नंदकिशोार मिश्र हिंदू महासभा 1939 में ही स्वातंन्त्रय वीर सावरकर द्वारा दिये गये एक सुस्पष्ट आहवान का पुन: उद्घोष करती है कि राजनीति का हिंदूकरण और हिंदुओं का सैनिकीकरण किया जाए। यद्यपि हिंदू महासभा के उपरोक्त आदर्श का प्रारंभ में कांग्रेस ने उपहास किया था किंतु 1962 ई. में उसके सामने भी […]
डिप्रेशन, मंदबुद्धि/ हकलाना, पढ़ाई या काम में मन न लगना प्रस्तुति : राकेश आर्य बागपतशंखपुष्पी (डिप्रेशन/ मंदबुद्धि/ हकलाना/ सीजोफ्ऱेनिया/ पढ़ाई या काम मे मन न लगना की 100 प्रतिशत सफल ओषधि)वैज्ञानिक नाम-कन्वॉल्व्यूलस प्लूरीकॉलिसशंख के समान आकृति वाले श्वेत पुष्प होने से इसे शंखपुष्पी कहते हैं । इसे क्षीर पुष्प (दूध के समान सफेद फूल वाले) […]
गतांक से आगे…..नेहरू द्वारा शेख अब्दुल्ला को भारतीय सेना की कमान सौंपने की प्रथम ऐतिहासिक भूल:नेहरू ने शेख अब्दुल्ला को उस भारतीय सेना की कमान सौंपी जो महाराजा हरिसिंह की मांग पर जम्मू-कश्मीर भेजी गयी थी और जिसका लक्ष्य पाकिस्तानी आक्रमणकारियों पर विजय प्राप्त करना था। शेख अब्दुल्ला 1931 से ही मुस्लिम कांफ्रेंस बनाकर जम्मू-कश्मीर […]
(9 अगस्त:- विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में) निर्भय कुमार कर्ण जल, जंगल और जमीन से जानने-पहचानने वाले आदिवासी दुनियाभर में हैं लेकिन अब उनका अस्तित्व खतरे में है। न केवल संस्कृति, रहन-सहन यहां तक कि भाषा में भी बदलाव आने लगा है जिससे उनकी पहचान आगामी वर्षों में मिटने की संभावनाएं दिख रही है। […]
विशेष साक्षात्कारकेन्द्रीय रेल मंत्री श्री डी.वी. सदानंद गौड़ा के साथ केन्द्रीय रेल मंत्री श्री डी.वी. सदानंद गौड़ा कर्नाटक के दक्षिण कन्नड जिले से हैं और इस समय वे लोकसभा में बंगलौर उत्तरी निर्वाचन-क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने अपना राजनैतिक जीवन जनसंघ सदस्य के रूप में किया और भाजपा का प्रतिनिधित्वन करते हुए उन्होंने […]
संसदीय कुंभकर्ण की करवट
डॉ0 वेद प्रताप वैदिक कांग्रेस को क्या हो गया है? वह एक स्वस्थ विपक्ष की भूमिका क्यों नहीं निभाना चाहती है? संसद का यह पूरा सत्र ही उसने लगभग बर्बाद कर दिया। उसने ऐसे-ऐसे विधेयकों का विरोध किया, जो उसने स्वयं सत्ता में रहते हुए पेश किए थे। उसने अपने लगाए पौधों को ही उखाड़ने […]
आचार्य बालकृष्ण वैज्ञानिक तकनीक के विकास के पूर्व कहीं भी शक्कर खाद्य पदार्थों में प्रयुक्त नहीं की जाती थी। मीठे फलों अथवा शर्करायुक्त पदार्थों की शर्करा कम-से-कम रूपान्तरित कर उपयुक्त मात्रा में प्रयुक्त की जाती थी। इसी कारण पुराने लोग दीर्घजीवी तथा जीवन के अंतिम क्षणों तक कार्यसक्षम बने रहते थे। आजकल लोगों में भ्रांति […]
कच्चे पपीते में विटामिन ‘ए’तथा पके पपीते में विटामिन ‘सी’ की मात्रा भरपूरपायी जाती है। आयुर्वेद में पपीता (पपाया) को अनेक असाध्यरोगों को दूर करने वाला बताया गया है।संग्रहणी, आमाजीर्ण, मन्दाग्नि, पाण्डुरोग(पीलिया), प्लीहा वृध्दि, बन्ध्यत्व को दूर करनेवाला, हृदय के लिए उपयोगी, रक्त के जमाव मेंउपयोगी होने के कारण पपीते का महत्व हमारे जीवन केलिए […]
कमर दर्द से सभी का सामना होता है | आजकलकी व्यस्त जीवन शैली में कई बार शरीर में कमर दर्दकी समस्या उत्पन्न हो जाती है | यह अधिकतर उनलोगों में होता है जो अधिक समय तक खड़ेहोकर,बैठकर या गलत तरीके से बैठकर और लेटकर कार्यकरते हैं | अधिक मुलायम गद्दे पर बैठने और सोने से […]