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वाणिज्य कर विभाग के नोटिस से कारोबारी परेशान

पूर्वी दिल्ली। वाणिज्य कर विभाग की ओर से गांधीनगर के सुभाष मार्केट के कारोबारियों को दिए जा रहे एक-एक लाख रुपये के जुर्माना नोटिस से कारोबारियों में रोष है। किराये की दुकानों में कारोबार करने वाले दुकानदारों ने कारोबार समेटना तेज कर दिया है। कारोबारियों का तर्क है कि जिन दुकानदारों ने रजिस्ट्रेशन नंबर विभाग से प्राप्त कर लिए हैं, उन्हें नोटिस देना गलत है। कारोबारी अशोक कुमार खेड़ा ने कहा कि उन्होंने सुभाष मार्केट में कुछ जमा पूंजी लगाकर कारोबार शुरू किया गया, लेकिन उन्हें भी विभाग की ओर से एक लाख रुपये जुर्माने का नोटिस भेज दिया गया। विभाग के कार्यालय में चक्कर काटने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। कारोबारी मास्टर अलाउद्दीन ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं, जिनके अपने मकान व दुकान नहीं हैं। छोटी सी दुकान किराये पर लेकर कारोबार शुरू किया गया, लेकिन विभाग ने उन्हें भी बिना रजिस्ट्रेशन की सूची में शामिल करते हुए नोटिस भेजे जा रहे हैं। वैसे ही मार्केट में कारोबार पूरी तरह से ठप है।
मौजूदा हालात में यह समझ में नहीं आ रहा है कि जो कारोबार शुरू किया गया, उसे कहां लेकर जाएं। नतीजा यह है कि सौ से अधिक छोटे कारोबारियों ने कारोबार समेट लिया है। दुकानों में ताले पड़ गए हैं। वैसे ही कारोबारी कई नागरिक सुविधाओं से जूझ रहे थे। कारोबारी सुनील कुमार बताते हैं कि वाणिज्य कर विभाग के सर्वे के चलते मार्केट ठप हो गई है। बाहर से भी खरीददार नहीं आ रहे हैं। वजह, अपने वाहनों से सामान लेकर जाने वाले लोगों के सामान को भी जब्त किया जा रहा है। सुभाष मार्केट एसोसिएशन के प्रधान देशराज कहते हैं कि सुभाष मार्केट का हर कारोबारी वाणिज्य कर विभाग से रजिस्ट्रेशन कराने के पक्ष में है। वह टैक्स भी देना चाहता है। सरकार को चाहिए कि वह जुर्माना राशि एक लाख के बजाय 25 हजार रुपये बतौर सुरक्षा राशि के जमा कराए, बल्कि सरकार को तत्काल जीएसटी व्यवस्था लागू करनी चाहिए।

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