आइए जानें – FSSAI के बारे में, केसे मिलता है इसका लाइसेंस

images (3)

मिथिलेश कुमार सिंह

एफएसएसएआई यानी, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया, भारत सरकार की इस एजेंसी द्वारा खाने-पीने के सामानों का डिस्ट्रीब्यूशन और उससे पहले उसका प्रोडक्शन, स्टोरेज और सेल्स मार्केटिंग इत्यादि कार्यों की निगरानी किया जाता है।

खाने की चीजों के पैकेट्स के पीछे आपने अगर ध्यान दिया हो, तो वहां आपको एफएसएसएआई और उसके पास लाइसेंस नंबर लिखा मिल जाएगा। इससे तो आप यह समझ ही गए होंगे कि भारत सरकार द्वारा जारी की जाने वाली यह एक लाइसेंसिंग प्रक्रिया है, जो खाने-पीने के सामानों की निगरानी करती है।

किस चीज में कौन से पदार्थ मिलाए गए हैं, उसका फायदा क्या है, उसका नुकसान क्या है, उसमे कहीं कोई जहरीला पदार्थ तो नहीं है, यह तमाम चीजें इसी संस्था द्वारा नियंत्रित होती हैं। यहां तक कि किसी भी खाद्य पदार्थ में प्रयोग किया जाने वाला कोई केमिकल, कोई कलर, महक और उसकी साइज इत्यादि की जांच भी इस संस्था द्वारा ही की जाती है। सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि बार-बार यह जांच, लगातार चलती रहती है, ताकि भारत के नागरिकों को सही सुरक्षित भोजन मिल सके।

बता दें कि बिना इस संस्था के अप्रूवल के कोई भी खाने-पीने की चीज मार्केट में लांच नहीं की जा सकती है। तो अगर आप कोई खाने का सामान बनाना चाहते हैं, और ओपन मार्किट में उसकी सेलिंग करना चाहते हैं, तो इस संस्था के बारे में अवश्य जानें और यह भी जानें कि इसकी लाइसेंसिंग की प्रक्रिया किस प्रकार पूरी की जा सकती है।

एफएसएसएआई यानी, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया, भारत सरकार की इस एजेंसी द्वारा खाने-पीने के सामानों का डिस्ट्रीब्यूशन और उससे पहले उसका प्रोडक्शन, स्टोरेज और सेल्स मार्केटिंग इत्यादि कार्यों की निगरानी किया जाता है। एफएसएसएआई एक्ट 2006 के तहत 2011 में सेंट्रल गवर्नमेंट द्वारा इसको एस्टेब्लिश किया गया था।

बता दें कि एफएसएसएआई एक्ट के तहत और भी बहुत सारे प्रावधान हैं, जिनको जानना आपके लिए फायदेमंद होता है। जैसे यह खाद्य पदार्थ इंडस्ट्री में कार्य करने वाले बिजनेसमैन और दूसरे लोगों को प्रशिक्षित भी करता है और उसके लिए तमाम ट्रेनिंग प्रोग्राम इसके द्वारा आयोजित किये जाते हैं। इसके लिए कई लेबोरेटरीज की स्थापना हुई है और उन्हीं लेबोरेटरी में तमाम खाद्य पदार्थों की जांच होती है।

इस तरह एफएसएसएआई की गाइडलाइन इस तमाम प्रक्रिया को सुनिश्चित करती है। इसके साथ, यह संस्थान एक इनफॉरमेशन नेटवर्क भी बनाती है जो तमाम जगहों को कनेक्टिविटी के माध्यम से जोड़ता है और खाद्य पदार्थों के बारे में जागरूक करता है।

इसकी लाइसेंसिंग की बात करें तो अगर आप 1200000 (12 लाख) रुपए तक का बिजनेस करते हैं, तो इसके लिए आपको बेसिक एफएसएसएआई लाइसेंस का आवेदन दे सकते हैं। मुख्यतः यह छोटे शहरों में उपयोगी होता है। वहीं, अगर आपका कारोबार 12 लाख से 20 करोड़ के बीच का है, तो आपको एफएसएसएआई का स्टेट लाइसेंस लेना पड़ेगा और भिन्न राज्यों में इससे सम्बंधित लाइसेंसिंग दफ्तरों में आपको इसके लिए आवेदन देना पड़ेगा।

इसी प्रकार, अगर 20 करोड़ से अधिक आपका व्यापार है और एक से अधिक राज्यों में अगर आपकी ब्रांचेज हैं, तो फिर आपको सेंट्रल एफएसएसएआई लाइसेंस के लिए अप्लाई करना पड़ेगा।

अगर इसकी फीस की बात करें तो अलग-अलग लाइसेंस और कार्य के लिए एफएसएसएआई की फीस तय की गई है, जैसे फूड बिजनेस ऑपरेटर के लिए इसकी फीस 2000 होती है। इसमें स्कूल, कैंटीन, कॉलेज, ऑफिस और दूसरे छोटे कैटरर्स शामिल होते हैं। इसी प्रकार अगर आप एक मैन्युफैक्चरर हैं, जहां बड़े स्तर पर दूध इत्यादि का उत्पादन करते हैं तो इसके लिए आपको 3000 रुपए की फीस लाइसेंस के तौर पर देनी पड़ती है। हालांकि इसमें प्रोडक्ट की लिमिट होती है। इसी प्रकार से किसी ठोस प्रोडक्शन, जिसमें मिठाई पनीर इत्यादि शामिल कर सकते हैं, तो इसकी फीस ₹5000 आती है।

इसी तरह से और भी फीस स्ट्रक्चर हैं, जिसकी जानकारी आप अपडेटेड तरीके से इसकी वेबसाइट https://www.fssai.gov.in/ से और इसके ऑफिसेज से प्राप्त कर सकते हैं।

डॉक्यूमेंटेशन की बात करें तो इसके लिए सबसे पहले आपको पहचान-पत्र, जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, पैन कार्ड इत्यादि शामिल हैं, वह अपने पास रखना पड़ता है। साथ ही एड्रेस प्रूफ और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ साथ डिक्लेरेशन फॉर्म भी आपको भरना पड़ता है और अथॉरिटी लेटर के साथ आप इसे जमा करते हैं।

ऑनलाइन भी यह सुविधा उपलब्ध है और इसके लिए आपको फूड लाइसेंसिंग की वेबसाइट https://foodlicensing.fssai.gov.in/index.aspx पर जाकर अपनी एलिजिबिलिटी चेक करनी पड़ेगी और वहां पर डिटेल भरने के बाद फी स्ट्रक्चर को समझकर एफएसएसएआई के लिए साइन अप करना पड़ेगा।

लाइसेंस नंबर आप सबमिट करके चेक कर सकते हैं कि उसका एक्चुअल स्टेटस क्या है। इसकी वैलिडिटी की अगर बात करें तो 5 साल इसकी वैलिडिटी होती है और उसके बाद आपको इसे रिन्यू कराना पड़ता है।

Comment:

Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
betnano giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpas giriş
betorder giriş
betnano giriş
betnano giriş
mariobet giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
betnano giriş
betper giriş
rekorbet giriş
betnano giriş
betticket giriş
betnano giriş
betper giriş
savoybetting giriş
grandpashabet giriş
jojobet giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betnano giriş
betnano giriş
restbet giriş
safirbet giriş
betnano giriş
restbet giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
sonbahis giriş
betgaranti giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
pumabet giriş
betpas giriş
betpas giriş
betnano giriş
betwild giriş
betnano giriş
dedebet giriş
betnano giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş