इक्कीसवीं सदी में भव्य आकार लेती पुरातन अयोध्या

images (23)

✍️ डॉ. राधे श्याम द्विवेदी

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद साल 2020 में राम मंदिर के निर्माण की शुरुआत हुई । रामजन्म भूमि परिसर कभी 70 एकड़ का था। आज रामजन्म भूमि परिसर करीब 100 एकड़ में विस्तारित हो चुका है। विशाल परिसर की पूरी तरह सफ़ाई कराने के बाद उसमें से दो एकड़ ज़मीन को मंदिर के लिए चुना गया । हज़ारों करोड़ की लागत से बनने वाले इस नए राम मंदिर के सज सज्जा अब अपने अंतिम चरण में है ।

दो लाख श्रद्धालुओं का प्रतिदिन आना जाना संभावित:-

इस समय करीब 30 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के रुकने के लिए 15 नए होटल बन रहे हैं। साथ ही 32 होटल लाइसेंस पाने की प्रकिया पूरी कर रहे हैं। इसके अलावा अन्य छोटे होटल रेस्टोरेंट गेस्ट हाउस, होम स्टे और धर्मशालाएं भी बन रही हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्‍ठा से पहले सारे काम पूरे हो जाएंगे। राममंदिर के निर्माण के साथ जिस तरह से अयोध्या में देर भर के श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी है, उससे मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन को अनुमान है कि अगले दो सालों में रोजाना डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचने लगेंगे। बाहर से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं।

डबल इंजन की सरकार में परिवर्तन की मुहिम :-

छः साल पहले योगी सरकार आने के बाद अयोध्या की तस्वीर बदलनी शुरू हुई। फैजाबाद जिला और कमिश्नरी हेडक्वार्टर का नाम हटा कर अयोध्या को यह दर्जा दे दिया गया। साथ ही अयोध्या के नाम पर निगम और विकास प्राधिकरण के नाम बदल दिए गए। यहां तक कि केंद्र सरकार के संस्थान फैजाबाद रेलवे स्टेशन और फैजाबाद डाकघर के नाम भी अयोध्या कैंट और अयोध्या डाकघर कर दिए गए। बीजेपी की डबल इंजन की सरकार के दौरान अयोध्या परिवर्तन की मुहिम यहीं नहीं रुकी।

अयोध्‍या की बदल रही तस्‍वीर :-

अयोध्या के भव्‍य राम मंदिर के निर्माण के साथ अयोध्या की तस्वीर बदल रही है। केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार दोनों के फोकस में अयोध्या है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अयोध्या में 30,000 करोड़ से भी ज़्यादा के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शुरू कर चुके हैं। जब से राम मंदिर के निर्माण का कार्य शुरू हुआ है और एक अस्थाई स्थान पर राम लला की मूर्ति रखी गई है, तब से दर्शन करने वालों का तांता लगा हुआ है। अयोध्या को विश्वस्तरीय नगरी बनाने के काम के साथ पूरे पूर्वांचल का भी विकास हो रहा है। कुछ व्यापारी अव्यवस्थित हुए । उनका व्यापार प्रभावित हुआ फिर भी यहां के व्यापारी और नागरिक प्रसन्न है। दिन रात काम चल रहा है। नित नित नव अयोध्या का स्वरूप निखर रहा है। शहर में स्वच्छता बढ़ा है, गलियां साफ़ हैं। आए दिन प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आ रहे हैं, तो निश्चित रूप से उसका लाभ वहां के स्थानीय लोगों को मिल रहा है। हां बाहर के श्रद्धालुओं पर पाबंदियां जरूर खलती है । इक्कीसवीं सदी की नव अयोध्या रोज का रोज बदलती जा रही है।

परिवर्तन को तरस रही अयोध्या का द्रुत गति से विकास :-

भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त, 2020 को अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला रखी थी। देश का राजनीतिक परिदृश्य परिवर्तित कर देने वाली अयोध्या 500 साल से परिवर्तन को तरस रही थी। पीढ़ियों का संघर्ष अब मंदिर निर्माण के रूप में फलित हो रहा है। मात्र चार वर्ष में ही अयोध्या विकास के उस पथ पर अग्रसर है, जिसकी कल्पना मुदित करती है। संकरी गलियों के जाल से मुक्त राम लला के दरबार का विस्तार हो चुका है। कभी जेल नुमा रास्तों से राम लला के दरबार में पहुंचना पड़ता था। वर्तमान में 90 फीट चौड़ा आधुनिक सुविधाओं से युक्त पथ आस्था की राह सुगम कर रहा है। रामनगरी हर उस सुविधा से सुसज्जित हो रही है जो उसकी गरिमा के अनुकूल है। यहां के संत तो यहां तक कहते हैं कि अयोध्या का सुंदरीकरण या तो महाराज विक्रमादित्य ने कराया था, या फिर अब मोदी और योगी के युग में हो रहा है।

राम के आगमन जैसा उल्लास :-

रामचरित मानस की यह पंक्ति यहां साकार रूप ले रही है-
अवधपुरी प्रभु आवत जानी, भई सकल सोभा कै खानी।
लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम जब अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके आगमन की खुशी में रामनगरी इस तरह सजाई गई कि शोभा की खान हो गई थी। 22 जनवरी को राम लला की नए मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा है। अयोध्या में इसका उल्लास भगवान राम के आगमन जैसा ही है।
जिस अयोध्या को कभी श्रीराम ने वैकुंठ से भी प्रिय बताया था, उसने विकास की वैसी प्रतीक्षा की है, जैसी उसने त्रेता में वनवास पर गए अपने राम के लिए की थी। सरकार के प्रयासों से रामनगरी को इस तरह सजाया और संवारा जा रहा है, जो निकट भविष्य में पूरी दुनिया को आकर्षित करेगी।

राम की भव्य पैड़ी:-

गंदे नाले में तब्दील हो चुकी राम की पैड़ी को करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से सजाया गया है। यह अब आस्था के साथ पर्यटन का केंद्र बन चुकी है। यहां के पंपिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई गई है। हर शाम लेजर शो व लाइट एंड साउंड सिस्टम शो के जरिये रामकथा की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र होती है। रोज की शाम कुछ नया लुक दे रही है।

मठ-मंदिरों की भी आभा लौट रही है :-

रामनगरी की समृद्ध स्थापत्यकला व प्राचीनता के गवाह मठ-मंदिरों की भी आभा लौट रही है। करीब 65 करोड़ की लागत से रामनगरी के 37 प्राचीन मंदिरों का सुंदरीकरण कराया जा रहा है। अगले कुछ ही महीनों में ये मंदिर भक्तों को आकर्षित करते नजर आएंगे।

सौर ऊर्जा और पार्किंग में वृद्धि:-

बदलती अयोध्या में रामनगरी की गलियों को भी चमकाया जा रहा है। 73 करोड़ की लागत से अयोध्या धाम के 15 वार्डों की गलियों को सौर ऊर्जा से जगमग करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। अयोध्या में कौशलेश कुंज पर एक, टेढ़ी बाजार में दो मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यहां भक्त अपने चारपहिया व दो पहिया वाहन पार्क कर सकेंगे।

लता मंगेशकर चौक नए रूप में :-

रामनगरी का नयाघाट चौराहा अब लता मंगेश्कर चौक के नाम से प्रसिद्ध है। नयाघाट चौराहा पहले मात्र 30 फीट चौड़ा हुआ करता था। मेलों के दौरान यहां भीड़ नियंत्रण में पसीना छूट जाता था। वर्तमान में यह चौराहा 100 फीट चौड़ा हो चुका है। लता मंगेश्कर की स्मृति में चौक पर स्थापित 40 फीट लंबी वीणा भक्तों को आकर्षित करती है। यहां हमेशा लता मंगेशकर के भजन गूंजते रहते हैं। हर कोई इसे अपने कैमरे में कैद कर रहा है।

रामकथा संग्रहालय की उपयोगिता बढ़ी :-

नयाघाट स्थित रामकथा संग्रहालय वर्षों से निष्प्रयोज्य पड़ा था। अब इसे श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को समर्पित कर दिया गया है। ट्रस्ट इसका नए सिरे से सुंदरीकरण कराने जा रहा है। यहां मंदिर आंदोलन का इतिहास दर्शाया जाएगा। अन्य सांस्कृतिक व धार्मिक गतिविधियां संचालित होंगी।

अंतरराष्ट्रीय रामायण वैदिक शोध संस्थान की रिमॉडलिंग-

अयोध्या शोध संस्थान का नाम भी सरकार ने बदल दिया है। अब अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के नाम से इसे जाना जाएगा। 17 करोड़ की लागत से इसकी रिमॉडलिंग का काम चल रहा है। यहां भगवान राम से जुड़े साहित्य पर अध्ययन होंगे। रामलीला से जुड़े लोगों को रोजगार दिया जाएगा। संस्थान में विश्व के विभिन्न भाषाओं में रचित रामायण पर आधारित ग्रंथों, पुरातन परंपरा के वैदिक मंत्रों व इन पर लिखे गए विभिन्न टीकाओं पर अनुसंधान होगा। देश व विदेश के शोध छात्रों को जोड़ा जाएगा।

प्राचीन कुंडों की लौट रही गरिमा : –

रामनगरी की पौराणिकता के गवाह प्राचीन कुंडों का सुंदरीकरण कराया जा रहा है। इनमें से गणेश कुंड, हनुमानकुंड, स्वर्णखनि कुंड का अस्तित्व मिटने के कगार पर था। अब ये कुंड पर्यटन का केंद्र बन चुके हैं। सूर्यकुंड पर हर शाम लेजर शो देखने के लिए भीड़ उमड़ती है। इसी तरह दंतधावन कुंड, अग्निकुंड, खर्जुकुंड, विद्याकुंड की भी गरिमा लौट रही है। ये पर्यटन का केंद्र बन चुके हैं।

श्रीरामजन्म भूमि का श्रद्धा पथ सजा :-

बिरला धर्मशाला वा सुग्रीव किले से श्रीराम जन्म भूमि मंदिर मार्ग तक .566 किमी का फोर लेन तैयार किया जा रहा है, जिसका नाम जन्म भूमि पथ रखा गया है। इसके निर्माण में जमीन खरीदने से लेकर अन्य निर्माण में 83.33 करोड़ का खर्च आ रहा है। राम भक्त अब अपने आराध्य का दर्शन जन्मभूमि पथ से कर सकेंगे। 90 फीट चौड़ा यह मार्ग आधुनिक सुविधाओं से सज्जित हो रहा है। मार्ग पर भव्य प्रवेश द्वार बन रहा है। यहां आधुनिक लाइटें लग रही हैं। मार्ग पर केनोपी का निर्माण हो रहा है। समस्त मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। पथ के दोनों किनारों पर रामकथा के प्रसंगों से सजी दीवारें आकर्षित करेंगी।

रामपथ पर फर्राटा भरती गाडियां :-

सहादतगंज से नयाघाट तक 13 किलोमीटर के मार्ग को रामपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह मार्ग कभी 40 फीट चौड़ा हुआ करता था। अब 80 फीट हो गया है। इस मार्ग पर सोलर लाइट व सूर्य स्तंभ लगाए जा रहे हैं। मार्ग के डिवाइडर पर हरियाली विकसित की जा रही है। इलेक्ट्रिक बसों के लिए बस स्टॉप और पांच स्थानों पर ई-चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं।

धर्मपथ का कुछ अलग ही लुक:-

लखनऊ- गोरखपुर हाईवे से अयोध्या में प्रवेश करते ही रामजन्मभूमि का अहसास होने लगता है। साकेत पेट्रोल पंप से लता मंगेश्कर चौक तक करीब दो किलोमीटर के रास्ते को धर्मपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहले यह मार्ग टूलेन था। अब फोरलेन हो चुका है। यहां 30 स्थानों पर सूर्य स्तंभ लगाए जा रहे हैं। धर्मपथ के दोनों ओर आठ-आठ मीटर पर दीवारों पर लिखे रामकथा के प्रसंग अयोध्या की महत्ता दर्शायेंगे।

