Categories
अन्य कहानी

*🕉️ रात्रि कहानी 🕉️*

भाग्य-और-कर्मफल

रामदीन बहुत ही गरीब था।बचपन से आज तक का उसका जीवन अभावों में ही बीता था।समय के साथ माता-पिता छोड़ गए,किन्तु गरीबी ने नहीं छोड़ा।शादी हो गई,बच्चे हो गए| सब आए,मगर भाग्य लक्ष्मी न आई।

रामदीन बहुत दुखी रहता।कई बार सोचता आत्मघात कर लूं। मगर पत्नी और बच्चों का ख्याल करके ऐसा नहीं कर पाता था। ऐसा भी नहीं था कि वह निकम्मा था कामचोर था,खूब मेहनत करता था,किन्तु मेहनत का फल नहीं मिल पाता था।

एक दिन उसका एक पुराना मित्र शंकर शहर से आया तो उसके शाही ठाठ-बाट देखकर रामदीन को बड़ा आश्चर्य हुआ।शंकर कुछ साल पहले तक गांव में फटे-पुराने कपड़े पहने फिरा करता था, जिसके घर में खाने के लिए रोटी भी नहीं थी,आज वही शंकर कितना धनवान बन गया था।

शंकर उसके घर आया तो बच्चों को रोते देखकर बोला, “अरे रामदीन, तेरी जिन्दगी नहीं बदली, देख तो तूने घर की क्या हालत बना रखी है, बच्चे भूख से तड़प रहे हैं।”

“क्या करूं शंकर भाई, मैं तो खुद ही इस जीवन से तंग आ गया हूं। यह गरीबी मेरा पीछा ही नहीं छोड़ती।”

“रामदीन! अब तुम मेरे साथ शहर चलोगे।”

“मैं तो तुम्हारे साथ शहर चला चलूंगा भाई।”

“तो ठीक है, तू कल ही मेरे साथ चल वहां जाते ही तेरी किस्मत बदल जाएगी।”

शंकर की बात मानकर रामदीन उसके साथ शहर चला आया। उसने उसे एक दुकानदार के पास काम भी दिला दिया।एक वर्ष तक रामदीन खूब मन लगाकर काम करता रहा।उसी का यह फल था कि उसने काफी धन जमा कर लिया| एक वर्ष के पश्चात् रामदीन ने घर वापस आने की तैयारी कर ली| उसने अपने रुपयों को एक पोटली में बांधा और गांव की ओर चल पड़ा।रास्ते में एक बहुत घना जंगल पड़ता था चलते-चलते उसे रात हो गई,रामदीन ने सोचा कि रात के समय जंगल में सफर करना ठीक नहीं,इसलिए उसने रात काटने के लिए एक घने वृक्ष का सहारा लिया।थके हुए इन्सान को नींद भी जल्दी आती है।

रामदीन काफी थका हुआ था, इसलिए उसे लेटते ही नींद आ गई।नींद में ही उसने दो प्राणियों को अपने ऊपर झुके हुए देखा, उनमें से एक बोला – “अरे! इस आदमी के भाग्य में भोजन और कपड़े के सिवा कुछ नहीं लिखा, फिर इसके पास इतना धन क्यों और कहां से आया?”

“मैंने दिया है।” दूसरा बोला – “यह आदमी बहुत ही ईमानदार और परिश्रमी है।इसने परिश्रम किया, मैंने धन दिया।”

“लेकिन इसके भाग्य में यह धन लिखा कहां है।” कहकर वह हंसा, फिर दोनों चले गए।

सुबह उठकर रामदीन ने अपने धन की थैली टटोला तो वह गायब थी| वह बेचारा अपना सिर पीट कर रह गया।साल भर की कमायी कोई लेकर चलता बना था।अब वह अपने घर कैसे जाएगा? अपने बीवी-बच्चों को क्या मुंह दिखाएगा? बहुत देर तक अकेला बैठा रामदीन रोता रहा,किन्तु उस जंगल में उसका दुःख देखने वाला कोई नहीं था।आखिरकार उसने एक बार फिर से शहर जाने का फैसला कर लिया।शहर जाकर वह फिर से मेहनत-मजदूरी करने लगा।

एक साल फिर बीत गया,उसने अपनी कमाई का धन फिर से एक थैली में डाला और गांव के लिए चल पड़ा,पहले की भांति ही उसने उस जंगल के घने पेड़ के नीचे रात काटने का निर्णय लिया और हरी-हरी घास पर बड़े आनन्द से सो गया।इस बार भी नींद में उसे पहले की भांति ही दो प्राणी नजर आए,दोनों उसके ऊपर झुके हुए थे।एक ने कहा – “भैया कर्म! एक बार फिर यह ढेर-सा धन कमा लाया,कुछ समझ नहीं आता जो चीज इसके भाग्य में नहीं वह तुम इसे क्यों देते हो।”

“अरे भाई,जो परिश्रम करेगा वह तो धन कमाएगा ही,यह बेचारा गरीब दिन-रात मेहनत करता रहा है,फिर धन क्यों न कमाए?तुम जानते ही हो कि मैं हर परिश्रमी आदमी को उसका फल देता हूं, और तुम..।”

