जेलीफिश क्यों होती हैं ‘अमर’, क्या इंसानों में भी पनप सकते हैं ऐसे गुण

CC8C6704-8FAB-4F7F-8143-3CE6C0B4CEFD

जैलीफिश (Jellyfish) की एक प्रजाति में बूढ़े होकर ना मरने की खासियत (De-aging) वैज्ञानिकों को काफी आकर्षित करती है। इसी पर हुए शोध में स्पेनी शोधकर्ताओं ने जैलीफिश की जीनोम (Genome) की पड़ताल की है ।उन्होंने टूरिटोप्सिस डॉहर्नी नाम की जैलीफिश की सीक्वेंसिंग कर यह जानने का प्रयास किया कि आखिर उसमें ऐसा क्या है कि जो वह अपनी जवानी बार बार हासिल कर लेती है ।

जो पैदा होता है वह मरता जरूर है. इंसानभी पैदा होता है बढ़ कर जवान होता है और बूढ़ा होकर मर भी जाता है. ऐसा सभी जीवों के साथ होता है, लेकिन इसमें एक अपवाद है वह है अमर जैलीफिश (Jellyfish) यह ऐसी जीव है जो बार बार अपने यौवनकाल में लौट आने की क्षमता रखती है. स्पेन के शोधकर्ताओं ने टूरिटोप्सिस डॉहर्नी (Turritopsis dohrnii) नाम की जैलीफिश के अमरता का रहस्य जानने के लिए जीनोम सीक्वेसिंग (Genome Sequencing) कर बहुत से प्रमुख जीनोम को खोजा जो मौत से बचने के अलावा उम्र लंबी योगदान भी देते हैं।
जो पैदा होता है वह मरता जरूर है । इंसानभी पैदा होता है बढ़ कर जवान होता है और बूढ़ा होकर मर भी जाता है । ऐसा सभी जीवों के साथ होता है, लेकिन इसमें एक अपवाद है वह है अमर जैलीफिश (Jellyfish) यह ऐसी जीव है जो बार बार अपने यौवनकाल में लौट आने की क्षमता रखती है । स्पेन के शोधकर्ताओं ने टूरिटोप्सिस डॉहर्नी (Turritopsis dohrnii) नाम की जैलीफिश के अमरता का रहस्य जानने के लिए जीनोम सीक्वेसिंग (Genome Sequencing) कर बहुत से प्रमुख जीनोम को खोजा जो मौत से बचने के अलावा उम्र लंबी योगदान भी देते हैं ।
स्पेन के ओविडो यूनिवर्सिटी के डॉ कार्लोस लोपेज ओटिन की अगुआई में शोधकर्ताओं कीटीम ने एक खास जैलीफिश (Jellyfish) की जैनेटिक सीक्वेंस (Genome Sequencing) की मैपिंग इस उम्मीद से की जिससे वे उनकी खास लंबे जीवन के रहस्य को उजागर कर सकें और उससे इंसान के उम्र ढलने के बारे में जानकारी हालिल कर सकें. यह अध्ययन प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस में प्रकाशित हुआ है।
स्पेन के ओविडो यूनिवर्सिटी के डॉ कार्लोस लोपेज ओटिन की अगुआई में शोधकर्ताओं कीटीम ने एक खास जैलीफिश (Jellyfish) की जैनेटिक सीक्वेंस (Genome Sequencing) की मैपिंग इस उम्मीद से की जिससे वे उनकी खास लंबे जीवन के रहस्य को उजागर कर सकें और उससे इंसान के उम्र ढलने के बारे में जानकारी हालिल कर सकें । यह अध्ययन प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस में प्रकाशित हुआ है।
अपने विशेष अध्ययनके लिए शोधकर्ताओं ने टूरिटोप्सिस डॉहर्नी (Turritopsis dohrnii) नाम की जैलीफिश के साथ उसी की अन्य प्रजाति टूरिटोप्सिस रूब्रा (Turritopsis rubra) की सीक्वेंसिंग की जिससे वे यह पता लगा सकें कि वे कौन सी जीन्स हैं जो दोनों में इस खास विविधता को पैदा करती हैं । टूरिटोप्सिस रूब्रा जैलीफिश में प्रजनन (Sexual Reproduction) के बाद लंबा जीवन जीने की क्षमता नहीं रह जाती है ।
अपने विशेष अध्ययनके लिए शोधकर्ताओं ने टूरिटोप्सिस डॉहर्नी (Turritopsis dohrnii) नाम की जैलीफिश के साथ उसी की अन्य प्रजाति टूरिटोप्सिस रूब्रा (Turritopsis rubra) की सीक्वेंसिंग की जिससे वे यह पता लगा सकें कि वे कौन सी जीन्स हैं जो दोनों में इस खास विविधता को पैदा करती हैं। टूरिटोप्सिस रूब्रा जैलीफिश में प्रजनन (Sexual Reproduction) के बाद लंबा जीवन जीने की क्षमता नहीं रह जाती है।
अपने जीनोम सीक्वेंसिंग (Genome Sequencing) के अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पायाकि टूरिटोप्सिस डॉहर्नी (Turritopsis dohrnii) के जीनोम में ऐसी विविधता है जिससे वह अपने डीएनए की प्रति बनाने और उसकी मरम्मत करने में बेहतर बनाती है।और इसके साथ ही वे क्रोमोजोम के अंतिम छोर टेलोमर्स (Telomeres) को भी कायम रखने में बेहतर होते हैं। टेलेमर की लंबाई इंसानों में उम्र के साथ कम होती जाती है ।
अपने जीनोम सीक्वेंसिंग (Genome Sequencing) के अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पायाकि टूरिटोप्सिस डॉहर्नी (Turritopsis dohrnii) के जीनोम में ऐसी विविधता है जिससे वह अपने डीएनए की प्रति बनाने और उसकी मरम्मत करने में बेहतर बनाती है।और इसके साथ ही वे क्रोमोजोम के अंतिम छोर टेलोमर्स (Telomeres) को भी कायम रखने में बेहतर होते हैं । टेलेमर की लंबाई इंसानों में उम्र के साथ कम होती जाती है।

