कोर्स या कॉलेज, लक्ष्य बना कर करें फैसला

पंकज घिल्डियाल

पेरेंट्स का दबाव कहें या पीयर प्रेशर, अक्सर छात्र एडमिशन के वक्त असमंजस की स्थिति में देखे जाते हैं। यहां तक कि जब वक्त होता है अपने किसी मनचाहे कोर्स में दाखिले का तो उस वक्त वे किसी नामी कॉलेज को तरजीह देने लगते हैं। कॉलेज की बजाए कोर्स से क्यों न करें समझौता, बता रहे हैं पंकज घिल्डियाल हर साल की तरह इस वर्ष भी बारहवीं के परिणाम के बाद किसी छात्र के मन में किसी विशेष यूनिवर्सिटी में एडमिशन का सपना होगा, तो कोई किसी खास इंस्टीटय़ूट या कॉलेज में प्रवेश को अपना लक्ष्य बना रहा होगा। आलम यह है कि 90 फीसदी अंक प्राप्त करने के बावजूद दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला नहीं मिल पाता। अब 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वालों की कतार काफी लंबी होती है। नतीजन छात्रों के लिए अपने मनपसंद कोर्स के साथ मनचाहे कॉलेज में दाखिला मिलने की संभावनाएं बेहद कम रहती हैं। यहां यह नहीं भूलना होगा कि एडमिशन की दौड़ में छात्र मनपसंद कोर्स के स्थान पर कॉलेज को वरीयता देने लगे हैं। जानकारों का मानना है कि अगर आपको पहली ही कट ऑफ में अपना मनपसंद विषय मिल जाता है तो एडमिशन जरूर लेना चाहिए और अपनी सीट सुरक्षित करा लेनी चाहिए।

छात्रों को यह भी समझना चाहिए कि दोस्ती अपनी जगह ठीक है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि किसी कोर्स में आपकी और आपके दोस्त की रुचि समान हो। कोर्स चुनते समय न तो दोस्त पर दबाव बनाएं और न ही खुद पर किसी तरह कोई प्रेशर आने दें। ध्यान रहे कि इस समय आप क्या फैसला लेते हैं, इस पर आपका भविष्य निर्भर करता है। इसलिए दोस्तों के लिए अपने कोर्स और कॉलेज को न छोड़ें। अगर इस वक्त भी आपका लक्ष्य तय नहीं है तो आगे कोर्स या कॉलेज चुनते समय आपको काफी दिक्कत होनी वाली है। कोर्स या कॉलेज का चुनाव करते समय निम्न बिंदुओं पर खुद को जरूर परखें-

योग्यता: सबसे पहले देखें कि किस विषय की तरफ आपका रुझान है। उसके बाद अपनी योग्यताओं का भी जायजा लें। कुछ पल सोचें कि वे कौन से विशेष कोर्स हैं, जिनमें आप एडमिशन लेने का मन बना रहे हैं। खुद से ही ईमानदारी से पूछें कि क्या ग्रेजुएट लेवल पर ये विषय आपको बोझिल तो नहीं लगने लगेंगे या इनमें दिलचस्पी बरकरार रहेगी। इसी लाइन में बार-बार सोचने पर आपको अंत में मनचाहा कोर्स साफ दिखाई देने लगेगा। अगर आपको केमिस्ट्री आसान लगती है तो केमिस्ट्री ऑनर्स में ग्रेजुएशन करें, न कि बीएससी में अपना नाम एनरोल करवाएं। छात्र अक्सर यह सोच लेते हैं कि उनकी दिलचस्पी एक खास विषय में है तो उन्हें ग्रेजुएशन भी उसी में करनी चाहिए। ऐसा जरूरी नहीं है। अगर उस विषय को लेकर उनका ज्ञान कम है तो बाद के साल में उन्हें बोरियत होने लगेगी।

कोर्सेज :कोर्स के लिए मन बनाने के बाद अपने मनपसंद कॉलेज में दाखिले के लिए उसे हरगिज न बदलें। आपको ऐसे कॉलेज की एक सूची तैयार करनी चाहिए, जहां आपका मनपसंद कोर्स पढ़ाया जाता है।

Comment:

norabahis giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
maxwin giriş
maxwin giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betpas giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betplay giriş
betplay giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
mariobet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
mariobet giriş
betvole giriş
mariobet giriş
safirbet giriş
safirbet giriş
mariobet giriş
betpas giriş
hititbet giriş
madridbet giriş
madridbet giriş
dedebet
betkanyon
radissonbet
casinofast
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
norabahis giriş
betgaranti giriş
norabahis giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
norabahis giriş
betwild giriş
redwin giriş
safirbet giriş
safirbet giriş
betpark giriş
vegabet giriş
vegabet giriş
redwin giriş
vaycasino giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
realbahis giriş
realbahis giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
timebet giriş
timebet giriş
betpark giriş
hilarionbet giriş
hilarionbet giriş
parmabet giriş
parmabet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
hilarionbet giriş
parmabet giriş
parmabet giriş
hazbet giriş
hazbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
maxwin giriş
maxwin giriş
norabahis giriş
ikimisli giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betnano giriş
betnano giriş