बालेन्दु शर्मा दाधीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मियाँ नवाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कई पाकिस्तानी शासकों का यह नजरिया दोहराया कि जम्मू कश्मीर में जनमतसंग्रह कराना ही इस समस्या का एकमात्र हल है और इस बारे में 1948 के संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव […]
Author: अमन आर्य
बीती जाये रे उमरिया भजन बिना, अरे…..भजन बिना, हरि भजन बिना…… बीती जाए रे उमरिया………. मात पिता से मिला जन्म हमें करने लगे खिलारी, परिजन सब खुश होते थे, मारै थे किलकारी, लुटी बचपन की वो बगिया…………….1 आगे बढ़े तो मिल गया यौवन छा गयी पूरी मस्ती, अपनी मस्ती के आगे नही समझी कोई […]
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letter for PM Click Here हमारे भारत के गौरव, आदरणीय भाई नरेन्द्र मोदी जीप्रधानमंत्री, भारत सरकार7 आरसीआर नई दिल्लीसादर प्रणाम।‘पवित्रेण मा शतायु सा’परमपिता परमात्मा हर प्रकार से आपकी रक्षा करें। मान्यवर, मैं एक सेवानिवृत्त शिक्षक हूं और आपके स्वच्छ भारत तथा समृद्घ भारत के अभियान का हृदय से प्रशंसक हूं। आपके सुकोमल हृदय में राष्ट्र-प्रेम […]
मेक इन इंडिया’ पर तिलमिलाया चीन
शैलेंद्र जोशी भारत को ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने के सपने को हकीकत में बदलने के प्रयासों के साथ प्र्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका रवाना होने से ठीक पहले गुरुवार को मेक इन इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत की। इसमें वैश्विक एवं घरेलू कंपनियों के करीब एक हजार प्रमुख हिस्सा लेंगे। इस मुहिम का मकसद देश को […]
अवसर दें नई प्रतिभाओं को
रत्नगर्भा वसुन्धरा होने के बावजूद भारतभूमि में आज का सबसे बड़ा संकट प्रतिभाओं के लिए अवसरों की अनुपलब्धता का है। रोजगार और राजनीति का क्षेत्र छोड़ भी दिया जाए तो हर तरफ यह संकट बना हुआ है कि अब आगे क्या होगा? योग्य और प्रतिभा सम्पन्न लोगों की कोई कमी नहीं है इसके बावजूद उन्हें […]
हमारे हर कर्म को करने से पहले या हमारे जीवन की कोई सी अच्छी-बुरी घटना होने से पूर्व हमारी आत्मा को उसके स्पष्ट संकेत प्राप्त हो जाते हैं और वह कम से कम दो बार हमें इस बारे में कभी स्पष्ट तो कभी प्रतीकात्मक रूप से इसके बारे में संकेत देती ही है। यह अलग […]
(‘उगता भारत’ के प्रेरणास्रोत पूज्य महाशय राजेन्द्र सिंह आर्य जी की 103वीं जयंती 5 अक्टूबर 2014 और पूज्या श्रीमती सत्यवती आर्या जी की 89वीं जयंती 8 अक्टूबर 2014 के अवसर पर, विशेष रूप से तैयार यह आलेख आज के समाज में माता पिता के प्रति हमारे दृष्टिकोण में आ रहे परिवर्तन को ठीक करने में […]
राजनीति में कहां बची है नैतिकता?
शिवकुमार गोयल वास्तव में आज भारत का गणतंत्र दल-दल में धंसता दिखाई देता है। स्वाधीनता के बाद भारत यदि सबसे अधिक किसी क्षेत्र में संकट ग्रस्त है तो वह है नैतिक मूल्यों का संकट। अपने महान आध्यात्मिक व नैतिक मूल्यों, उच्चादर्शों जैसे सदगुणों के कारण जगतगुरू के रूप में विख्यात रहा भारत आज तेजी से […]
दूध के साथ दही लें या नहीं? दूध और दही दोनों की तासीर अलग होती है। दही एक खमीर वाली चीज है। दोनों को मिक्स करने से बिना खमीर वाला खाना (दूध) खराब हो जाता है। साथ ही, एसिडिटी बढ़ती है और गैस, अपच व उलटी हो सकती है। इसी तरह दूध के साथ अगर […]
अर्थहीन हो गया है रावण दहन
लगता नहीं कि आज के मौजूदा माहौल में रावण दहन अर्थहीन हो गया है, औचित्य खो चुका है और जिस संदेश को देने के लिए रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन होता रहा है, प्रतीकात्मक लंका को जलायी जाती रही है, वह संदेश स्वीकारने का साहस अब किसी में बचा ही नहीं है। […]