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इसलाम और शाकाहार

इस्लाम के अंधकूप से कैसे निकलें ?

भले ही भारत के सेकुलर इस्लाम को धर्म कहते रहें ,लेकिन जिन विद्वानों ने निष्पक्ष रूप से इस्लामी साहित्य का गहन अध्ययन किया हैं ,उन्होंने इस्लाम को धर्म नहीं माना है क्योंकि इस्लाम के विचार मानवता विरोधी , तर्कहीन , परस्पर विरोधी और कल्पित मान्यताताओं पर आधारित है , और यदि इस्लाम को एक ऐसा अंधकूप कहा जाए जिसमे गिर जाने के बाद निकलने के लिए प्रखर तर्कबुद्धि की जरुरत होती है . इसलिए हमें इस सत्य को स्वीकार कर लेना चाहिए कि हरेक मुसलमान इस्लाम का एजेंट होता है , जो हमेशा अन्य धर्म के लोगों को किसी न किसी तरकीब से मुसलमान बनाने में सक्रीय रहता है , भारत में यह एजेंट अक्सर हिन्दू नौजवानों को अपना शिकार बना लेते हैं . दुर्भाग्य से सेकुलरिज्म के दुष्प्रभाव के कारण भारत की हिन्दू नयी पीढ़ी के युवा धर्म के प्रति उदासीन रहते हैं . और उनको हिन्दू धर्म का अल्प , या अधूरा ज्ञान होता है , वह सिर्फ त्यौहार मानाने , और रीती रिवाजों का पालन करने को ही धर्म समझ लेते हैं , इससे उन में धर्म सम्बंधित तर्क बुद्धि का आभाव हो जाता है , और जब कोई हिन्दू धर्म में कमियां निकालता है , तो यह उसका सटीक उत्तर नहीं दे पाते , और जब ऐसे हिन्दू युवा इस्लाम के एजेंटों के संपर्क में आते हैं ,तो एजेंटों के द्वारा इस्लाम की झूठी तारीफ से प्रभावित होकर मुसलमान बन जाते हैं , ऐसी एक सच्ची घटना की सूचना हमें दिनांक 28 दिसंबर 2014 को फोन से मिली थी , जिसके अनुसार वृन्दावन निवासी श्री पुरुषोत्तम का पुत्र जब दुबई में नौकरी के लिए गया तो वहां मौजूद मुस्लिम लोगों साथ रह कर मुसलमान बन गया , यह बात मुझे लडके के पिता पुरुषोत्तम जी ने बताई है , पिता ने जब लडके से इसका कारण पूछा तो लडके ने मुसलमान होने के वही फायदे बताये जो इस्लाम के एजेंट हमेशा उन लोगों को बताते हैं जिन्हें मुसलमान बनाना होता है . सौभाग्य से हमें वह इस्लामी साईट मिल गयी जिसमे मुसलमान होने के फायदे दिए गए है इसमें एक शीर्षक है “Benefits of Converting to Islam”

वैसे तो इस साईट में मुस्लमान होने के कई फायदे बताये गए हैं लेकिन मुख्य 6 फायदों और उनकी समीक्षा इस लेख में दी जा रही है ,ताकि सभी पाठक लाभान्वित हो सकें ,

फ़ायदा 1.”अकेले अल्लाह की इबादत करने से आप व्यक्तिगत रूप से सीधे अल्लाह से जुड़ जाते हैं , और आपके और अल्लाह के बीच कोई बिचौलिया ( intermediaries.) नहीं रहता ”

समीक्षा 1.” यदि ऐसा है तो कलमा में अल्लाह के साथ मुहम्मद का नाम क्यों लिया जाता है ? मुहमद एक बिचौलिया नहीं तो कौन है ?
फायदा 2.” अल्लाह को जानकर और उसके आदेशों का पालन करके जीवन के सही उद्देश्य का पता हो जाता है ”

समीक्षा 2.” दूसरों को जीवन के उद्देश्य का पता नहीं ,चाहे वह भलाई के काम करते रहें ? क्या जिहाद के बहाने आतंक फैलाना ही जीवन का उद्देश्य है ?”

फायदा 3.” अल्लाह ज्ञान का प्रकाश देता है , और हर कदम पर संकट से बचा लेता है ”
समीक्षा 3.”अल्लाह ने मुहम्मद को जीवन भर अनपढ़ बना कर अज्ञान के अँधेरे में क्यों रक्खा ? फिर जब मुहमद की पत्नियां आयशा और हफ्शा ने उसे जहर देकर मार दिया तो अल्लाह कहाँ भाग गया था , ?और जब मुसलमान होते हुए मुहम्मद के रिश्तेदारों और वंशजों को हत्याएं कर दी गयीं तो अल्लाह मदद के लिए क्यों नहीं आया ? इतने फर्श्ते होते भी किसी को क्यों नहीं भेजा ?
फायदा 4.” इस्लाम शांति का धर्म है और मुसलमान होने पर सच्ची शांति मिलती है
समीक्षा 4.” इतने मुसलमान होने पर भी मुस्लिम देशों में शान्ति की जगह मौत का सन्नाटा क्यों फैला हुआ है ?

फायदा 5.” मुस्लमान बन जाने से पिछले सभी गुनाह माफ़ हो जाते हैं , और अल्लाह भविष्य में करने वाले गुनाहों की सजा में रियायत दे देता है
समीक्षा 5.”इस बात से सिद्ध होता है कि अल्लाह न्यायकारी नहीं ,बल्कि पक्षपाती और भ्रष्टाचारी है ,आइए अल्लाह पर विश्वास क्यों करें ?
फायदा 6.”मुसलमान होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अनंतकाल के लिए जन्नत में रहने को मिलेगा , जैसा कि अल्लाह ने वादा किया है कि जोभी इम्मान लाएगा वह मेरी जन्नत में स्थान पायेगा , जिसे अब तक न तो किसी ने देखा ,और न किसी ने उसके बारे में सुना या सोचा होगा। वहां ऐसो आराम की सभी सुविधाएँ मिलेंगी ”
समीक्षा 6.”अल्लाह ने तो मुसलमान बनने वाले हरेक व्यक्ति को जन्नत का वादा कर दिया। और कह दिया कि ऐसी जन्नत किसी ने नहीं देखि होगी। लेकिन हदीस के अनुसार मुहम्मद साहब ने जन्नत का नजारा आँखों से देखा था , और कहा कि जन्नत में केवल सत्तर हजार लोगों के लिए रहने योग्य स्थान है . बताइये कौन झूठा है ? अल्लाह या मुहम्मद ?

पाठकों से विनम्र निवेदन है कि इस लेख के सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करके निर्णय करें कि क्या मुसलमान हो जाने से कभी फायदा हो सकता है ?और भी इन निराधार बातों को सच मान कर मुसलमान बन जाता है , वह इस्लाम के अंधकूप में गिरेगा या पाठकों से विनम्र निवेदन है कि इस लेख के सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करके निर्णय करें कि क्या मुसलमान हो जाने से कभी फायदा हो सकता है ?और भी इन निराधार बातों को सच मान कर मुसलमान बन जाता है , वह इस्लाम के अंधकूप में गिरेगा या नहीं ?
इस संक्षिप्त लेख का उद्देश्य उन हिन्दू युवकों और युवतियों को इस्लाम के एजेंटों से सचेत करना है ,जो इस्लाम के फायदे बता कर हिन्दुओं को मुसलमान बनाने का जाल बिछाते हैं . इसलिए इस्लाम की असलियत जानने के लिए नियमित भंडाफोडू ब्लॉग औ नियमित भंडाफोडू ब्लॉग और ग्रुप के लेख पढ़िए और मित्रों को पढवाईये

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ब्रजनंदन शर्मा
( लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं)

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