चीन ,पाकिस्तान ,नेपाल और अफगानिस्तान में क्या पक रही है खिचड़ी ?

Screenshot_20200730-074749_Samsung Notes

चीन ने पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और नेपाल से कोरना संक्रमण से निपटने के लिए चार पक्षीय सहयोग का आह्वान किया है.

सोमवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान, नेपाल और अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्रियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की. वैसे तो ये बैठक ख़ास तौर पर कोरोना संक्रमण से निपटने पर बुलाई गई थी. लेकिन इसमें आर्थिक स्थिति सुधारने और चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव पर भी चर्चा हुई.

इस बैठक में अफ़ग़ानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मोहम्मद हनीफ़ अटमार और नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ज्ञावली शामिल हुए. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी इस बैठक में शामिल नहीं हुए. लेकिन उन्होंने अपना वीडियो संदेश भेजा था जबकि उनके प्रतिनिधि के रूप में आर्थिक मामलों के मंत्री मख़दूम खुसरो बख़्तियार मौजूद थे.

इस बैठक में चीन के विदेश मंत्री ने कोरोना से निपटने में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की भूमिका का समर्थन करने की भी अपील की. कोरोना से निपटने में डब्लूएचओ की भूमिका को लेकर अमरीका पहले ही कई सवाल उठा चुका है और संगठन से अपने को अलग कर चुका है.

अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार ये कह चुके हैं कि डब्लूएचओ ने सही समय पर सही सूचना नहीं दी और उन्होंने संगठन पर चीन का पक्ष लेने का भी आरोप लगाया था. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अमरीका के फ़ैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उसके सभी आरोपों को ख़ारिज कर दिया था.

आपको ये भी रोचक लगेगा

भारत-नेपाल विवाद: ओली क्या चीन के कारण हो गए हैं भारत विरोधी?

क्या चीन के चक्रव्यूह में फंस गया है भारत?

भारत-चीन तनाव को क्यों रोकना चाहता है रूस? जानिए कारण

भारत-नेपाल नक़्शा विवाद: चीन इस झगड़े को भड़का रहा है?

कोरोना पर चर्चा के दौरान चीन के विदेश मंत्री ने ये भी कहा कि जब भी चीन कोरोना की वैक्सीन विकसित कर लेगा और ये भी सुनिश्चित करेगा कि ये वैक्सीन तीनों देशों तक पहुँचे. उन्होंने इन तीनों देशों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने में चीन की मदद का भरोसा भी दिलाया.

लेकिन इन सबके बीच वो ये ज़िक्र करना नहीं भूले कि चारों देशों को बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का समर्थन करना चाहिए.

चीन के विदेश मंत्री ने कहा, “हम चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर और ट्रांस हिमालयन कनेक्टिविटी नेटवर्क के निर्माण को बढ़ावा देंगे. साथ ही अफ़ग़ानिस्तान तक इस कॉरिडोर को बढ़ाने पर भी सहयोग करेंगे.”

Image copyrightAFP

बी आर आई क्या है ?

बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत चीन एशिया और यूरोप में सड़कों और बंदरगाहों का जाल बिछाना चाहता है, जिससे चीन के सामान की दुनिया के बाज़ारों में पहुँच आसान हो सके.

दुनिया के बहुत से देश इस प्रोजेक्ट में चीन के साथ आए हैं, लेकिन भारत शुरुआत से ही इसका विरोध करता रहा है. चीन ने भारत को इसमें शामिल करने की कूटनीतिक कोशिशें की हैं जो नाकाम रही हैं.

दुनिया में अपनी पहुँच बढ़ाने के लिए चीन ने एशिया, यूरोप और अफ़्रीका के 65 देशों को जोड़ने की योजना बनाई है. इसे न्यू सिल्क रूट नाम से भी जाना जाता है. पहले इसे ‘वन बेल्ट वन रोड’ यानी ओबीओआर परियोजना कहा जाता था.

बाद में इसका नाम बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव कर दिया गया.

