kumbhalgarh fort jihad

लेखक – आर्य सागर

शौर्य त्याग वीरता की भूमि राजस्थान में 300 से अधिक किले हैं। आज भी प्रत्येक किला खामोशी से हमारे सनातनी हिंदू शासकों सैनिकों के शौर्य की गवाही देता है, जब जब सातवीं शताब्दी से ही पश्चिम भारत के इन किलों पर कट्टरपंथी इस्लामिक अरब अफगान तुर्क जिहादी आक्रांताओं ने हमला किया है किलों की महीनो तक घेराबंदी की तब तब लहू देकर इन किलों की रक्षा की गई आखिरी सांस तक वह लड़े और जब जब वह रणभूमि में खेत हो गए तो तब वीरांगना क्षत्राणियों न केवल खास इन किलों की आम हजारों महिलाओं ने जौहर किया है इस्लामी जिहादियों को अपनी परछाई को भी न छुने दिया लेकिन आज सैकड़ो वर्ष पश्चात उसी शौर्य बलिदान को चिढ़ाते हुए अजमेर के पहाड़ी दुर्ग तारागढ़ जिसका निर्माण पृथ्वीराज चौहान के पिता राजा अजयराज ने अरावली की नाग पहाड़ी पर कराया तो वहीं मेवाड़ के राजसमंद में स्थित कुंभलगढ़ किला जिसका निर्माण महाराणा कुंभा ने कराया महाराणा प्रताप का जन्म खुद इसी किले में हुआ वहां पर हजारों फीट ऊंचाई पर शहर से दूर होते हुए भी दुर्भाग्य से उन्हीं इस्लामिक लुटेरों के वंशजो उनके द्वारा मत्तांतरित कन्वर्टेड मुसलमानों तथाकथित शांतिप्रिय समुदाय की अवैध बस्तियां इन किलो में है यह सब पुरातत्व विभाग भारत सरकार व स्थानीय सरकारी तंत्र की नाक के नीचे हो रहा है दशकों से। यह समझ से परे है भला इतिहास व सांस्कृतिक महत्व के पर्यटन महत्व के इन किलो में कोई अपनी बस्ती कैसे बसा सकता है ?वह भी पूरे सुनियोजित षड्यंत्र के तहत। क्या हिंदू ,मुगलों द्वारा निर्मित दिल्ली के लाल किले में या ताजमहल में के परिसर में अपनी बस्ती बसा सकता है कदापि नहीं लेकिन किला जिहाद के तहत यह हो रहा है अभी तक हमने लैंड जिहाद, लव जिहाद थुक जिहाद पढ़ा सुना है।

दरअसल कुछ दिन पहले नौएडा से आर्य समाज के हमारे प्रतिनिधिमंडल का वरिष्ठ इतिहासकार डॉक्टर राकेश कुमार आर्य के नेतृत्व में पांच दिवसीय राजस्थान के इन्हीं ऐतिहासिक किलों के भ्रमण का शैक्षिक पर्यटन का कार्यक्रम रहा। अपनी इस यात्रा के तहत जब हमने विश्व विरासत में शामिल कुंभलगढ़ के किले जिसकी 36 किलोमीटर लंबी दीवारें चीन की दीवार के पश्चात दूसरी मानव निर्मित सबसे बड़ी संरचना है उसका जब भ्रमण किया तो हम दंग रह गए इस किले में 360 से अधिक मंदिर है इनमें 300 जैन मंदिर तो 60 हिंदू मंदिर है जो अपने आप में वास्तुकला के दुर्लभ नमूने है पूरे पहाड़ को तरास कर मंदिरों का निर्माण कराया गया है राणा कुंभा जिस प्राचीन शिव मंदिर में शिव की आराधना करते थे उसके पास ही मुसलमानो की बस्ती बस गई है उस मंदिर के पास एक अस्थाई छोटी सी निबू पानी शिकंजी की दुकान चलाने वाले हिंदू बैरागी परिवार ने बताया कि इस किले के अंदर के सैकड़ो मुस्लिम परिवार जानबूझकर शिवालय के आसपास मांस काटते व खाते हैं गंदगी करते हैं हमें आए दिन धमकाते हैं । जब हमने यह पूछा यह कब से यहां रह रहे है तो स्थानीय गाइड आदि ने बताया यह उसी दौर से आबाद है जब इन किलों में मुगलों ने आग लगाई थी लूटपाट की थी कुछ मुगल सरदार सैनिक इन्हीं किलों में रह गए थे यह उन्हीं के वंशज है ऐसा सेकुलर भारत में ही मिलेगा भारत की विरासत प्राचीन किलों को ध्वस्त करने वाले किलो में स्थित प्राचीन मंदिरों यज्ञशालाओं को खंडित करने वाले प्रतिमाओं को तोड़ने वाले अरब तुर्क मुगल लुटेरों के वंशज ठाट से आज भी किलों में रह रहे हैं जबकि क़िले की पूरी संपत्ति सरकारी है स्वाधीनता के उपरांत रियासतों के भारत संघ में विलय के पश्चात।

