आओ जानें होली का संदेश

  – विमलेश बंसल “आर्या”

मनाओ पर्व होली का संदेशा लेकर आया है।

गवाओ फ़ाग होली का संदेशा लेकर आया है॥

1 न सर्दी है न गरमी है, सुखद प्रिय खुशनुमा मौसम।

छा रही रंग बासंती, कुहुक – पिउ बज रहा सरगम॥

मनाओ ……… गवाओ ………

2 सभी जड़ – जीव – चेतन मिल, विदाई दे रहे फ़ाल्गुन।

नवेली साल के स्वागत में, भँवरे गा रहे गुन गुन॥

मनाओ ……… गवाओ ………

3 भूल जाओ गिले – शिकवे, लगाओ प्रेम की रोली।

तोड़ नफ़रत की जंजीरें, जलाओ द्वेष की होली॥

मनाओ ……… गवाओ ………

4 न फ़ेंको कीच-कड़वाहट, न घोंटो भाँग ठंडाई।

रंग टेसू के फ़ूलों से, स्वस्थ तन मन करो भाई॥

मनाओ ……… गवाओ ………

5 नवान्नम् से करो गृह – यज्ञ, प्रसादम् हो मधुर गुझिया।

नहीं वंचित हो कोई पुरजन, पड़ोसी मित्र गृह मुखिया॥

मनाओ ……… गवाओ ………

6 करो चिंतन – मनन मिलकर, पूर्व भूलों से अब सीखो।

सुदृढ़ संकल्प लेकर के, आर्य उपवन को मिल सींचो॥

मनाओ ……… गवाओ ………

7 करो धन्यवाद ईश्वर का, दिवस पावन ये आया है।

विमल गुणगान ईश्वर का, रहे तेरी ही छाया है॥

मनाओ ……… गवाओ ………

 

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