सरयू नदी से लगा हुआ लक्ष्मण पथ:-

लक्ष्मण पथ गुप्तारघाट से राजघाट 12 किमी की दूरी तक को जोड़ने के लिए भगवान राम के छोटे भाई और शेषावतार लक्ष्मण जी के नाम पर बनने वाले इस नये वैकल्पिक मार्ग निर्माण की भी पूरी कार्ययोजना तैयार है। यह पथ फोरलेन होगा। यह पथ उदया हरिश्चंद्र घाट तटबंध के समानांतर प्रस्तावित है। तटबंध की चौड़ाई पहले छह मीटर थी जिसे एक मीटर बढ़ाकर सात मीटर कर दिया गया है। इधर लक्ष्मण पथ की चौड़ाई 18 मीटर तय की गयी है। इसके निर्माण पर लगभग 200 करोड़ की लागत आएगी।

अंदरूनी मंदिरों को जोड़ने वाला भक्ति पथ :-

श्रृंगारहाट से राममंदिर (500 मीटर) श्रृंगार हाट बैरियर से लेकर राम जन्मभूमि तक भक्ति पथ का निर्माण हो रहा है।
श्रृंगारहाट से राम जन्मभूमि पर भक्तिपथ मार्ग पर निर्माण कार्य तेजी से पूरा होने वाला है।श्रृंगार हाट से श्री राम जन्म भूमि मंदिर मार्ग तक .742 किमी का फोर लेन तैयार किया जा रहा है। इसका मार्ग का नाम भक्ति पथ रखा गया है। इसके चौड़ीकरण के लिए जमीन खरीदने समेत अन्य निर्माण कार्य के लिए 62.79 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसके सापेक्ष 32.10 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। यह मार्ग 13 मीटर चौड़ा किया जा रहा है, जिसमें 5.50 मीटर चौड़ाई सीसी रोड की भी शामिल है। इसी मार्ग पर हनुमान गढ़ी, दशरथ महल कनक भवन अमावा मंदिर तथा अनेक प्राचीन मंदिर बने हुए हैं।

प्रस्तावित यात्रा/ भ्रमण पथ :-

उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में एक सड़क परियोजना, यात्रा पथ के निर्माण को मंजूरी दे दी है जो सरयू को राम मंदिर से जोड़ेगी। यह सड़क भक्तों को राम मंदिर तक पहुंचने के लिए अधिक प्रतीकात्मक मार्ग प्रदान करता है। भ्रमण पथ राम की पैड़ी, राजघाट से गुजरेगा और राम मंदिर तक पहुंचेगा। सरयू में शामिल होने के बाद, भक्त सड़क के इस हिस्से का उपयोग करके सीधे राम मंदिर तक पहुंचेंगे ।

इंटरनैशनल एयरपोर्ट का काम आखिरी चरण में:-

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम इंटरनैशनल एयरपोर्ट का निर्माण भी शुरू करवाया गया जो अब पूरा होने जा रहा है। एयरपोर्ट के डायरेक्टर के मुताबिक, दिसंबर 2023 से यहां से डोमेस्टिक उड़ानें शुरू हो रही हैं। कुछ के सिड्यूल भी आ गए हैं। कुछ की उड़ाने भी शुरू हो गई है। इसके अलावा अयोध्या से अन्य प्रदेशों और नगरों की कनेक्टिविटी बनाने के प्लान पर भी काम तेजी से चल रहा है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम इंटरनैशनल एयरपोर्ट बनाने के लिए भी राज्य सरकार ने 351 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण किया है, जिसके निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जल्द ही (दिसंबर के अंतिम सप्ताह या जनवरी के पहले सप्ताह में) आधारशिला रखने वाले हैं।

