खतरनाक परजीवी, मस्तिष्क संक्रमण और पत्ता गोभी


पत्ता गोभी एक पौष्टिक सब्जी है इसमें विटामिन सी ,के सहित अन्य जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते हैं जो स्वस्थ पाचन से लेकर रक्त शुद्धि तक के लिए जिम्मेदार है। लेकिन खाने में पत्ता गोभी के गलत इस्तेमाल के कारण इससे जुडी हुई पिछले कुछ वर्षों से भारत में खतरनाक मस्तिष्क संक्रमण से जुड़ी समस्याएं आ रही हैं ।जिसका अधिकांश शिकार छोटे बच्चे हो रहे हैं बच्चों में आंशिक लकवा मिर्गी के दौरे हाथ पैरों में कंपन उत्पन्न हो जाता है। मस्तिष्क के इस संक्रमण को न्यूरोसिस्टिसरकोसिस कहां जाता है । बच्चे ही नहीं बड़े व्यस्को के मस्तिष्क में में यह संक्रमण टीनिया सोलियम परजीवी फीता कृमि के कारण फैलता है। यह सूक्ष्म फीता कृमि सूअर के मांस जानवरों के मल में पाया जाता है जो विभिन्न माध्यमों जल आदि से जो जमीन में पहुंचकर पत्ता गोभी जैसी सब्जी के अंदरूनी हिस्से में अपने अंडे देता है। यह सूक्ष्म कीड़ा आंखों से दिखाई नहीं देता। पत्ता गोभी को यदि उबालकर खुले बर्तन प्रेशर कुकर में पकाकर खाया जाए तो यह कीड़ा तथा इसके अंडे नष्ट हो जाते हैं। लेकिन खाना बनाने से लेकर खाने की खराब आदतों के कारण फास्ट फूड के इस दौर में पत्ता गोभी को कच्चा या बेहद कम पकाकर चाऊमीन बर्गर पिज्जा मोमोज सलाद आदि में खाया जा रहा है। इस कारण इस कीड़े के अंडे नष्ट नहीं हो पाते ऐसी स्थिति कीड़े के अंडे पेट से होते हुए बच्चों की आंतों में पहुंच जाते हैं। पेट के तेजाबी माहौल में अंडों का खोल टूट जाता है अंडों से लारवा निकलकर आंतों की परत को भेदकर रक्त प्रणाली में घुलकर मस्तिष्क में पहुंच जाते हैं। मस्तिष्क में पहुंचकर लारवा कीड़े के तौर पर तब्दील हो जाते हैं जटिल स्थिति में कभी-कभी यह अनेक स्थानों पर मस्तिष्क के अनेक हिस्सों में अंडे देते रहते हैं जिसके कारण मस्तिष्क के पानी व पदार्थ की विशेष गांठ बन जाती है जिसे सिस्ट बोला जाता है। फिर संक्रमित व्यक्ति बच्चे को को मिर्गी दिमाग की सूजन दिमागी बुखार से लेकर तमाम खतरनाक स्थितियां पैदा हो जाती हैं। लेकिन आशा जनक बात यह है यह स्थिति पूरी तरह लाइलाज नहीं है इलाज योग्य treatable है लंबे इलाज के पश्चात मस्तिष्क कीड़ों के संक्रमण से मुक्ति पाई जा सकती है विशेष कीड़ारोधी दवाएं इस स्थिति में न्यूरोलॉजिस्ट के परामर्श के अनुसार दी जाती हैं समय-समय पर सिटी स्कैन आदि कराया जाता है। लेकिन संक्रमण से अच्छा है सावधानी बरती जाए पत्ता गोभी को कभी भी कच्चा सलाद या फास्ट फूड के तौर पर नहीं खाना चाहिए इसे भोजन में अच्छी उबाल कर बनाने से पूर्व अच्छी तरह धोकर ही प्रयोग में लाना चाहिए। बच्चों की विशेष निगरानी करनी चाहिए। आखिर आपके बच्चे आपकी ही निधि नहीं इस देश की भी निधि है। बच्चे देश का भविष्य है देश के भविष्य की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है।

आर्य सागर खारी✍✍✍

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *