Categories
उगता भारत न्यूज़

रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर किया गया सेमिनार का आयोजन

दादरी। ( अजय कुमार आर्य ) यहां स्थित ग्राम आकिलपुर जागीर आर्य समाज में वैदिक परंपरा के अनुसार भारत की महान वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई का 163 वां बलिदान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी एवं पूर्व में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रहे संजय विनायक जोशी रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान और उनके गौरव पूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज भी देश की परिस्थितियां इस प्रकार की हैं कि हमें रानी लक्ष्मीबाई के महान व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर देश की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई इतिहास की ऐसी पहली नायिका हैं जिन्होंने महिला रेजीमेंट खड़ी कर महिलाओं को भी देश की आजादी के लिए लड़ना सिखाया। उनकी सेना में लगभग 6000 महिलाएं काम करती थी।


कार्य क्रम की अध्यक्षता श्री रामेश्वर सिंह सरपंच ने की।
मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे महान् पराक्रमी इतिहासकार उगता भारत के सम्पादक राकेश कुमार आर्य ने भारत की महान वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई के बलिदान पर चर्चा करते हुए भारत वर्ष के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए महाराणा प्रताप के हल्दी घाटी के युद्ध के इतिहास को भी आज ही के दिन से जोड़ कर अपने देशवासियों को लाभान्वित किया। डॉक्टर आर्य ने कहा कि जून के महीने में हमें राजा सुहेलदेव और उनके साथी राजा भोज को भी स्मरण करना चाहिए। जिन्होंने 14 जून 1034 को सलार मसूद की 1100000 की सेना को काटकर खत्म किया था और मां भारती की अनुपम सेवा की थी। इसी प्रकार 11 जून को राम प्रसाद बिस्मिल जी की जयंती आती है जो कि हमारे इतिहास के क्रांति नायक हैं। उन्होंने कहा कि 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध भी 18 जून के दिन ही हुआ था। वह भी आज की एक ऐतिहासिक घटना है जिस पर हमें उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करनी चाहिए। डॉक्टर आर्य ने कहा कि बंदा बैरागी के जीवन में भी 9 जून का दिन महत्वपूर्ण है जब उनका बलिदान हुआ था।
कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर विनोद नागर ने करते हुए कहा कि भारत को फिर से विश्व गुरु बनाना है तो अपनी संतानों को वैदिक संस्कार संस्कृति की शिक्षा देनी होगी। आर्य समाज के सुप्रसिद्ध वानप्रस्थी देव मुनि जी महाराज ने कहा कि राष्ट्रवादी चिंतन की इस समय आवश्यकता है। यदि राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर काम नहीं किया गया तो शत्रु देश को भारी हानि पहुंचा सकता है। आचार्य मोहन देव शास्त्री और विक्रम देव शास्त्री ने भी इसी प्रकार के विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने भी अपने शब्दों में वैदिक धर्म यज्ञ महायज्ञ तथा संस्कार संस्कृति शिक्षा स्वास्थ्य जागरूकता पर बल दिया । इस अवसर पर श्याम सिंह, प्रताप नेताजी, लीलू आर्य, प्रेम चंद, चवल सिंह आर्य, महेश भाटी सहित और आर्य समाज के प्रधान चरण सिंह आर्य इंदू सिंह, अरुणा सिंह, जयकरण आर्य, प्रेमचंद महाशय, भूदेव सिंह आर्य ,भूप सिंह आर्य, विजेंदर आर्य, दिवाकर आर्य और समस्त सम्माननीय लोग उपस्थित रहे।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
betnano giriş
vdcasino
Vdcasino giriş
vdcasino giriş
ngsbahis
ngsbahis
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
milanobet giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
kolaybet giriş
kolaybet
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betgaranti giriş
casibom giriş
casibom giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
runtobet giriş
runtobet giriş
runtobet giriş
betnano giriş
betnano giriş