Categories
राजनीति

संजय राउत के बोल बचन के मायने

राजनीति /महाराष्ट्र

अश्विनी कुमार मिश्र
जेल से छूटने के बाद उद्धव सेना के नेता संजय राउत के बदले बोल को लेकर तरह तरह की राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है. आखिर संजय राउत महाराष्ट्र की नयी सरकार की प्रशंसा क्यों कर रहे हैं.? उनके गोल वचन और और अंदाजे बयां से यह कहा जाने लगा है कि वह कोई नया पांसा फेंक रहे हैं. समझा जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री के निर्णयों की सराहना कर वह भाजपा और शिंदे सेना के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं. वह कौटिल्य शास्त्र के सूत्र को पकड़कर पुराने रिश्तों को खंगालने और नए रिश्तों में दरार डालने की नीति पर चल रहे हैं. संजय राउत ने महाविकास आघाडी सरकार के दौरान फडणवीस सरकार पर जिस तरह के प्रहार किये थे शायद वह भूल गए. और अब जेल से छूटने के बाद उनका हृदय परिवर्तन सचमुच कोई संकेत है. उन्होंने जिस तरह से शिवसेना को भाजपा से दूर ले जाकर नई राजनीति गढ़ी उसका परिणाम सामने आ गया. सत्ता के लिए एक सिद्धांतहीन गठबंधन बनाकर शिवसेना की बुरी गत करा दी. एक राजनीतिक हाराकिरी हो जाने के बाद श्री राउत भाजपा वालों पर सुमन वृष्टि कर रहे हैं. यह आशंका और कुशंका दोनों पैदा करता है. यह तो सत्य है कि शिवसेना को जितना बर्बाद राजनीति ने नहीं किया उतना संजय राउत की जिद्द ने किया. आखिर जिन शिवसैनिकों ने शिवसेना को फर्श से उठाकर अर्श तक पहुँचाया वे ही अलग हो गए. अपनी गलतियों में झाँकने के बजाय उन्हें गद्दार कहा जो इस सिद्धांतविहीन राजनीति में अपना अस्तित्व संभाल रहे थे.जिस व्यक्ति ने कभी चुनाव नहीं लड़ा ,कभी मतदाताओं का सामना नहीं किया उसने एक ऐसा चक्र चलाया कि शिवसेना में ही बगावत हो गयी.
अब संजय राउत जब बाजी हार चुके हैं तो उन्हें भाजपा वालों की याद आ रही है. अब रिश्ते सुधारने के लिए देवेंद्र फडणवीस की एकतरफा स्तुति कर शिंदे सेना और भाजपा में नया भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. देवेंद्र फडणवीस की सरकार में शिवसेना भी थी तब तो अंदाजा लग ही जाना चाहिए था कि फडणवीस की कार्यशैली कैसी है. फिर ढाई ढाई साल का शिगूफा छेड़ कर युति तोड़वाने का पाप संजय राउत ने किया. उसी का भान उन्हें जेल में 100 दिन रहकर हो गया होगा. और अब वे प्रायश्चित करने के लिए स्तुति सुमन की वर्षा कर रहे हैं. यह सही है महाविकास आघाड़ी सरकार में राज्य की कई क्रियाशील गतिविधियों को रोक दिया गया. मुख्य मंत्री वर्क फ्रॉम होम के मोड़ में थे। राज्य का फेसबुकिया संचालन गजब का था. पुलिस अधिकारी ही जिलेटिन रखते पकड़े गए.ऐसे कई उदाहरण है जो अब पुराने पड़ गए हैं लेकिन शिंदे -फडणवीस की सरकार में काम ने गति पकड़ी है.एक सक्रिय सरकार अड़चनों को पार करते हुए काम कर रही है. कई प्रकल्प पर काम रफ़्तार से बढ़ रहा है. मेट्रो. कोस्टल रोड सहित मुंबई न्हावा सेवा लिंक पर काम का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो चुका है. सरकार कई कल्याणकारी निर्णय ले चुकी है. म्हाडा को दिया गया अधिकार उनमें से एक है.जो कि सही निर्णय है.म्हाडा एक स्वतंत्र संस्था है. जो सरकारी अड़चनों में पड़कर काम नहीं कर पा रही थी, उसे उसके अधिकार दिए जा रहे हैं. इस निर्णय का संजय राउत ने सराहना की है. .
संजय राउत गलतफहमी और खुश फहमी दोनों में हैं. जेल से निकलकर वह सोच रहे हैं कि उन पर लगा आरोप समाप्त हो गया है. लेकिन ऐसा नहीं है.उनकी जमानत को निरस्त करने के लिए मामला हाईकोर्ट में चला गया है,जिस पर 25 को सुनवाई होनी है. हाईकोर्ट ने संजय राउत से इस बारे में शपथ पत्र देने को भी कहा है. विशेष अदालत ने जो टिप्पणी की है वह सरकार के एक महकमे पर आक्षेप है. इतनी बड़ी संस्था किसी बेक़सूर को पकड़ने का दुःसाहस कैसे कर सकती है.? विशेष अदालत का यह निर्णय एकतरफा लगता है. ईडी ने इस निर्णय के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है क्योंकि अदालत के कमेंट्स ने पूरी संस्था को कटघरे में खड़ा कर आरोपी को निर्दोष साबित करने का प्रयास किया है. अगर हाईकोर्ट का फैसला संजय राउत के विपरीत आया तो श्री राउत की कठिनाई बढ़ सकती यही. इसे समझते हुए वह अपने बयान में नरमी लाने का प्रयास कर रहे हैं.
दूसरा यह कि श्री राउत अपने को अब भी बड़ा किंगमेकर समझ रहे हैं. उनकी इस नासमझी ने ही उद्धव ठाकरे के कुनबे का बेडा गर्क किया है. इसका नतीजा यह है कि जिनके खिलाफ स्वर्गीय बाल ठाकरे ने आजीवन कमरकसी ,आज उन्हीं की पदयात्रा में शामिल होकर वैचारिक दिवालियेपन का प्रदर्शन उद्धव सेना कर रही हैं. संजय राउत को यह भी खुशफहमी है कि राजनीति के ढोल को हर तरफ से बजा सकते हैं. जो बदली हुई परिस्थिति में लाभदायक नहीं कही जा सकती. यह भी कि फडणवीस,मोदी और अमित शाह के प्रति मीठे बोल बोलकर अपना राजनीतिक खाता सीधा कर सकते हैं,जो अब संभव नहीं है. श्री राउत ने युति की जड़ पाताल तक खोद कर शिवसेना को शरद पवार का गुलाम बना लिया है. वह फडणवीस की नीतियों की प्रशंसा कर दूर की चाल चल रहे हैं. उन्हें यह गलतफहमी हो गयी है कि शिंदे खेमाँ और भाजपा के बीच अनबन चल रही है. हाल में ऐसे कई घटना क्रम हुए जिसमें दोनों गुटों के नेताओं में अनबन हुई. इसमें बच्चू कडू-राणा प्रकरण,अब्दुल सत्तार ,गुलाब राव पाटिल और संतोष बांगर जैसे नेताओं की मचमच को वह शिंदे गट की बेचैनी समझ रहे हैं। और इसलिए इस पूरे गुट को नजरअंदाज कर संजय राउत ने फडणवीस की तारीफ़ के पुल बांधने शुरू कर दिए हैं. उधर संजय राउत के जेल से छूटने को लेकर किसी अदृश्य हाथ के मदद की चर्चा रंगने लगी है. क्योंकि राष्ट्रवादी गुट में फुस फुस होने लगी है कि अनिल देशमुख और नवाब मलिक तो जेल में रह गए संजय कैसे बाहर आ गए. क्या यह किसी शर्त पर मिली जमानत है या कुछ और, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।(युवराज)
(अश्विनी कुमार मिश्र ,लेखक-निर्भय पथिक के संपादक व राजनीतिक विश्लेषक हैं. )

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking güncel giriş
betnano güncel giriş
betnano güncel giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
meritking giriş
norabahis giriş
vaycasino giriş
norabahis giriş
pokerklas giriş
pokerklas giriş
meybet
meybet
hititbet giriş
hititbet giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino
vdcasino
meritbet giriş
meritbet giriş
vaycasino giriş
piabellacasino giriş
piabellacasino giriş
norabahis giriş
maritbet giriş
norabahis giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
pokerklas
pokerklas
norabahis giriş
vdcasino
vdcasino
pokerklas
pokerklas
hititbet giriş
Pokerklas giriş
pokerklas
pokerklas
hititbet
hititbet
betnano giriş
betasus giriş
pokerklas
pokerklas giriş
betpark giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
betpark giriş
betorder
betorder
betpark giriş
betpark giriş
hititbet
hititbet
timebet
timebet
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
vdcasino giriş
pokerklas giriş
maritbet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
maritbet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betpas giriş
betpas giriş
favorisen giriş
favorisen giriş
norabahis giriş
norabahis
norabahis giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
betpark
betpark
betpark giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
meybet
meybet
vdcasino
vdcasino
extrabet giriş
extrabet giriş
extrabet giriş
extrabet giriş
meybet
meybet
betcio giriş
betcio giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
timebet
norabahis giriş
norabahis giriş
meybet
meybet
harbiwin giriş
harbiwin giriş
meybet
betnano giriş
interbahis giriş
interbahis giriş
norabahis giriş
norabahis
favorisen giriş
favorisen giriş
favorisen giriş