मुरादाबाद आर्यवीर महासम्मेलन में पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने कहा : देश की विरासत के महर्षि दयानन्द हैं एक विशेष हिस्सा

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मुरादाबाद ( अजय कुमार आर्य / रविन्द्र कुमार आर्य ) आर्य वीर दल उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित अपने तीन दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन विशाल सभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के स्वाधीनता आंदोलन में आर्य समाज का विशेष योगदान रहा था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से दिए गए अपने भाषण में जिंस पंचप्रण की बात कही थी उसमें एक विरासत से संबंधित लिया गया प्रण था और यह विरासत महर्षि दयानंद के बिना अधूरी है। उन्होंने कहा कि देश में जितना भर भी राष्ट्रवाद को लेकर काम किया जा रहा है वह सब आर्य समाज और महर्षि दयानंद के सपनों को साकार करने के लिए ही हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भौतिकता के पीछे भाग रही है लेकिन, देश की राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करेगी। ज्ञात रहे कि इस नई शिक्षा नीति के प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने योग गुरु बाबा रामदेव को नियुक्त किया है।
नई शिक्षा नीति आत्मनिर्भर भारत सहित अन्य सभी बातों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। अब मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी अपनी मातृभाषा में होगी। कुछ पुस्तकों का प्रदेश सरकार ने हिंदी में अनुवाद भी कराया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आर्य वीर दल उत्तर प्रदेश के त्रिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन बुद्धि विहार सेक्टर-2 के मैदान में आर्यवीर महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
।सीएम ने कहा कि भारत के अंदर आजादी के आंदोलन को नई गति देने में आर्य समाज की महत्वपूर्ण भूमिका को कोई नकार नहीं सकता है। उन्होंने इस बात को लेकर भी आर्य समाज यह आंदोलन की भूरी भूरी प्रशंसा की की अनेक क्रांतिकारी तैयार करने में इस संगठन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्वदेशी जागरण हो या क्रांतिकारियों की टीम को नेतृत्व देने के मामले में आर्य समाज ने उस काल खंड में सबसे बड़ी भूमिका का निर्वहन किया। स्वामी श्रद्धानंद ने उस समय शुद्धि आंदोलन शुरू किया लेकिन, कुछ विधर्मियों ने स्वामी श्रद्धानंद की हत्या कर दी। इसके बाद संकल्प लेकर नारायण स्वामी ने आर्यवीर दल का गठन किया। ज्ञात रहे कि मुख्यमंत्री का इस प्रकार का संबोधन अपने आप में अप्रतिम ही कहा जाएगा। विशेष रूप से तब जबकि उस समय कांग्रेस और कांग्रेस के बड़े नेता गांधी ने स्वामी श्रद्धानंद जी के बलिदान को बलिदान मानने से ही इंकार कर दिया था ।
मुख्यमंत्री ने ओजस्विता के साथ बोलते हुए कहा कि आर्य समाज के अनेक योद्धाओं को विधर्मियों की साजिशों का शिकार होना पड़ा। इस प्रकार भारत के स्वाधीनता आंदोलन में आर्य समाज ने बढ़ चढ़कर अपने बलिदान दिए। जो कि भारत की एक शानदार विरासत है। मुख्यमंत्री ने स्वामी श्रद्धानंद के राष्ट्रवादी चिंतन और बलिदानी परंपरा पर विशेष रूप से बल दिया। जिन्होंने आजादी के संघर्ष के दौरान न केवल अपना बलिदान दिया बल्कि उस समय बलिदान देने वाले युवाओं को भी तैयार किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद के आंदोलन से लोग जुड़ते गए और अनेक क्रांतिकारी आजादी आंदोलन के वाहक बन गए। अंत में देश को आजादी मिली। आज लोग व्यक्ति पूजा पर ज्यादा विश्वास करते हैं आदर्शों पर कम। यह दयानंद सरस्वती के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि हमें व्यक्ति पूजा से हटकर आदर्शों पर अधिक चिंतन करना चाहिए और उसी पर आचरण करें। तभी देश विश्व गुरु बन सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मूल्यों और आदर्शों के प्रति ध्यान दिलाया है। आठ वर्षों के अंदर लोगों ने बदलते भारत, एक भारत श्रेष्ठ भारत के रूप में देखा है। कभी आर्य समाज के संतों ने यह सपना देखा था, वहीं सपना आज साकार हो रहा है, जब कश्मीर से धारा 370 समाप्त होती है। अयोध्या में प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से मंदिर निर्माण का कार्यक्रम शुरू कराया। केदारनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और योग की परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रदान किया। यह सपना स्वामी श्रद्धानंद और स्वामी दयानंद का है। काशी विश्वनाथ धाम की स्थापना और पुनरुउद्धार का काम हुआ। दुनिया जब महामारी से पस्त थी। भारत भी जीवन और जीविका को बचाने में लगा था। उस समय याद आया कि हमारी शिक्षा मातृ भाषा में होनी चाहिए। प्रदेश में अब मेडिकल और इंजीनियर की पढ़ाई मातृ भाषा में होगी। प्रदेश में मेडिकल और इंजीनियर की कुछ पुस्तकों का अनुवाद कराया है। हिंदी के गौरव को अनुभूत कराने का समय आ गया है।
  सीएम ने कहा कि देश में सबसे अधिक युवा यूपी में हैं। ये युवा शिक्षा, संस्कृति शिष्टाचारों, संस्कारों के साथ आत्मनिर्भर और एक भारत श्रेष्ठ भारत की कल्पना को आगे बढ़ा सकते हैं। जीवन में परिवर्तन लाने का काम भारत की अध्यामिक और परंपरा करेगी। सरकार के कार्यक्रमों की लोगों को जानकारी रखनी चाहिए। युवाओं को छूआछूत, अंधविश्वास, बाल विवाह जैसी कुप्रथा को छोड़कर महर्षि दयानंद सरस्वती के सपनों का साकार करने वाला देश बनाना होगा।
कार्यक्रम के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव भी लोगों का मार्गदर्शन किया। योग गुरु राम बाबा रामदेव ने कहा कि हमारी एकता हमें आगे बढ़ाएं की जाएगी किसी भी प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है देश आजाद है और जब तक आर्य समाज जीवित है तब तक अब कोई इस देश का दोबारा विभाजन नहीं कर सकता। उन्होंने विभाजनकारी शक्तियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश का युवा जाग चुका है और वह अब किसी भी व्यक्ति कार्य शक्ति को सहन करने वाला नहीं है।
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि वर्तमान सरकार है महर्षि दयानंद और स्वामी श्रद्धानंद के सपनों को साकार करने के लिए काम कर रही हैं। हमें हिंदू जैसे शब्द को अपने लिए स्वीकार करना चाहिए और अनावश्यक बहस के मुद्दों से बचना चाहिए। वृंदावन से आए आचार्य स्वदेश सहित इस अवसर पर चैयरमैन एमडीएच राजीव गुलाटी पत्नी ज्योति गुलाटी, पूर्व मंत्री एवं सांसद तथा संरक्षक आर्यवीर दल उत्तर प्रदेश सतपाल सिंह, गन्ना राज्यमंत्री संजय कुमार गंगवार, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देबी, विधायक मथुरा नागेश्वर चैधरी, आयार्वीर दल संरक्षक उ0प्र0 ओमप्रकाश, कार्यक्रम के मुख्य संयोजक ज्ञानेन्द्रराम, कार्यक्रम उपाध्यक्ष जितेन्द्र भाटिया, आचार्या स्वदेश, पंकज, नगर विधायक रितेश कुमार गुप्ता, महापौर विनोद अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्षा डा0 शैफाली सिंह, सदस्य विधान परिषद डा0 जयपाल सिंह व्यस्त, हरिसिंह ढिल्लो, गोपाल अंजान, पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह एवं श्री सतपाल सिंह, कुलाधिपति सुरेश जैन तथा भारी संख्या में आर्यवीर दल एवं वीरांगनाएं उपस्थित रहीं।
सांसद सतपाल सिंह ने कहा कि जिस समय भारत रतन पंडित मदन मोहन मालवीय संसार से विदा ले रहे थे उस समय उन्होंने अपने शिष्यों को अपने तकिए के नीचे से निकालकर सत्यार्थ प्रकाश दिया था और कहा था कि मेरे जाने के बाद इस के दिशा निर्देशों और व्यवस्थाओं का पालन करते हुए जीवन जीना उसी से आपका जीवन महान बनेगा और राष्ट्र उन्नति को प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने बढ़-चढ़कर राष्ट्रवाद की भावना को जागृत करने में अपना योगदान दिया है। आज भी यह देश की समस्याओं के प्रति जागरूक है और राष्ट्रवादी
शक्तियों को मजबूत करने में लगा हुआ है।
कार्यक्रम के संयोजक रहे ज्ञानेंद्र गांधी ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि आर्य समाज प्रधानमंत्री मोदी और योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रत्येक राष्ट्रवादी कार्य के समर्थन में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने विघटनकारी शक्तियों को कमजोर कर राष्ट्रवाद को मजबूत करने की भावना पर बल देते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा नीति को बदल कर इस में आमूलचूल परिवर्तन करने की आवश्यकता है। जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने योग गुरु बाबा रामदेव को अधिकृत कर आर्य समाज की विचारधारा को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया है। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी स्थानीय आर्य समाजों और पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से जुड़े संगठनों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में कुलदीप विद्यार्थी जैसे ओजस्वी आर्य भजनोपदेशक ने भी अपने विचार व्यक्त किए और युवा पीढ़ी का ओजस्विता के साथ मार्गदर्शन किया।

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