सातों सत्रों में इस प्रकार हुई अमृत वर्षा

IMG-20220429-WA0007

ग्रेटर नोएडा। (अजय कुमार आर्य) उगता भारत समाचार पत्र की ओर से आयोजित किए गए यजुर्वेद पारायण यज्ञ के कुल 7 सत्र चले। जिनमें प्रत्येक सत्र में एक से बढ़कर एक वैदिक विद्वान भजनोपदेशक के माध्यम से लोगों का श्रेष्ठतम मार्गदर्शन किया गया। 15 अप्रैल के उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्वलन का कार्य तहसीलदार दादरी श्री विवेकानंद मिश्र और नायब तहसीलदार श्री सचिन कुमार पवार द्वारा किया गया।
उद्घाटन सत्र में आर्य जगत के सुप्रसिद्ध विद्वान और आर्य प्रतिनिधि सभा जनपद गौतम बुध नगर के प्रधान श्री महेंद्र सिंह आर्य द्वारा अपना उत्कृष्ट संबोधन दिया गया। श्री आर्य ने यज्ञ और यजुर्वेद पर अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि यज्ञ संसार की श्रेष्ठतम और कल्याणकारी प्रणाली है। जिसे ऋषियों के द्वारा खोजा गया। इसके माध्यम से हम संसार के कल्याण में अपने आप को समर्पित करते हैं। ईश्वर की व्यवस्था के साथ अपने आपको समन्वित कर हम परमपिता परमेश्वर की व्यवस्था के एक अंग बन जाते हैं। जिस प्रकार परमपिता परमेश्वर सबके कल्याण के लिए कार्य करता है उसके उसी कल्याणकारी स्वरूप का ध्यान और चिंतन करते हुए हम स्वयं भी उसी के अनुरूप कार्य करने लगते हैं । इसी अवस्था को यज्ञ की पवित्र भावना कहा जाता है। उन्होंने यजुर्वेद के बारे में भी अपना संबोधन दिया और कहा कि यह वेद हमें अनेकों विषयों पर सोचने समझने और कार्य करने की शिक्षा देता है । उन्होंने कहा कि प्राणी मात्र के प्रति हम क्यों उदार और सहृदय बनें इसकी शिक्षा भी हमें इसी वेद से मिलती है। राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य निर्वाह करने की प्रेरणा भी हमें इसी वेद के द्वारा मिलती है।
यज्ञ के ब्रह्मा रहे आचार्य श्री विद्या देव जी के द्वारा प्रत्येक सत्र में यजुर्वेद के प्रत्येक अध्याय की उत्कृष्ट, सहज और सरल व्याख्या करके जाता रहा कि किस अध्याय का क्या असर है और किस अध्याय में हमने परम पिता परमेश्वर से क्या प्रार्थना की है ?
यजुर्वेद पारायण यज्ञ के अध्यक्ष रहे देव मुनि जी के द्वारा भी समय-समय पर मार्गदर्शन दिया गया। उन्होंने यजुर्वेद की विषय सामग्री पर विचार रखे और लोगों को उसकी शिक्षाओं के सार को संक्षेप में बताने का प्रयास किया। वैदिक ऋषियों के यज्ञ संबंधी चिंतन को स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि आज हम ऋषियों की यज्ञ की परंपरा को जीवित कर लें तो संसार में जितने भर भी झगड़े वाद-विवाद हैं वह सब समाप्त हो सकते हैं। क्योंकि यज्ञ दूसरों के कल्याण के लिए काम करने की प्रेरणा देता है। यह लोगों को कर्तव्य परायण बनाता है, ना कि अधिकारों के लिए के लिए लड़ना सिखाता है। आज यज्ञ की त्याग की परंपरा को जीवित करने की आवश्यकता है।
उगता भारत समाचार पत्र के चेयरमैन श्री देवेंद्र सिंह आर्य द्वारा भी अपना मार्गदर्शन दिया गया। उन्होंने यज्ञ को जीवन में उतारकर अपने कर्तव्य कर्म को यज्ञ की पवित्र भावना से जोड़कर देखने की ओर संकेत करते हुए कहा कि वह स्वयं अपने विधि व्यवसाय को इसी सोच के साथ समन्वित करके देखते हैं। श्री आर्य ने कहा कि समाचार पत्र और उनके परिवार की ओर से जिस प्रकार उनके सम्मान में यह कार्यक्रम किया गया है, उससे वह बहुत अभिभूत हैं । यद्यपि उनकी ऐसी इच्छा नहीं थी कि उनके लिए कोई कार्यक्रम आयोजित किया जाए परंतु मैं चाहूंगा कि इस प्रकार की पवित्र विचारधारा को लोग अपनाएं और परिवार में प्रेम और सहयोग के परिवेश को सृजित करने में सब सहयोगी बनें।
प्रथम सत्र में ही आर्य जगत के सुप्रसिद्ध विद्वान आचार्य करण सिंह द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किए गए । उन्होंने विद्वत्तापूर्ण वक्तव्य देते हुए वेदों की महिमा और गरिमा पर अपने विचार प्रकट किए और कहा कि संसार का कोई भी धर्म ग्रंथ वेदों की बराबरी नहीं कर सकता। वेद परमपिता परमेश्वर की ओर से दिए गए आदि संविधान हैं । जिनको अपना कर और उनकी शिक्षाओं को अपने ऊपर लागू करके मनुष्य न केवल अपने लिए बल्कि संसार के लिए भी कल्याणकारी बन सकता है।
