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आर्य वीर दल गौतमबुद्ध नगर का चरित्र निर्माण शिविर हुआ संपन्न

ग्रेटर नोएडा। यहां स्थित महात्मा हंसराज आदर्श विद्यालय बंबावड़ गौतम बुद्ध नगर में एक सप्ताह तक चला आर्य वीर दल चरित्र निर्माण शिविर संपन्न हो गया। चरित्र निर्माण शिविर के बारे में जानकारी देते हुए आर्यवीर दल जनपद गौतम बुद्ध नगर के संचालक आचार्य कर्णसिंह ने हमें बताया कि इस अवसर पर सैकड़ो युवाओं को चरित्र निर्माण के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण, धर्म रक्षा और स्वास्थ्य रक्षा सहित आध्यात्मिक क्षेत्र में भी उन्नति करने के विषय में अनेक विद्वानों द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।


सनातन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले आर्य जगत के सुप्रसिद्ध विद्वान अरुण आर्य वीर ने प्रशिक्षणार्थियों का प्रतिदिन मार्गदर्शन किया। उन्होंने सनातन के अनेक गूढ़ रहस्यों को बड़ी सरलता के साथ प्रशिक्षण शिविर में आए विद्यार्थियों के मन मस्तिष्क में उतारने का उत्तमोत्तम कार्य किया। उन्होंने योग के साथ-साथ विद्यार्थियों को आध्यात्मिक क्षेत्र में भी उतरने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने उपदेशों में इस बात पर बल दिया कि विद्यार्थी राष्ट्र के लिए समर्पित होकर सामाजिक क्षेत्र में जब उतरें तो वे व्यक्तिगत जीवन में शुचिता, पवित्रता और ईमानदारी को अपनाएं। प्रशिक्षण शिविर में बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र सिंह आर्य ने बच्चों को राष्ट्र निर्माण में बढ़ चढ़कर अपना सहयोग देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को चरित्र निर्माण के प्रति सजग करते हुए कहा कि जितना चरित्र ऊंचा होगा, उतना ही जीवन ऊंचा होगा और जितना जीवन ऊंचा होगा उतना ही राष्ट्र ऊंचा होगा।