इस अध्ययन की प्रथम लेखक मारिया पास्कॉल टोर्नर ने एक बयान में बताया कि उनकी टीम के शोध में अमरता (Immortality) और पुनर्जीवन (Rejuvenate) के लिए केवल एक ही कारक होने की जगह कई प्रणालियों की सक्रियता पाई गई । ये सारी प्रणालियां सहक्रियात्मक रूप से मिलकर एक साथ काम करती हैं और ऐसी प्रक्रिया सुनिश्चित करती हैं जो एक तरह से अमर जैलीफिश (Jellyfish) को एक तरह से पुनर्जीवित कर देती हैं।
इस अध्ययन की प्रथम लेखक मारिया पास्कॉल टोर्नर ने एक बयान में बताया कि उनकी टीम के शोध में अमरता (Immortality) और पुनर्जीवन (Rejuvenate) के लिए केवल एक ही कारक होने की जगह कई प्रणालियों की सक्रियता पाई गई. ये सारी प्रणालियां सहक्रियात्मक रूप से मिलकर एक साथ काम करती हैं और ऐसी प्रक्रिया सुनिश्चित करती हैं जो एक तरह से अमर जैलीफिश (Jellyfish) को एक तरह से पुनर्जीवित कर देती हैं ।
दूसरे प्रकार की जैलीफिश (Jellyfish) की तरह टूरिटोप्सिस डॉहर्नी (Turritopsis dohrnii) दो तरह के जीवन चक्र से गुजरती हैं ।एक उनके समुद्री तल पर अलैंगिक दौर होता है जहां उनका मुख्य उद्देश्य कम भोजन मिलने पर भी जीवित रहना होता है। जब हालात अनुकूल होते हैं , तब जैलीफिश लैंगिंक प्रजनन (Sexual Reproduction) करती हैं. बहुत सी जैलीफिश में उम्र बढ़ने वाली प्रक्रियाओं के उल्टा करने की क्षमता होती हैं, अधिकांश यह क्षमता लैंगिंग परिपक्वता हासिल करने के बाद गंवा देती हैं। लेकिन ऐसा टूरिटोप्सिस डॉहर्नी के साथ नहीं होता है।