अयोध्या का भव्य रेलवे स्टेशन:-

श्रीराम की नगरी अयोध्या का भव्य रेलवे स्टेशन देश का सबसे खूबसूरत और आधुनिक सुविधाओं से संपन्न रेलवे स्टेशनों में से एक हो गया है। अयोध्या रेलवे स्टेशन के विस्तार का काम 2018 में शुरू हुआ है। इसकी बिल्डिंग 10 हजार वर्गमीटर में फैली है। नया रेलवे स्टेशन भी आकार ले रहा है। पहले चरण में अयोध्या स्टेशन के विस्तार को लेकर रेलवे 240 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। इसमें खूबसूरत भवन, पार्किंग, कर्मचारियों के लिए आवास, रेलवे पुलिस के लिए कार्यालय, तीन नए प्लेटफार्मों का निर्माण, रोड निर्माण, ड्रेनेज संबंधी कार्य हो हो रहे हैं. अयोध्या रेलवे स्टेशन का काम 31 दिसंबर 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। नए भवन में फिनिशिंग का काम चल रहा है। यहां बुजुर्गों और महिलाओं की सुविधा के लिए लिफ्ट व एस्केलेटर, एसी वेटिंग रूम, वॉशरूम, पेयजल बूथ, फूड प्लाजा समेत अन्य सुविधाएं तैयार हो चुकी हैं। पूरे भवन को एसी बनाया गया है। दिव्यांगों के लिए रैंप की व्यवस्था होगी। स्टेशन करीब तीन किलोमीटर लंबा होगा। रेलवे स्टेशन के नए भवन का काम लगभग पूरा हो गया है। यहां लगी टाइल्स, पत्थर, शीशे, दरवाजे, लाइटिंग आदि इसकी भव्यता का एहसास कराते हैं। भवन के बीच में लगा भारी भरकम पंखा व ठीक उसके नीचे बनी फर्श की डिजाइन का आकर्षण यात्रियों का मन मोहने को तैयार है। स्टेशन का विशाल परिसर भी इसकी भव्यता का गवाह है। वंदे भारत ट्रेन अयोध्या से होकर लखनऊ तक चली है। इसके अलावा करीब आधा दर्जन नई ट्रेनें अयोध्या से होकर जाने लगी हैं। अयोध्या से रामेश्वरम के लिए भी ट्रेन चलाई गई है।

हाईवे पर बनेंगे भव्य गेट और नागरिक सुविधाएं:-

अयोध्या की बदली तस्वीर दिखे, इसे ध्यान में रखकर पर्यटन विभाग अयोध्या को जोड़ने वाले सुल्तानपुर, बस्ती, गोंडा, अंबेडकरनगर और रायबरेली हाईवे गेट का निर्माण कर रहा है। जहां पर्यटकों पहुंचते ही प्रभु राम के वंशज और सेवकों के नाम के बने गेट स्वागत करेंगे। जिन पाइंट पर ये गेट बन रहे हैं उसे यात्रियों के सुविधा केंद्र के तौर विकसित करने की योजना है। मसलन सस्ते होटल धर्मशाला गेस्ट हाउस के अलावा पार्किंग, चार्जिग स्टेशन और पेट्रोल पंप सब कुछ रहेगा वहां।

पर्यटकों को और लुभाने की योजना:-

अयोध्या में बाहर से आने वाले टूरिस्ट केवल रामलला और अयोध्या के मंदिरों में दर्शन तक ही सीमित न रह कर यहां कई दिनों तक रूकने का टूर पैकेज बनाएं। इसे ध्यान में रखकर भी कई प्राजेक्ट लांच किए जा रहे हैं। इसमें 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित 150से ज्यादा धार्मिक स्थलों को विकसित करने के साथ 37 कुंड और सरोवरों को टूरिस्ट सेंटर के तौर पर विकसित करने के प्लान पर काम चल रहा है। इसमें आधा दर्जन पर काम भी पूरा हो गया है। इसके साथ सरयू नदी में विहार के साथ मंदिरों के दर्शन के लिए क्रूज सेवा और रोमांचक वाटर स्पोर्ट्स सेवा भी शुरू हो गई है। अयोध्या में आइस पार्क और वैक्स म्यूजियम का प्राजेक्ट भी प्रस्तावित है जिस पर भी काम शुरू होने वाला है।

