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राजनीति

ममता बनर्जी बंगाली हिन्दु समाज की एक नम्बर दुश्मन –  इंजीनियर श्याम सुन्दर पोद्दार(J.U.), महामन्त्री, वीर सावरकर फ़ाउंडेशन व भूतपूर्व महामन्त्री, जादवपुर यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन        

  

                     ——————————————— ममता बनर्जी ने कहा था कि जो गाय दूध देती है उसकी  लात सहनी पड़ती है। पिछले विधान सभा के चुनावों में यह सामने आया कि ममता बनर्जी की पार्टी को १ करोड़ ८ लाख बंगाली हिन्दुओं के वोट मिले व मुसलमानों के १ करोड़ ८० लाख वोट मिले। भाजपा को लोकसभा चुनाव में  २ करोड़ ३० लाख वोट मिले । विधान सभा के चुनाव में भी २ करोड़ ३० लाख वोट मिले। ममता बनर्जी को विधान सभा चुनाव में २ करोड़ ५८लाख वोट मिले थे, वहीं लोक सभा चुनाव में ४० लाख वोट बढकर २ करोड़ ८८ लाख हो गये। लोक सभा चुनाव में कांग्रेस को २ लोकसभा सीट व ९ विधान सभा  क्षेत्रों  में सफलता मिली थी व लगभग ५० लाख मुस्लिम वोट मिले थे। विधान सभा चुनाव में कांग्रेस का एक भी विधायक नही जीत पाया, क्योंकि कांग्रेस का ४० लाख मुस्लिम  वोट ममता की पार्टी में शिफ़्ट हो गया। कांग्रेस के इन ४० लाख मतों के ममता को शिफ़्ट हो जाने के चलते लोकसभा चुनाव में जहां ममता को १६८ विधान सभा क्षेत्रों में सफलता मिली थी वहीं २१२ पर पहुँच गयी। भाजपा के वोट भी लोकसभा चुनाव की तुलना में एक भी कम नही था पर ममता का ४० लाख वोट बढ जाने के कारण लोकसभा चुनाव में मिली १२८ विधान सभा क्षेत्रों में मिली बढ़त घट कर ७८ हो गयी। ममता का नारा बंगाल की बेटी पूरी तरह विफल रहा। बंगाल के लोगों ने ममता बनर्जी को  नंदीग्राम से हरा दिया।
   ममता बनर्जी भूल गयी कि उसको जो सफलता मिलती है उसमें बंगाली हिंदुओं का भी बहुत बड़ा योगदान है। उसको जो वोट मिलते हैं उसमें यदि ६२ प्रतिशत मुस्लिम वोट हैं तो ३८ प्रतिशत बंगाली हिन्दुओं के वोट भी हैं। ममता राज में मुसलमानों को पूरी छूट है कि वे जो चाहें हिंदुओं पर अत्याचार करें। बंगाल का चुनाव जब सम्पन्न हो गया तो मुस्लिम समाज ने तीन दिन तक गंगा सागर से लेकर दार्जिलिंग तक हिंदुओं का क़त्लेआम किया। हज़ारों हिन्दु महिलाओं का रेप किया। क्योंकि ममता की जीत हो गयी यह मुसलमानों की जीत का जश्न है। ममता बनर्जी भूल गयी कि ३८ प्रतिशत बंगाली हिन्दुओं
ने भी उन्हें वोट दिया है। मुस्लिम समाज को ममता ने पूरी छूट दे दी।
   CAA  आंदोलन के समय मुस्लिम सम्प्रदाय के लोगों ने पूरे राज्य को अस्तव्यस्त कर दिया। दो ट्रेन में  में आग लगा दी। बहुत सारे स्टेशनो को आग के हवाले कर दिया। रेल लाइन उखाड़ दी । २५०० करोड़ की सरकारी सम्पत्ति नष्ट कर दी। देश की आंतरिक सुरक्षा भी ख़तरे में थी। पर पुलिस ने एक FIR तक नही किया। २८ नवम्बर २०१४ जमाते उलेमा ए हिंद के नेता सिद्दिक़ुल्ला ने जनसभा के नाम पर  ताण्डव किया ३ IPS सहित ११ जन पुलिस कर्मी गम्भीर रूप से घायल हुए।
११ पुलिस की गाड़ी को तोड़ दिया गया ।पुलिस ने भाग कर तंबू में जा कर शरण ली। अपने प्राण बचाए। कोई कार्यवाही नही की गयी।
२० अक्तूबर राजाबाज़ार ट्राम डिपो के सामने मोहम्मद शकील नामक एक युवक बस से कुचल कर मारा गया  ८६ बस व ११ गाड़ी तोड़ दी गयीं। पुलिस मूक दर्शक बनी रही। नीलरतन सरकार मेडिकल अस्पताल में मामूली सी घटना पर ५ ट्रक भर कर मुस्लिम पहुँच गए, जो ताण्डव किया  वह कलकत्ता के लोगों की जानकारी में है। पुलिस ने अस्पताल पर हमला इतना बड़ा crime होते हुवे भी कोई कार्यवाही नही की।