आर्य प्रतिनिधि सभा जनपद गौतम बुद्ध नगर के प्रधान डॉ राकेश कुमार आर्य ने शिविर के अंतिम दिन आयोजित किए गए विदाई समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थी इस विद्यालय से जिस प्रकार का प्रशिक्षण लेकर जा रहे हैं वह उनके जीवन की अनमोल निधि बनकर सदा उनका मार्गदर्शन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि आज इन विद्यार्थियों का दूसरा जन्म हुआ है , इसलिए यह स्वयं भी अपने आप में द्विज होने का अनुभव कर रहे हैं। श्री आर्य ने कहा कि वैसे तो इतिहास में अनेक ऐसे योद्धा हुए हैं जिन्होंने धर्म रक्षा, संस्कृति रक्षा और राष्ट्र रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया, पर मैं यहां पर धुला भंगी का नाम विशेष रूप से लेना चाहूंगा जिन्होंने तैमूर लंग जैसे विदेशी आक्रमणकारी की 52000 की सेना में से 9000 की सेना का अंत धर्म रक्षा और राष्ट्र रक्षा के लिए कर दिया था। आज हमें इसी तर्ज पर अपने विद्यार्थियों का निर्माण करने की आवश्यकता है। इसी प्रकार आर्य वीर दल गौतम बुध नगर के संचालक आचार्य कर्णसिंह ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा कि देश के युवाओं को भारत के इतिहास के क्रांतिकारियों के जीवन से आदर्श प्रेरणा लेनी चाहिए। इसके साथ-साथ ऋषियों के चिंतन और जीवन से भी उन्हें प्रेरणा लेनी चाहिए। इसके लिए अपेक्षित है कि आज का विद्यार्थी आर्य समाज की विचारधारा के साथ जुड़े और मानवता के लिए समर्पित होकर कार्य करे।
आर्य प्रतिनिधि सभा जनपद गौतम बुद्ध नगर के उप प्रधान मुकेश नागर एडवोकेट ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए विद्यार्थियों का तैयार किया जाना समय की आवश्यकता है। आज के विद्यार्थी वर्ग को और विशेष रूप से यहां प्रशिक्षण लेने के लिए पहुंचे युवाओं को राष्ट्र के समक्ष खड़ी चुनौतियों को समझना होगा। जिससे कि वह स्वयं अग्नि वीर बनकर राष्ट्र और धर्म के लिए एक योद्धा बनकर सामाजिक क्षेत्र में उतरें। आर्यवीर दल उत्तर प्रदेश के उपसंचालक आर्य वीरेश भाटी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वैदिक संस्कृति के माध्यम से ही हम संसार की समस्याओं का और चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं। मैं चाहूंगा कि हमारे विद्यार्थी राष्ट्र रक्षा के साथ-साथ मानवता की सेवा के लिए समर्पित होकर आगे बढ़ें। इस अवसर पर वैदिक विद्वान आचार्य दिवाकर ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि हमें आर्यावर्त निर्माण के लिए संकल्पित होना होगा। क्योंकि वर्तमान राष्ट्रीय समस्याओं का समाधान केवल वैदिक राजनीतिक व्यवस्था के द्वारा दिया जाना ही संभव है। इसी प्रकार देव मुनि जी महाराज द्वारा अपने संबोधन में विद्यार्थियों से अपेक्षा की गई कि वह चरित्र के क्षेत्र में निरंतर आ रही गिरावट के प्रति अन्य युवाओं को भी प्रेरित करेंगे और समाज के साथ-साथ राष्ट्र की भी नई दिशा देंगे। जबकि आर्य युवा नेता आर्य सागर खारी ने अपने क्रांतिकारी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं को अपने ऋषियों के चिंतन को आत्मसात करना होगा। जिन्होंने आध्यात्मिक क्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में मानवता की उत्कृष्टतम सेवा की और मानव जीवन को सहज, सरल, सुगम और सबके लिए उपयोगी बनाने में अपनी अप्रतिम भूमिका का निर्वाह किया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए राजार्य सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महेंद्र सिंह आर्य ने कहा कि स्वामी दयानंद जी महाराज का चिंतन ही राष्ट्र को ऊंचाई प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने इस चरित्र निर्माण शिविर में भाग लिया है वह अपने जीवन में सत्यार्थ प्रकाश को अवश्य पढ़ें। क्योंकि सत्यार्थ प्रकाश ही वह पवित्रतम पुस्तक है जो प्रत्येक विद्यार्थी और प्रत्येक मनुष्य का जीवन बदल सकती है। इस पुस्तक के अध्ययन से युवाओं में क्रांतिकारी भावों का स्फुरण होगा, जिससे हम अपने देश के युवाओं के भीतर नई ऊर्जा को प्रवाहित होते हुए देखेंगे।
इस अवसर पर आर्य समाज के प्रति समर्पित होकर काम करने वाले विजेंद्र सिंह आर्य, कमल सिंह आर्य, धर्मवीर सिंह आर्य, सुरेंद्र सिंह आर्य, महावीर सिंह आर्य, शिवकुमार आर्य, गुरुकुल सिकंदराबाद के प्रबंधक ओमवीर सिंह भाटी, प्रेमचंद आर्य सहित अनेक विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किया और युवाओं को राष्ट्र की अनमोल निधि बताते हुए कहा कि उनकी भूमिका ही राष्ट्र धर्म व संस्कृति को ऊंचाई प्रदान करती है। जिस राष्ट्र का युवा सधा हुआ होता है वह राष्ट्र उन्नति को प्राप्त होता है। यदि भारत का युवा राष्ट्र निर्माण के प्रति संकल्पित होकर अपने चरित्र के प्रति भी सावधान हो जाए तो भारत फिर से विश्व गुरु बन सकता है।
इस अवसर पर आर्य वीर दल के इस कार्यक्रम को संपन्न कराने में अपनी विशेष भूमिका का निर्वाह करने वाले लीलू सिंह आर्य, महाशय चरण सिंह आर्य, आर्य वीर दल के मंत्री रविंद्र आर्य, आर्य दिवाकर नागर, शेखर आर्य, सत्यवीर सिंह आर्य, भूदेव सिंह आर्य, सत्यपाल आर्य, किताब सिंह आर्य, गिरीश मुनि, विजेंद्र सिंह आर्य , महाशय वेदपाल सिंह आर्य, ब्रह्म सिंह आर्य, ब्रह्म प्रकाश आर्य सहित अन्य कर्मठ और पुरुषार्थी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान डॉ राकेश कुमार आर्य द्वारा सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित होने वाले विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट कौशल प्रदर्शन भी किया। जिसकी उपस्थिति लोगों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित रहे विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त सभी प्रशिक्षुओं को भी कुछ ना कुछ पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के अभिभावक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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