करुणामयी और स्वाभिमानी थीं सिंधिया घराने की राजमाता माधवी राजे

Screenshot_20240516_074351_Gmail

(राकेश अचल -विभूति फीचर्स)
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां श्रीमती माधवी राजे सिंधिया नहीं रहीं। वे लम्बे अरसे से अस्वस्थ थीं। एक लम्बे अरसे से सार्वजनिक जीवन से दूर अपने परिवार में रमीं रहने वाली श्रीमती माधवी राजे सिंधिया अपने यशस्वी खानदान की अंतिम विधिक महारानी थीं ,उन्हें क़ानूनन सिंधिया राजघराने के राज चिन्हों और प्रतीकों का इस्तेमाल करते हुए महारानी रहने का सुख केवल पांच साल ही मिल सक। 1971 में भारत सरकार ने देश के तमाम राजघरानों के साथ सिंधिया राजघराने के सभी विशेषाधिकार और प्रतीक चिन्ह छीन लिए थे।
श्रीमती माधवी राजे सिंधिया 8 मई 1966 को नेपाल से सिंधिया घराने की महारानी बनकर आयीं थीं। उनका विवाह सिंधिया घराने के अंतिम राज प्रमुख श्री माधवराव सिंधिया से हुआ था। उस समय राजमाता की पदवी श्रीमती विजयाराजे सिंधिया के पास थी। माधवी राजे नेपाल के कास्की और लामजुंग के महाराजा शमशेर जंग बहादुर राणा की पुत्री थीं। विवाह से पहले उनका नाम किरण राज लक्ष्मी देवी था। सिंधिया परिवार का हिस्सा बनते ही उनका नाम किरण से माधवी राजे हो गया। श्रीमती माधवी राजे की पहली संतान चित्रांगदा राजे थीं। उनका जन्म 1967 में हुआ,उनके पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया 1971 में जन्मे।
परम्परा ने श्रीमती माधवी राजे सिंधिया को राजमाता उसी दिन बना दिया था जिस दिन उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया का विवाह हुआ था ,लेकिन वैधानिक रूप से वे राजमाता नहीं बन पायीं थी। राजमाता के रूप में जो सम्मान उनकी सास श्रीमती विजया राजे सिंधिया को हासिल हुआ था ,वो भी उन्हें शायद हासिल नहीं हुआ। इसकी वजह ये है कि वे अपनी सास की तरह न तो जनता से बहुत हिलीमिली थीं और न उनकी सार्वजनिक जीवन में बहुत ज्यादा उपस्थिति थी ,हालाँकि उनके विवाह के पांच साल बाद ही माधवीराजे के पति माधवराव सिंधिया राजनीति में उतर आए थे। माधवराव सिंधिया ने 1971,1977 और 1980 का लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता था।
राजघराने की परम्पराओं से बंधी श्रीमती माधवी राजे ने पहली बार राजमहल की सीढ़ियां लांघने का साहस 1985 में तब दिखाया जब उनके पति माधवराव सिंधिया ग्वालियर से भाजपा के अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे। मुझे खूब याद है कि उस चुनाव में श्रीमती माधवी राजे सिंधिया ने अपने पति के लिए कंधे से कन्धा मिलाकर चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया था। वे छोटी-छोटी नुक्कड़ सभाओं में भाषण देने जातीं थीं। एक सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन घायल तथा कुछ और लोग पूरे चुनाव में माधवी राजे सिंधिया की सभाओं और जनसम्पर्क कार्यक्रमों की रूप रेखा बनाते थे।
श्रीमती माधवी राजे का ग्वालियर से मोह तब तक ज्यादा था जब तक उनके पति जीवित रहे । 2002 में माधवराव सिंधिया के आकस्मिक निधन के बाद श्रीमती माधवी राजे का राजनीति से मोह भंग हो गया । उन्होंने अपने आपको अपने परिवार बहू,बेटे और नाती-पोतों तक सीमित कर लिया। उनका ग्वालियर आना भी पहले के मुकाबले बहुत कम हो गया था। लेकिन वे अपने पति के समर्थकों को नाम से पहचानती और पुकारती थीं। वे बहुत स्वाभिमानी और करुणामयी थी। उन्होंने अपने पति के निधन के बाद अपने बेटे को राजनीति में स्थापित होते देखकर ही सुखानुभूति कर ली लेकिन वे कभी ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए चुनाव प्रचार करतीं नहीं दिखाई दीं। कुछ महल की मर्यादा और कुछ परिस्थितियां उन्हें एकाकी बनाती चली गयी। अन्तिम समय में उनके बहू,बेटे और नाती महाआर्यमन ने उनका भरपूर ख्याल रखा। उनकी कमी ग्वालियर को खलेगी,क्योंकि उनके जाने के बाद ग्वालियर की एक पूरी पीढ़ी का महल में कोई अपना कहने वाला नहीं रहा। श्रीमती माधवी राजे सिंधिया और राजमाता विजयाराजे सिंधिया में कोई समानता नहीं थी लेकिन वे महल की गरिमा को आजीवन बनाये रखने में कामयाब रहीं यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी।उनकी एक अन्य उपलब्धि यह भी थी कि वे कभी किसी विवाद में भी नहीं उलझी।(विभूति फीचर्स)

Comment:

betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
vaycasino
vaycasino
betgaranti giriş
norabahis giriş
oslobet giriş
oslobet giriş
oslobet giriş
betnano
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
vaycasino
vaycasino
Betist
Betist giriş
vaycasino
vaycasino
vaycasino
vaycasino
betpark giriş
betpark giriş
perabet giriş
perabet giriş
bahiscasino giriş
bahiscasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betnano giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
vaycasino
vaycasino
betnano giriş
betnano giriş
ikimisli giriş
betplay giriş
timebet giriş
roketbet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
vaycasino
vaycasino
ikimisli giriş
betplay giriş
norabahis giriş
pokerklas giriş
pokerklas giriş
betnano giriş
norabahis giriş
betnano giriş
vaycasino
vaycasino
betpark
betpark
Hitbet giriş
Bahsegel giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
betnano giriş
betpuan giriş
betpuan giriş
holiganbet giriş
vaycasino
vaycasino
realbahis giriş
betnano giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
realbahis giriş
royalbet giriş
royalbet giriş
royalbet giriş
betnano giriş
celtabet giriş
betnano giriş
celtabet giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
betpark
betpark
betpark
betpark
norabahis giriş
norabahis giriş
timebet giriş
timebet giriş
roketbet giriş
roketbet giriş
vaycasino giriş
betplay giriş
betplay giriş