अंतरराष्ट्रीय रामकथा म्‍यूजियम:-

अयोध्या में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र, अंतरराष्ट्रीय रामकथा म्‍यूजियम और मंदिर म्यूजियम भी बनने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय अब राम मंदिर ट्रस्ट के अधीन हो गया है जिसे ट्रस्ट विकसित करने की योजना बना रहा है।

विश्व स्तर का बनेगा टेंपल म्यूजियम:-

राम मंदिर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर टेंपल म्यूजियम भी बनाने की तैयारी है. इसके लिए 25 एकड़ भूमि राम मंदिर के इर्द-गिर्द के चार स्थानों पर चिह्नित की गई है. यह टेंपल म्यूजियम निर्माण की अलग-अलग शैली समेत देशभर के विख्यात मंदिरों की शैली पर अध्ययन करने में मदद करेगा. इस संग्रहालय में अलग-अलग शैली के मंदिरों से जुड़े पहलुओं को प्रदर्शित किया जाएगा. जैसे- मंदिर का डिजाइन, विशिष्टता, वास्तुकला, निर्माण प्रक्रिया आदि को अलग-अलग माध्यमों से समझने के लिए दीर्घा बनाई जाएगी.

चौड़ी सड़कें, रामायण काल की मूर्तियां:-

जो लोग कई साल बाद अयोध्या आ रहे हैं उनको इसमें प्रवेश करते ही इसका बदला स्वरूप दिखाई दे रहा है। राम मंदिर को जोड़ने वाले राम पथ भक्ति पथ और रामजन्म भूमि फोरलेन की तरह चौड़े हो गए हैं। इनके किनारे रामकथा से जुड़े म्युरल लग रहे हैं। लखनऊ गोरखपुर हाईवे पर अयोध्या बाई पास में प्रवेश करने पर डिवाइडर पर रामायण काल के पात्रों की खूबसूरत मूर्तियों के दर्शन मिलेगा। फ्लाईओवर की दीवारों पर राम कथा की पेंटिंग मिलेगी। फ्लाईओवर बनने से यहां पहुंचने पर ट्रैफिक जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज में 4 साल से एमबीबीएस की पढ़ाई चल रही है। यहां अब पीजी कोर्स भी शुरू हुआ हो जो एम डी के समकक्ष है। अगले सत्र से एमडी के कोर्स भी शुरू होने जा रहे हैं। कभी उपेक्षित पड़ी अयोध्या अब विश्व स्तरीय पर्यटन नगरी के रूप में बदलती दिख रही है।

नव्य अयोध्या योजना शुरू:-

अयोध्या में एक और बड़ा प्राजेक्ट तैयार हुआ है नाम है ग्रीन सिटी अयोध्या जिसको सीएम योगी आदित्यनाथ दीपोत्सव के अवसर पर लांच करेंगे। यह प्रोजेक्‍ट आधुनिक धार्मिक अयोध्या के रूप में विकसित हो रहा है। इसमें मठ-मंदिरों के साथ आवासीय भवन स्कूल कालेज विजनेस संस्थान व देश विदेश के गेस्ट हाउस भी बनेंगे। यह योजना 1400 एकड़ भूखंड पर प्रस्तावित है। जमीन का अधिग्रहण हो चुका है।

पूरे विश्व में है चर्चा का विषय :-

अयोध्या में कुछ ऐसे भी प्लान चल रहे हैं जिनकी चर्चा विश्व भर में है। ये हैं दीपोत्सव, फिल्मी कलाकारों की रामलीला और कोरियाई रानी हो का पार्क। अयोध्या आगे के दिनों में कैसी दिखेगी, इसका अनुमान बखूबी लगाया जा सकता है

अवध में गंगा-जमुनी तहजीब :-

सरयू के साथ ही अवध में गंगा-जमुनी तहजीब की धारा भी बहती है. मंदिर-मस्जिद के सदियों तक चले झगड़े के बाद अब बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे लोग भी चाहते हैं कि भव्य राम मंदिर जल्द बनकर तैयार हो, जिससे अयोध्या एक महत्वपूर्ण टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन सके। लगभग 5 वर्षों के अंतराल के बाद अयोध्या धाम पहुंचे हमारी टीम ने क्या देखा इसका ब्योरा आपके सामने है।

कई नए घाट बने:-

कई जगहों पर कूड़े-कचरे के बोझ तले दबी सरयू को अब कई नए घाट मिल गए हैं. पहले जहां प्रभु की लीला समापन की स्थली रहा गुप्तार घाट भी ‘गुप्त’ था वहां अब नया घाट बन गया है। लोगों के स्नान और सौंदर्यीकरण के लिए बनाई गई राम की पैड़ी नगर का प्रमुख पिकनिक स्पॉट है, जहां पर कहीं चटाई बिछाकर धूप सेंकने वाले नजर आते हैं, तो कहीं कड़ाही में पूड़ी भी तली जाती है।

कमल के फूल की आकृति वाला लोटस फाउंटेन परियोजना:-

विश्व पर्यटन मानचित्र पर अयोध्या को चमकाने के लिए डेढ़ सौ करोड़ की लागत से कमल के फूल की आकृति वाला मेगा फाउंटेन पार्क बनेगा. इस फाउंटेन पार्क की वास्तुकला(आकृति) भारत के राष्ट्रीय पुष्प कमल के फूल के जैसी होगी. जो भारतीय संस्कृति हिन्दू धर्म की सात प्रतिष्ठित पवित्र नदियों के रूप में फूल की सात पंखुड़िया बनती है. इस पार्क की लागत राजस्व शेयरिंग मॉडल के तहत स्वयं एजेंसी द्वारा वहन किया जाएगा. इस प्रस्तावित मेगा फाउंटेन पार्क में पानी, प्रकाश और ध्वनि के मनोरम मिश्रण के माध्यम से आगंतुकों का आध्यात्मिक अनुभव बढ़ाया जाएगा. उन्होंने आगे बताया कि यह मेगा फाउंटेन पार्क नवीनता, भव्यता, श्रद्धा, आध्यत्मिकता और आधुनिकता का एक विशिष्ट प्रतीक होगा जो शहर के समग्र मूल्य को समृद्ध करेगा। अयोध्या के लिए एक कमल फाउंटेन प्रोजेक्ट की भी योजना है, जो अगले साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए ₹ 24 करोड़ की मंजूरी दी है, जिसके लिए ₹ 5 करोड़ जारी किए हैं। अयोध्या में चल रही परियोजनाओं में, कमल का फव्वारा मंदिर शहर में एक और अतिरिक्त परियोजना होगी। यह फव्वारा सरयू नदी के पास नया घाट और गुप्तार घाट के बीच 20 एकड़ भूमि पर लगाया जाएगा। प्रस्तावित फव्वारे में कमल के फूल की तरह सात पत्तियां होंगी और यह 50 मीटर तक पानी फेंकेगा। यह प्रोजेक्ट अगले साल के अंत तक पूरा हो जाएगा।जर्मन कंपनी ओसे ने फव्वारे का डिजाइन तैयार किया है।

