भारत को स्वयं की सैन्यक्षमता और युद्ध सामग्री के आधुनिकीकरण पर बल देना चाहिए !* – सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर हेमंत महाजन

Hemant_Mahajan_clr

ऑनलाइन विशेष संवाद : ‘रशिया-युक्रेन युद्ध : तृतीय विश्‍वयुद्ध का प्रारंभ

‘रशिया-युक्रेन में यदि युद्ध हुआ, तो युक्रेन को पूर्ण सहायता करेंगे’ ऐसा अनेक पश्‍चिमी देश कह रहे थे; परंतु वास्तव में रशिया ने युक्रेन की सेना सहित रिहायशी बस्तियों पर आक्रमण किया, तब किसी भी देश ने युक्रेन की सहायता के लिए
प्रत्यक्ष कोई सैनिक कार्यवाही नहीं की । इसलिए इस युद्ध में युक्रेन अकेला रह गया है । इन सबके परिणाम स्वरूप कल चीन भी अमेरिका और पश्‍चिमी देशों की धमकियों से न घबराते हुए सीधे ताईवान देश को स्वयं के नियंत्रण में लेने के लिए युद्ध कर सकता है । ताईवान के पश्‍चात चीन का अगला लक्ष्य भारत हो सकता है। रशिया चीन का सबसे बडा मित्र होने के कारण भारत को भी आगामी काल में किसी पर निर्भर न रहते हुए स्वयं के सामर्थ्य से लडना पडेगा । उसके लिए भारत को स्वयं
की सैन्यक्षमता और युद्ध सामग्री के आधुनिकीकरण पर बल देना चाहिए, *ऐसा प्रतिपादन सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर हेमंत महाजन ने किया ।* हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित *’रशिया-युक्रेन युद्ध : तृतीय विश्‍वयुद्ध का प्रारंभ *
*?’* इस ‘विशेष ऑनलाइन संवाद’ में वे बोल रहे थे ।

रशिया-युक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि पर हिन्दू जनजागृति समिति के प्रवक्ता श्री. नरेंद्र सुर्वे ने ब्रिगेडियर महाजन से संवाद किया । इस समय विविध प्रश्‍नों के उत्तर देते हुए *ब्रिगेडियर महाजन ने आगे कहा कि**,* युक्रेन की
सहायता के लिए ‘नाटो’ के सदस्य देश ‘नाटो’ सेना भेजने क
लिए तैयार नहीं हैं ।’नाटो’ सेना विश्‍व की सर्वाधिक सक्षम और आधुनिकृत सेना है । वह कोई भी युद्ध लडने में सक्षम है; परंतु पश्‍चिमी देश वैज्ञानिक उन्नति कर अनेक बातों में आधुनिक हो गए हैं, तब भी उनमें युद्ध करने का साहस नहीं है । इसलिए संसार में ‘नाटो’ के सदस्य देश केवळ धमकियां देेते हैं; परंतु वास्तव में कुछ नहीं करते, ऐसी छबि बननेवाली है । इसलिए कल चीन भी रशिया का अनुकरण करेगा और ताईवान पर बताया जा रहा अधिकार प्राप्त करने के लिए चीन ताईवान पर आक्रमण कर सकता है । गत 8 वर्षों से चीन ने ‘ग्रे वॉर फेयर जोन’ (प्रत्यक्ष युद्ध न करते हुए निरंतर युद्ध की स्थिति निर्माण करना) निर्माण किया हुआ है । इसमें चीन रशिया से भी बहुत आगे
है ।

रशिया-युक्रेन युद्ध के परिणाम स्वरूप अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल का मूल्य बढा है । अन्य वस्तुआें का मूल्य भी बढने की संभावना है । इसलिए भारत में हमें अंतर्गत विवाद, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप रोककर देश को सभी प्रकार से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी को एकत्रित आना चाहिए । कश्मीर में आतंकवादी
कार्यवाहियां, जाली नोटों का कारोबार, पाक और बांग्लादेशी घुसपैठ, नार्को टेरिरिजम आदि के विरुद्ध कार्यवाही कर उनकी कमर तोडनी चाहिए । उसके उपरांत पाकव्याप्त कश्मीर लेने में हमें समय नहीं लगेगा, *ऐसा भी महाजनजी ने कहा
। *

Comment:

betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
Hititbet Giriş
Vaycasino Giriş
Supertotobet Giriş
Vaycasino Giriş
vaycasino
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino
vaycasino giriş
betpark giriş
betnano giriş
betpark giriş
marsbahis giriş
marsbahis giriş
ikimisli giriş
roketbet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betplay
betplay
betpark giriş
kolaybet giriş
ikimisli giriş
roketbet giriş
xlsot giriş
xslot giriş
mavibet giriş
mavibet giriş
betplay
betplay
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betorder giriş
betorder
kralbet giriş
tarafbet giriş
xslot giriş
trendbet giriş
mavibet giriş
ikimisli giriş
mavibet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betasus giriş
padisahbet giriş
padisahbet giriş
padisahbet
padisahbet
betpark giriş
ultrabet giriş
betmatik giriş
betmatik giriş
betkom giriş
padisahbet
padisahbet
betmatik giriş
kralbet giriş
betmatik giriş
betkom giriş
betkom giriş
padisahbet
tarafbet giriş
tarafbet giriş
kralbet giriş
kralbet giriş
betpark giriş
interbahis giriş
interbahis giriş
kralbet giriş
kralbet giriş
perabet giriş
perabet giriş