भारत के गौरव पूर्ण इतिहास को ऐसे मिटा दिया गया : डॉ राकेश कुमार आर्य

IMG-20220928-WA0005

भारत के इतिहास का विकृतिकरण नहीं विलुप्तिकरण किया गया है : डॉ राकेश कुमार आर्य

“भारत के अनछुए पहलू” विषय पर दूसरे दिन व्याख्यान

महरौनी(ललितपुर)..महर्षि दयानंद सरस्वती योग संस्थान आर्य समाज महरौनी के तत्वावधान में विगत 2 वर्षों से संचालित मंत्री आर्यरत्न शिक्षक लखनलाल आर्य द्वारा आयोजित आर्यों का महाकुंभ में दिनांक 28 सितम्बर 2022 के मुख्य वक्ता सुप्रसिद्ध इतिहासकार डॉ राकेश कुमार आर्य ने कहा कि भारत किस विदेशी सत्ता या आक्रांता का कितनी देर गुलाम रहा? इस पर पर निरन्तर दूसरे दिन प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान और पख्तूनिस्तान में 9 वीं शताब्दी में ही मुस्लिम शासन स्थापित हो गया था। यहां दीर्घकाल तक मुस्लिम शासन रहने के कारण आगे चलकर यह दोनों क्षेत्र भारत से सहज रूप से अलग हो गए।
दिल्ली और आगरा बारे में उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र प्राचीन समय से ही हिन्दू शासन के आधीन रहे हैं। 1193ई0 से 1857ई0 तक यहाँ मुस्लिम शासन रहा। 1857ई0 से लेकर 1947 तक के ब्रिटिश शासन में भी यह क्षेत्र क्रांति की सतत प्रक्रिया में लगा रहा।
डॉ आर्य ने कहा कि हमें आज का प्रचलित इतिहास ऐसा बताता है कि दिल्ली 651 वर्ष मुस्लिम शासन में रही, जबकि सच ये है कि दिल्ली पर 1758 में हिंदू मराठा शक्ति का अधिकार हो गया था। 1857 में दिल्ली को जब अंग्रेजों ने अपने अधिकार में लिया था तो उस समय दिल्ली पर मराठों का अधिकार था।
इतिहास की परत खोलते हुए श्री आर्य ने आगे कहा कि चम्बा में एक दिन भी मुस्लिम शासन नहीँ रहा। 1840ई0 की संधि से यह क्षेत्र ब्रिटिश शासन के आधीन चला गया था। जबकि थानेश्वर में 1014ई0 से 1856ई0 तक मुस्लिम शासन रहा। 1856ई0 से 1947ई0 तक यहां ब्रिटिश शासन रहा। कुल्लू में एक दिन के लिए भी मुस्लिम शासन नहीं रहा। 1857ई0 में यहाँ ब्रिटिश शासन स्थापित हुआ । कांगड़ा में 1620ई0 से 1810ई0 तक अर्थात 190 वर्ष मुस्लिम शासन रहा। 1856ई0 से अगले 91 वर्ष अर्थात 1947ई0 तक ब्रिटिश शासन रहा। कुमायूं में 1816ई0 से 1947ई0 के 131 वर्ष तक यह ब्रिटिश शासन रहा।
जबकि कन्नौज में 1540ई0 से 1856ई0 तक 316 वर्ष मुस्लिम शासन रहा औऱ शेष काल मे यहां ब्रिटिश शासन रहा।
अवध अवध के बारे में डॉक्टर आर्य ने तथ्य स्पष्ट किया कि दुर्भाग्यवश अवध में 1192ई0 में मुस्लिम शासन स्थापित हो गया था जो 1856ई0 तक निरन्तर बना रहा। उसके पश्चात ब्रिटिश शासन रहा। परंतु इस कालखंड में अवध स्वाधीनता के लिए निरन्तर संघर्ष करता रहा। इलाहाबाद 1583ई0 तक अपनी आजादी बनाये रखी। अकबर के काल मे यह पराधीन हुआ। उससे पूर्व किसी मुस्लिम सुल्तान की पताका यहां न फहरा सकी। 1583ई0 से 1856ई0 तक यहाँ मुस्लिम शासन रहा तो 1856ई0 से 1947ई0 तक ब्रिटिश शासन रहा।
कार्यक्रम में कमला हंस, ईश्वर देवी, अदिति आर्या और दया आर्या हरियाणा ने सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। व्याख्यान में अनिल नरूला दिल्ली,प्रेम सचदेवा दिल्ली,युद्धवीर आर्य,भोगी प्रसाद म्यांमार,चंद्र कांता आर्या,प्रो डॉ वेद प्रकाश शर्मा बरेली,परमानंद सोनी आर्य भोपाल,सुमन लता सेन शिक्षिका,आराधना सिंह शिक्षिका,रामसेवक निरंजन शिक्षक,रामकुमार सेन अजान,अवधेश प्रताप सिंह बैंस,पारसमणी पुरोहित,अवध बिहारी तिवारी केंद्रीय शिक्षक,विवेक सिंह शिक्षक गाजीपुर,सहित सम्पूर्ण विश्व से आर्य जन जुड़ रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन मंत्री आर्यरत्न शिक्षक लखन लाल आर्य एवम आभार प्रधान पुरुषोत्तम मुनि वानप्रस्थ ने किया।

Comment:

betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
betpark giriş
marsbahis giriş
marsbahis giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
mavibet giriş
mavibet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betorder giriş
mavibet giriş
mavibet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
ikimisli giriş
ikimisli giriş
timebet
timebet
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
vaycasino giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
realbahis giriş
realbahis giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
vaycasino
vaycasino giriş
gobahis giriş
gobahis giriş
vdcasino giriş
pusulabet giriş
betorder giriş
betorder giriş
ikimisli
ikimisli
ikimisli