भारत के विरोध के पीछे मुख्य वजह ये है कि परियोजना के तहत चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा भी बन रहा है. इसके तहत चीन से शुरू हो रही सड़क पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह तक जाती है, लेकिन इसके लिए ये सड़क गिलगित-बल्तिस्तान से गुज़रती है. ये हिस्सा फ़िलहाल पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में आता है लेकिन भारत इसे अपना हिस्सा मानता है।

मायने

चीन के विदेश मंत्री ने ये पहल ऐसे समय में की है, जब भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर काफ़ी तनाव है और अब भी बड़ी संख्या में दोनों देशों की सेनाएँ सीमा पर डटी हुई हैं.

पाकिस्तान के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल के साथ भी भारत के रिश्ते में खटास आई है.

हालांकि चीन ने भारत से भी इस परियोजना में शामिल होने की अपील की थी, लेकिन भारत ने इससे इनकार कर दिया. अमरीका भी इस परियोजना को लेकर सवाल उठाता रहता है.

इस बैठक के दौरान पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और नेपाल के मंत्रियों ने चीन के विदेश मंत्री के प्रस्ताव का समर्थन किया. इन देशों ने कोरोना काल में चीन को मदद के लिए धन्यवाद भी दिया.

इन देशों ने डब्लूएचओ की भूमिका की भी सराहना की.

पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्री ने कहा कि उनका देश कोरोना से जंग में सहयोग करने को तैयार है. साथ ही बाद में आर्थिक मोर्चे पर सहयोग के लिए उसका समर्थन रहेगा.

पाकिस्तान का ज़िक्र करते हुए चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि अच्छे पड़ोसी का मतलब अच्छी क़िस्मत है. उन्होंने नेपाल और अफ़ग़ानिस्तान से कहा कि वे चीन-पाकिस्तान के बीच सहयोग के उदाहरण का अनुसरण करें.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन के सहयोग से सीख लेते हुए अफ़ग़ानिस्तान और नेपाल को सहयोग करना चाहिए ताकि मिल-जुल कर कोरोना को नियंत्रण में लाया जा सके. उन्होंने पाकिस्तान के साथ आर्थिक सहयोग का भी हवाला दिया.

Image copyrightSOPA IMAGES

मोदी ने भी की थी पहल

इस साल मार्च में जब भारतीय उपमहाद्वीप में कोरोना के संक्रमण के मामले में आने शुरू ही हुए थे, तो भारत के पीएम मोदी ने सार्क देशों के साथ बैठक कर सहयोग की अपील की थी.

15 मार्च को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग से हुई उस बैठक में सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए थे, लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान इस बैठक में नहीं आए. उन्होंने इस बैठक के लिए अपने स्वास्थ्य मंत्री को भेज दिया था.

उस समय पीएम मोदी ने कहा था- हम गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे हैं. हमें नहीं पता है कि इस महामारी का स्वरूप क्या होगा. हम एक साथ आकर इससे निपट सकते हैं. रणनीति के लिए हमें तैयार रहना होगा. भारत कोरोना वायरस से निपटने के लिए 10 अरब डॉलर देने के लिए तैयार है.

इस बैठक में श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबया राजपक्षे, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी, मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोली, भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री शामिल हुए थे.

(बीबीसी सेे साभार )

Comment:

Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
betnano giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpas giriş
betorder giriş
betnano giriş
betnano giriş
mariobet giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
betnano giriş
betper giriş
rekorbet giriş
betnano giriş
betticket giriş
betnano giriş
betper giriş
savoybetting giriş
grandpashabet giriş
jojobet giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betnano giriş
betnano giriş
restbet giriş
safirbet giriş
betnano giriş
restbet giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
sonbahis giriş
betgaranti giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
pumabet giriş
betpas giriş
betpas giriş
betnano giriş
betwild giriş
betnano giriş
dedebet giriş
betnano giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
safirbet giriş
safirbet giriş