कार्यक्रम में आर्य जगत के सुप्रसिद्ध भजनोपदेशक श्री कुलदीप विद्यार्थी के द्वारा भजनों के माध्यम से लोगों का मार्गदर्शन किया गया। इसी प्रकार महाशय जगमाल सिंह के भजनों की भी लोगों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।साथ ही उन्होंने अपने विद्वता पूर्ण वक्तव्य से भी लोगों को अभिभूत कर दिया । उनकी ओजस्वी वक्तृत्व शैली की सभी ने भूरि भूरि प्रशंसा की। इसी प्रकार मेरठ से चलकर उपस्थित हुए डॉ कपिल मलिक के द्वारा भी वेदों पर और वेद के मानवतावाद पर अपना उत्कृष्ट चिंतन प्रस्तुत किया गया। उनके साथ आई डॉ आदेश आर्या ने भी भी अपना सौम्य और शालीन वक्तव्य देकर नारी शक्ति के जागरण पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। इसी प्रकार मुरादाबाद से चलकर आए ज्ञानेंद्र गांधी जी ने भी अपने उत्कृष्ट चिंतन से सभी लोगों को अभिभूत किया। उनके साथ श्री जितेंद्र प्रताप सिंह सपत्नीक उपस्थित हुए। इसके अतिरिक्त मुरादाबाद आर्य समाज के प्रधान श्री अजब सिंह आर्य ने भी अपनी गौरवपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई।
अनूपशहर से प्राचार्य श्री गजेंद्र सिंह (वैदिक प्रवक्ता) उपस्थित हुए और अपना ओजस्वी संबोधन देकर सबको अभिभूत किया।
18 अप्रैल के कार्यक्रम में विशेष रुप से डॉ वागीश आचार्य और राष्ट्र निर्माण पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष ठाकुर विक्रम सिंह के साथ-साथ वर्तमान अध्यक्ष डॉ आनंद कुमार, अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बाबा नंद किशोर मिश्र , के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हरीश चंद्र भाटी ने भी अपना उत्कृष्ट मार्गदर्शन किया। जिनके वक्तव्य पत्रिका में स्थान स्थान पर समाविष्ट किए गए हैं।
अलग-अलग सत्रों में महावीर सिंह आर्य दरोगा जी व उनके बड़े भाई श्री बलबीर सिंह आर्य व रणवीर सिंह आर्य के द्वारा भी विशेष सहभागिता दर्ज कराई गई। अंसल आरडब्लूए के चेयरमैन श्री जितेंद्र सिंह डेढ़ा व उनके सहयोगी राजेश बैरागी वरिष्ठ पत्रकार, श्री राजेंद्र शर्मा , श्री बीरेश बैसला, आर्य समाज सिकंदराबाद से श्री रमेश आर्य और आर्य समाज के प्रधान भी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त भाजपा के युवा नेता श्री देवा भाटी, पूर्व मंत्री रहे तेज सिंह भाटी के सुपुत्र और वरिष्ठ नेता इंद्रबीर सिंह भाटी एडवोकेट ने भी अपना अमूल्य समय प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान आर्य समाज दादरी से पहुंचे श्री सुधीर रावल, गुर्जर जागरण पत्रिका के संपादक श्री धर्मवीर सिंह नागर,
पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रशासनिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त श्री चाहतराम , वेद मंदिर डेल्टा 01 ग्रेटर नोएडा के प्रधान विपिन आर्य सहित कई प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया।

Comment:

Latest Posts

hititbet giriş
hititbet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
hititbet giriş
hititbet güncel giriş
vdcasino giriş
vdcasino güncel giriş
vdcasino giriş
hititbet giriş
hitit medya
Hititbet Giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
tuzla cilt bakım merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet
hititbet güncel adres
hititbet 2026
hititbet giriş
Tuzla Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
solobet giriş
hititbet giriş
hititbet
hititbet
Tuzla Cilt Bakım
İstanbul Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet Giriş
Hititbet Giriş
betnano
Hititbet Giriş
Hititbet App
hititbet giriş
hititbet
betnano
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betorder giriş
betgaranti giriş
Hititbet Giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
hititbet
hititbet
betgaranti giriş
betpark giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
betpark giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
Hititbet
Hititbet Güncel Giriş
Hititbet Yeni Giriş
Hititbet Resmi Gİriş
betgaranti giriş
hitbet giriş
hitbet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
xslot giriş
xslot giriş
sahabet
sahabet
hititbet
meritbet
bets10
meritbet
bets10
betnano
bets10
bets10
betnano
betnano
atlasbet
atlasbet
betnano