राजर्षि दशरथ स्वायत्त राज्य मेडिकल कॉलेज:-

राजर्षि दशरथ स्वायत्त राज्य मेडिकल कॉलेज, अयोध्या जिले के दर्शन नगर में स्थित है । कॉलेज बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड सर्जरी (एमबीबीएस) की डिग्री प्रदान करता है। मेडिकल कालेज में 200 बेड सुविधा इसी साल के अंत से मिलेगीl इसके लिए 21 करोड़ से नया भवन बनकर पूरी तरह तैयार है । यहां एक ही छत के नीचे मरीजों को सभी आधुनिक चिकित्सीय सुविधाएं मिलेगी और उन्हें भटकना नहीं पड़ेगाl मेडिकल कॉलेज 17 एकड़ भूमि में फैला हुआ है और जिला अस्पताल अयोध्या से जुड़ा हुआ है।
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, दर्शन नगर के केंद्रीयकृत प्रयोगशाला में अब खून की कई आधुनिक जांचें आसानी से हो सकेंगी। इसके लिए सीएसआर फंड (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) के जरिए करीब 30 लाख की लागत से तीन आधुनिक मशीनें प्राप्त हुई हैं। इनका शुक्रवार को उदघाटन एमपी अयोध्या श्री लल्लू सिंह द्वारा कर दिया गया।मेडिकल कॉलेज में तेजी से बढ़ रहे मरीजों के दबाव को देखते हुए कम समय में गुणवत्तापूर्ण खून की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए बायोकेमेस्ट्री एनाॅलाइजर समेत कई आधुनिक मशीनों की आवश्यकता थी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सीएसआर फंड के जरिए कई निजी कंपनियाें से संपर्क साधा था। इन महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए कुछ कंपनियों ने हाथ बढ़ाया था। इसी कड़ी में सभी प्रक्रिया पूरी करते हुए तीन मशीन स्वीकृत हुई। प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि इन तीन मशीनों को शुक्रवार से क्रियाशील किया जाएगा। इन मशीनों से मरीजों के खून की जांच में सहूलियत मिलेगी।

सबसे बड़ी भगवान श्रीराम की प्रतिमा प्रस्तावित :-

दुनिया की सबसे बड़ी भगवान श्रीराम की प्रतिमा अयोध्या में सरयू तट किनारे बनेगी। यह प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची (251 मीटर) और गुजरात में लगी सरदार पटेल की प्रतिमा से बड़ी होगी। इसमें 181 मीटर ऊंची मूर्ति, उसके ऊपर 20 मीटर छत्र व 50 मीटर का बेस होगा। इस प्रकार मूर्ति की कुल ऊंचाई 251 मीटर है। यह मूर्ति पूरी तरह से स्वदेशी होगी और इसका निर्माण उत्तर प्रदेश में ही होगी, जो सबसे भव्य मूर्ति बनेगी। निर्माण कार्य प्रारम्भ होने के बाद उसके निर्माण में करीब साढ़े तीन साल का समय लगेगा। उम्मीद है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन के बाद ही मूर्ति निर्माण का काम भी शीघ्र प्रारम्भ हो जाएगा। मूर्ति 50 मीटर ऊंचे जिस बेस पर खड़ी होगी। उसके नीचे ही भव्य म्यूजियम होगा। जहां टेक्नोलॉजी के जरिये भगवान विष्णु के सभी अवतारों को दिखाया जाएगा। यहां डिजिटल म्यूजियम, फूड प्लाजा, लैंड स्केपिंग, लाइब्रेरी, रामायण काल की गैलरी आदि भी बनायी जायेंगी। इस मूर्ति के निर्माण के लिए अयोध्या में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी चल रही है। अयोध्या के गांव मांझा बरहटा में ही श्रीराम की यह भव्य प्रतिमा लगेगी। जहां की 80 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई वर्तमान में चल रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार पैसा भी जारी कर चुकी है।

लेखक परिचय:-
(लेखक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, आगरा मंडल ,आगरा में सहायक पुस्तकालय एवं सूचनाधिकारी पद से सेवामुक्त हुआ है। वर्तमान समय में सम सामयिक विषयों,साहित्य, इतिहास, पुरातत्व संस्कृति और अध्यात्म पर अपना विचार व्यक्त करता रहता है।)

Comment:

betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
vaycasino
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark
kolaybet
betgaranti
betpark
kolaybet
betpark
betpark
casibom giriş
casibom giriş
casibom
betnano giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
betpark
betpark
kolaybet giriş
betpark
betpark
betgaranti
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark
betpark
kolaybet
kolaybet
vaycasino
vaycasino
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
harbiwin giriş
harbiwin giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betbox giriş
betbox giriş
vaycasino
vaycasino
vaycasino
vaycasino
Hitbet giriş
xbahis
xbahis
vaycasino
vaycasino
bettilt giriş
bettilt giriş
Hitbet giriş
millibahis
millibahis
betnano giriş
bahisfair giriş
betnano giriş
bahisfair giriş