मैं तो भाग्य हूं..जब तुम अपना काम पूरा कर लेते हो तो मेरा काम शुरू होता है, तुमने इसकी मेहनत का फल इसे दे दिया, मगर जब मैंने इसके भाग्य में यह लिखा ही नहीं तो…।” कहते हुए उस आदमी ने उसके सिर के नीचे रखी रुपयों की थैली निकाली और दोनों चलते बने।

रामदीन एकदम से घबरा कर उठा,उसने उठकर जैसे ही अपने रुपयों वाली थैली को देखना चाहा तो उसका दिल एकदम से डूबने लगा।रुपयों की थैली वहां नहीं थी – “हे भगवान यह मेरे साथ क्या अन्याय हो रहा है।मेरी साल भर की कमाई एक रात में ही क्यों हवा बनकर उड़ जाती है।अब तो मैं कमा-कमाकर बहुत थक गया हूं,अब मेरे शरीर में इतनी शक्ति भी नहीं रही कि मैं और इतना कड़ा परिश्रम पुनः कर सकूं… अब तो इस जीवन से मरना ही अच्छा है।मौत…मौत…।” यह कहते हुए रामदीन ने अपनी धोती को कसकर गले में बांधा…और उसी वृक्ष से बांध कर आत्महत्या करने की चेष्टा करने लगा।

उसी समय आकाशवाणी हुई “हे भले मानव! यह मत भूल कि मैंने धरती पर तुझे जीने के लिए भेजा है और तुझे यह भी बता दूं कि जन्म से पूर्व ही मैंने तेरा भाग्य भी लिख दिया था।मगर एक तुम हो कि धन के पाते ही मुझे भी भूल गए,यह भी भूल गए कि तुम्हें कोई जन्म देने वाला भी है,धन कमाते ही तुम ईश्वर को भूल गए…ओ मुर्ख प्राणी? केवल धन ही तो जीवन नहीं है।फिर तुझे आत्महत्या करने का अधिकार ही क्या है? यह जीवन तुम्हारा अपना नहीं, मेरा है।मैं ही जीवन देता हूं… मैं ही लेता हूं… अब तो सीधी तरह अपने घर जा… चिंता छोड़ दे, धन जोड़ने से इंसान को शांति नहीं मिलती।अब तू घर जा,मैंने तेरे खाने-पीने की जिम्मेदारी ले रखी है, फिर तू क्यों चिंता में मरा जा रहा है।जा…घर जा… चिंता छोड़ दे, तू जहां भी जाएगा तेरा भाग्य तेरे साथ जाएगा| रोने-धोने और चिंता करने से कुछ नहीं होता।”

इस आकाशवाणी को सुनकर रामदीन वापस अपने घर की ओर चल पड़ा| घर जाकर उसने देखा कि उसके बच्चे और पत्नी तो बड़े मौज में हैं।घर में खूब रौनक है। सबने नए वस्त्र पहन रखे थे। रामदीन को देखते ही सब खुशी से झूम उठे।उसने पत्नी से पूछा, “भाग्यवान! यह सब क्या है? यदि तुम मेरे आने पर इसलिए खुश हो रहे हो कि मैं शहर से तुम्हारे लिए बहुत-सा धन कमा के लाया हूं तो तुम भूल जाओ, क्योंकि मेरा तो सारा धन चोर ले गए।”

यह सब सुनकर उसकी पत्नी और बच्चे मुस्कराने लगे।

“मगर तुम्हारे पास इतना धन कहां से आया?”

“एक साधु बाबा दो थैलियां दे गए थे, रुपयों से भरी थैलियां और उन्होंने कहा कि यह तुम्हारे बच्चों के भाग्य का है..।”

“वाह रे भाग्य… मैं कितना अभागा था और यह बच्चे…?”

        जयश्री राम 
*🙏 शुभ रात्रि 🙏*

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betvole giriş
betvole giriş
fenomenbet
betvole giriş
betkanyon
betvole giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
imajbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betvole giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
timebet giriş
timebet giriş
realbahis giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
timebet giriş
timebet giriş
betpuan giriş
betpuan giriş
vaycasino giriş
kulisbet giriş
mariobet giriş
realbahis giriş
vaycasino giriş
grandbetting giriş
hititbet giriş
norabahis giriş
grandpashabet giriş
betvole giriş
grandpashabet giriş
norabahis giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
imajbet giriş
damabet
betnano giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betvole giriş
betpark giriş
betvole giriş
betpark giriş
celtabet giriş
betpipo giriş
norabahis giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
superbahis giriş
perabet giriş
perabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet
betpark giriş
betnano giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
maxwin giriş
maxwin giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betpas giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betplay giriş
betplay giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
mariobet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
mariobet giriş
betvole giriş
mariobet giriş
safirbet giriş
safirbet giriş
mariobet giriş
betpas giriş
hititbet giriş
madridbet giriş
madridbet giriş
dedebet
betkanyon
betnano giriş
radissonbet
casinofast