pipal treeआचार्य बालकृष्‍ण

– यह 24 घंटे ऑक्सीजन देता है .

– इसके पत्तों से जो दूध निकलता है उसे आँख में लगाने से आँख का दर्द ठीक हो जाता है .

– पीपल की ताज़ी डंडी दातून के लिए बहुत अच्छी है .

– पीपल के ताज़े पत्तों का रस नाक में टपकाने से नकसीर में आराम मिलता है .

– हाथ -पाँव फटने पर पीपल के पत्तों का रस या दूध लगाए .

– पीपल की छाल को घिसकर लगाने से फोड़े फुंसी और घाव और जलने से हुए घाव भी ठीक हो जाते है .

– सांप काटने पर अगर चिकित्सक उपलब्ध ना हो तो पीपल के पत्तों का रस 2-2 चम्मच ३-४ बार पिलायें .विष का प्रभाव कम होगा .

– इसके फलों का चूर्ण लेने से बांझपन दूर होता है और पौरुष में वृद्धि होती है .

– पीलिया होने पर इसके ३-४ नए पत्तों के रस का मिश्री मिलाकर शरबत पिलायें .३-५ दिन तक दिन में दो बार दे .

– कुक्कुर खांसी में छाल का 40 मी ली. काढा दिन में तीन बार पिलाने से लाभ होता है .

– इसके पके फलों के चूर्ण का शहद के साथ सेवन करने से हकलाहट दूर होती है और वाणी में सुधार होता है .

– इसके फलों का चूर्ण और छाल सम भाग में लेने से दमा में लाभ होता है .

– इसके फल और पत्तों का रस मृदु विरेचक है और बद्धकोष्ठता को दूर करता है .

– यह रक्त पित्त नाशक , रक्त शोधक , सुजन मिटाने वाला ,शीतल और रंग निखारने वाला है

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