      मुस्लिम ममता बनर्जी के लिए दूध देने वाली गाय है।  १ करोड़ ८० लाख मुसलमान ममता बनर्जी को वोट देते हैं। इसलिए १ करोड़ ८ लाख हिन्दु जो उन्हें वोट देते हैं, उनके समाज को इन मुसलमानों के इस समाज पर किये जा रहे हर अत्याचार को सहना होगा। पश्चिम बंगाल के गांवों से हिन्दुओं का पलायन हो रहा है। जहाँ बँगलादेशी अनुप्रवेशकारियों के चलते उन गाँवों में मुसलमानों की बहुसंख्या हो गयी है । क्योंकि बंगलादेश से आये मुसलमानों को वहां बसाना है तो सदियों से रहने वाले हिन्दुओं को अपना घर गांव छोड़ना पड़ता है। बंगाल में इस तरह के गाँवों की संख्या ७२०० हो गयी है। उन गाँवों में एक भी हिन्दु नही रहा। बंगाल के १ करोड़ ८ लाख हिंदुओं द्वारा ममता बनर्जी को वोट देने के बाद भी मुसलमानों को पूरी छूट है। ममता बनर्जी द्वारा वे धोलागड में हिंदुओं का नरसंहार करें। उनके बच्चे सरस्वती की पूजा स्कूल में नही कर सकते है। जहाँ मुसलमान  बहुसंख्या में हो गए हैं।
        यह तो भला हो वीर सावरकर जी का उन्होंने बंगाल पंजाब सिंध के हिन्दुओं के लिये हिन्दु महासभा को आह्वान किया। कांग्रेस ने तो पूरा बंगाल, पूरा पंजाब , पूरा सिंध पाकिस्तान को दे दिया है। हम यह पूरा पंजाब,बंगाल, सिंध, पाकिस्तान को मिले नही मानते ।आप आंदोलन करे बंगाल,पंजाब,सिंध का हिन्दु मुस्लिम ज़िलों में बहु संख्या के आधार पर बँटवारा हो। डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंगाल हिन्दु महासभा के माध्यम से ऐसा तीव्र हिन्दु आंदोलन किया कि माउंटबेटन बंगाल व पंजाब का बँटवारा करने पर मजबूर हो गए। हमें हिन्दु बंगाल के नाम पर पश्चिम बंगाल मिला। पाकिस्तान में गए बंगाल में मुसलमानों की जनसंख्या ५५ प्रतिशत थी। हिंदुओं की जनसंख्या ४५ प्रतिशत थी। हिन्दु बंगाल के रूप में पश्चिम बंगाल बन जाने के बाद पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं की जनसंख्या ८२ प्रतिशत हो गयी। मुसलमानों की जनसंख्या १८ प्रतिशत हो गयी। वहीं बांग्लादेश में हिंदुओं की जनसंख्या ३० प्रतिशत हो गयी। मुसलमानो की जनसंख्या ७० प्रतिशत हो गयी। बांग्लादेश में आज हिंदुओं की जनसंख्या मात्र ६ प्रतिशत है। २४ प्रतिशत को मारकर पश्चिम बंगाल में भेज दिया गया है। इनके आने के बाद पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं की जनसंख्या ८२ प्रतिशत से बढ कर ९० प्रतिशत होनी चाहिए । मुसलमानों की संख्या १० प्रतिशत होनी चाहिये। पर बांग्लादेश से अनुप्रवेश करा कर मुसलमानो की संख्या पश्चिम बंगाल में १० प्रतिशत के बजाय २७ प्रतिशत है। हिन्दु की संख्या घटकर ९० प्रतिशत के बजाय ७३ प्रतिशत है। पश्चिम बंगाल के सीमांत ज़िलों का हाल बेहाल है। २००१ की जनगणना के अनुसार बांग्लादेश से लगी सीमा के ज़िलों में उत्तर २४ परगना, माल्दा, नादिया व मुर्शिदाबाद  में प्रति किलोमीटर जनसंख्या क्रमश: २१८१,१६०१,११७२,११०१ है तो जो ज़िले बांग्लादेश सीमा से नही लगते. बाँकुरा,पुरुलिया,बिरभूम, जलपाईगुड़ी यथाक्रम से प्रति वर्ग किलो मीटर ४६८,४०५,६६३,व ५४३ लोग रहते है। बंगाल की हिन्दु जाति को बचाना है तो हिन्दुओं की घोर विरोधी ममता बनर्जी को भगाना होगा। तभी यह हिन्दु जाति बचेगी सावरकर-श्यामा प्रसाद का यह पश्चिम बंगाल बचेगा। हिन्दुओं! ममता को भगाओ, बंगाल के हिन्दुओं को बचाओ।

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