दूसरे प्रकार की जैलीफिश (Jellyfish) की तरह टूरिटोप्सिस डॉहर्नी (Turritopsis dohrnii) दो तरह के जीवन चक्र से गुजरती हैं । एक उनके समुद्री तल पर अलैंगिक दौर होता है जहां उनका मुख्य उद्देश्य कम भोजन मिलने पर भी जीवित रहना होता है I जब हालात अनुकूल होते हैं , तब जैलीफिश लैंगिंक प्रजनन (Sexual Reproduction) करती हैं । बहुत सी जैलीफिश में उम्र बढ़ने वाली प्रक्रियाओं के उल्टा करने की क्षमता होती हैं, अधिकांश यह क्षमता लैंगिंग परिपक्वता हासिल करने के बाद गंवा देती हैं। लेकिन ऐसा टूरिटोप्सिस डॉहर्नी के साथ नहीं होता है।

कार्लोस लोपेज ओटिन ने कहा कि जैलीफिश (Jellyfish) का अध्ययन इंसान को अमरता (Immortality) दिलाने के तरीके खोजना नहीं है लेकिन सेल्यूलर प्लास्टिसिटी के प्रमुख कारक और सीमाओं का समझने के लिए कुछ जीवों में समयके पीछे जाने की क्षमता का अध्ययन करना होता है। इस जानकारी से उम्मीद है कि वैज्ञानिकों को एजिंग (Aging) से संबंधित बहुत सारी बीमारियों के इलाज के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।

कार्लोस लोपेज ओटिन ने कहा कि जैलीफिश (Jellyfish) का अध्ययन इंसान को अमरता (Immortality) दिलाने के तरीके खोजना नहीं है लेकिन सेल्यूलर प्लास्टिसिटी के प्रमुख कारक और सीमाओं का समझने के लिए कुछ जीवों में समयके पीछे जाने की क्षमता का अध्ययन करना होता है। इस जानकारी से उम्मीद है कि वैज्ञानिकों को एजिंग (Aging) से संबंधित बहुत सारी बीमारियों के इलाज के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।

साभार

Comment:

vaycasino
vaycasino
betgaranti giriş
norabahis giriş
vaycasino
vaycasino
Betist
Betist giriş
vaycasino
vaycasino
vaycasino
vaycasino
betpark giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
vaycasino
vaycasino
ikimisli giriş
betplay giriş
timebet giriş
roketbet giriş
vaycasino
vaycasino
ikimisli giriş
betplay giriş
pokerklas giriş
pokerklas giriş
vaycasino
vaycasino
betpark
betpark
Hitbet giriş
Bahsegel giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
betpuan giriş
betpuan giriş
holiganbet giriş
vaycasino
vaycasino
realbahis giriş
betnano giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
realbahis giriş
celtabet giriş
celtabet giriş
holiganbet giriş
betpark
betpark
betpark
betpark
timebet giriş
timebet giriş
roketbet giriş
roketbet giriş
vaycasino giriş
betplay giriş
betplay giriş
betpuan giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betpuan giriş
betpuan giriş
betpark giriş
betpark giriş
betbox giriş
betbox giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
betorder giriş
betorder giriş
betlike giriş
baywin giriş
betpark giriş
betpark giriş
baywin giriş
betpark giriş
baywin giriş
baywin giriş
bepark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
hititbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
piabellacasino giriş
piabellacasino giriş
betnano giriş
vaycasino
vaycasino
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
holiganbet giriş
betnano
meritking giriş
meritking giriş
betnano giriş
meritking giriş
meritking giriş
betplay giriş
betnano giriş
betplay giriş
betnano giriş
nitrobahis giriş
betplay giriş
roketbet giriş