बात अजमेर शहर से 10 किलोमीटर दूर 1400 फीट पहाड़ी पर बने 12वीं सदी के किले तारागढ़ की करें तो वहां पर और अधिक सुनियोजित तरीके से किले पर कब्जा किया गया है तारागढ़ के किले पर इस्लामिक लुटेरों से सम्राट अजयराज की भीषण लड़ाई हुई वीर चौहानों ने मरते दम तक किले व क़िले की प्रजा की रक्षा की। उसी लड़ाई में अरबों का ईरानी सेनापति मीरान सैयद मशहदी मारा गया लेकिन दुर्भाग्य की बात है तारागढ़ के किले में आज उसकी मजार बनी हुई है जहां मुसलमान ही नहीं अजमेर शरीफ की तरह अजमेर व दूरराज के मतिभ्रष्ट क़ब्र पूजक हिंदू जाकर माथा टेकते हैं। उस क़िले में सम्राट अजयपाल या पृथ्वीराज चौहान आदि किसी की भी कोई प्रतिमा नहीं है किला पूरी तरह खंडित हो चुका है किले के लक्ष्मी पोल का भी कोई रखरखाव नहीं है। हमने देखा किले पर 5000 से अधिक अवैध मुस्लिम परिवार है जो दिन में अजमेर शहर में कामकाज व्यवसाय करते हैं शाम को तारागढ़ की ओर लौट जाते हैं अवैध इसलिए कह रहे हैं अभी कुछ वर्ष पहले अजमेर नगर प्रशासन ने वहां अतिक्रमण मुक्त अभियान भी चलाया था किले के आसपास की पहाड़ियों पर भी अवैध निर्माण हो रहा है आए दिन अवैध गतिविधियों में उनके लिप्त होने की खबरें स्थानीय स्तर पर आती है। अब दूसरे पहेलू पर विचार करते हैं जब हमने चित्तौड़गढ़ किले का भ्रमण किया चित्तौड़गढ़ किलो में हजारों वर्षों से रही मेवाड़ आदि शासको के दौर से रहने वाली प्रजा जिनके पुर्वजों का उल्लेख राजा रजवाड़ो के ऐतिहासिक दस्तावेजों में भी है संपत्ति से जुड़े कानूनों के दस्तावेजों में भी है ऐसे सैकड़ों जिसमें हिंदू माली कुंभकार परिवार आदि शामिल है उनको किले के संरक्षण के नाम पर उनको चित्तौड़गढ़ शहर में पुनर्स्थापित किया जा रहा है लेकिन कुंभलगढ़, तारागढ़ जैसे इन किलों में अवैध घुसपैठियों को निकालने के लिए आज भी कोई सरकारी कार्य योजना नहीं है, इसके लिए विशेष अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है।

नीचे यह किला जिहाद का चित्र कुंभलगढ़ के किले का वास्तविक है, प्रतीकात्मक नहीं।

लेखक – आर्य सागर
तिलपता ग्रेटर नोएडा

Comment:

betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
casinolevant giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti mobil giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
betgaranti güncel giriş
Kolaybet Giriş
ngsbahis giriş
artemisbet güncel
bettilt giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti giriş
betnano güncel giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
bettilt giriş
Betgaranti
sahabet giriş
betgaranti
betgaranti giriş
onwin giriş
onwin giriş
grandpashabet giriş
kolaybet
betgaranti giriş
sahabet
sahabet
marsbahis giriş
onwin
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
betkanyon
betkanyon
sahabet giriş
betkanyon giriş
betkanyon giriş
marsbahis giriş
marsbahis giriş
onwin
onwin
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betkanyon
Betgaranti Giriş
holiganbet
holiganbet
sahabet
Kolaybet Giriş