Categories
राजनीति

नीतीश ने लिया अहम फैसला : आरसीपी सिंह को जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष की सर्वसम्मति से सौंपी कमान

– मुरली मनोहर श्रीवास्तव

जदयू की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश कुमार ने अपनी बातों को रखते हुए कहा कि एक साथ दो पद संभालना आसान नहीं। बिहार का मुख्यमंत्री और जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष, दोनों भूमिका एक साथ निभाना कठिन कार्य है। इसलिए बैठक में नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह के नाम अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित किया जिसका सभी ने समर्थन किया और जदयू के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए आरसीपी सिंह।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं। अपने गृह जिले नालंदा से आने वाले और नीतीश के बेहद करीबी रामचंद्र प्रसाद सिंह उर्फ आरसीपी अब जदयू के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। राजनीतिक पंडितों की मानें तो बिहार में ज्यादातर सियासी फैसलों में जातीय समीकरण जरुर प्रभावी होता है। इसलिए नीतीश कुमार की जगह आरसीपी के आने पर भी लोग इसको जातीय समीकरण से जोड़कर देख रहे हैं।
यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी रहे आरसीपी सिंह पहली बार 1996 में नीतीश के संपर्क में आए। 1996 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के निजी सचिव के रूप में वे तैनात थे। नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह के बीच दोस्ती इसलिए भी गहरी हुई क्योंकि दोनों ही बिहार के नालंदा के रहने वाले हैं तथा एक ही बिरादरी से भी आते हैं। उस समय से ही नीतीश कुमार आरसीपी सिंह की नौकरशाह के तौर उनकी कार्यशैली से काफी प्रभावित थे। आज उसी का नतीजा है कि आरसीपी सिंह पर विश्वास जताते हुए संगठन की पूरी जिम्मेदारी सौंप दी। नीतीश कुमार जब केंद्रीय मंत्री बने तो आरसीपी सिंह को अपने साथ लेकर आए। नीतीश कुमार जब रेलमंत्री बने तो आरसीपी सिंह को विशेष सचिव बनाकर अपने साथ लाए। नवंबर 2005 में नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने तो आरसीपी सिंह को साथ लेकर बिहार भी आए और प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद आरसीपी की जदयू में पकड़ मजबूत होती गई। 2010 में आरसीपी सिंह ने वीआरएस लिया और जदयू कोटे से राज्यसभा पहुंचे। 2016 में पार्टी ने उन्हें फिर से राज्यसभा भेजा। नीतीश कुमार के अध्यक्ष रहने के दौरान आरसीपी सिंह यानी रामचंद्र प्रसाद सिंह पार्टी में दूसरे पायदान के नेता के तौर पर जाने जाते थे। बिहार चुनाव के दौरान पार्टी की रणनीति तय करना, प्रदेश की अफसरशाही को कंट्रोल करना, सरकार की नीतियां बनाना और उनको लागू करने जैसे सभी कामों का जिम्मा उनके कंधों पर रहा, जिसे आरसीपी सिंह ने बाखूबी निभाया। इसी वजह से उन्हें जदयू का चाणक्य भी कहा जाता है।

नीतीश कुमार अभी चाहते तो 2022 तक राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रह सकते थे। फिर अचानक से इस तरह के फैसले पर भी कई कयास लगाए जा रहे हैं। कहा तो ये भी जा रहा है कि नीतीश कुमार क्या सोचते हैं और क्या करते हैं ये तो वो ही जानें। अगर दूसरे पहलू पर गौर करें तो नीतीश कुमार ने बिहार चुनाव के प्रचार के दौरान ही ये कह दिया था कि ये उनका आखिरी चुनाव है और वो सक्रिय राजनीति से दूरी बनाना चाहते हैं। हालांकि बाद में उन्होंने इसके अलग मायने बताए थे। माना तो ये भी जा रहा है कि नीतीश ने पार्टी का अध्यक्ष पद आरसीपी सिंह को सौंपकर एक तरह से पारी समाप्ति की घोषणा चुके हैं। आगे क्या है इस रणनीति का पहलू यह सिर्फ कयास लगाए जा सकते हैं और कुछ नहीं। मगर इतना तो कहा ही जा सकता है कि राजनीति में अपनी मेहनत और ईमानदारी के बूते नीतीश कुमार देश ही नहीं दुनिया के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। अगर उन्होंने आरसीपी सिंह पर विश्वास जताया है तो इसमें भी कई रहस्य हो सकते हैं जिसे विपक्षियों के समझ से परे माना जा सकता है। जो दल साथ रहकर भी साथ नहीं उनके लिए भी यह नीतीश का एक बड़ा कदम मानने से इंकार नहीं किया जा सकता है। अब यहां से पार्टी स्वच्छंद होकर देशभर में राजनीति कर सकती है। भाजपा के साथ होकर वह छोटे भाई की भूमिका में हैं। अब ऐसे में किसी कदम को उठाते तो गठबंधन धर्म बीच में आ जाता। इसीलिए नीतीश कुमार का आरसीपी को चुना जाना सियासत का मास्टर स्ट्रोक कहा जा सकता है।

 

 

 

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
norabahis giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
Betgaranti Giriş
betgaranti girş
betnano giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
hititbet giriş
imajbet giriş
betasus giriş
betnano giriş
jojobet giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
betasus giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
norabahis giriş
meritking giriş
meritking giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
kulisbet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
hiltonbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
kulisbet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betnano giriş
hiltonbet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
hiltonbet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
bettilt giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş