बार एसोसिएशन दादरी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार धर्मवीर सिंह नागर बोले – प्रत्येक अधिवक्ता के सम्मान में ही मेरा सम्मान होगा सुरक्षित

 

दादरी । ( अजय आर्य) बार एसोसिएशन दादरी के चुनावों में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार धर्मवीरसिंह नागर ने भी नामांकन किया है। श्री नागर से जब हमारे संवाददाता ने मुलाकात की और उनसे पूछा कि यदि वह अध्यक्ष पद का चुनाव जीतते हैं तो उनकी प्राथमिकताएं क्या होंगी ?- तो इस पर श्री नागर ने कहा कि प्रत्येक अधिवक्ता के सम्मान में ही वह अपना सम्मान सुरक्षित समझेंगे।


श्री नागर ने अपने चुनावी एजेंडे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बार एसोसिएशन दादरी में इस समय कई अधिवक्ता ऐसे हैं जिनके पास चेम्बर नहीं है, प्रशासन से मिलकर उन्हें चेंबर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता होगी । इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या ऐसे अधिवक्ताओं की है जो बार एसोसिएशन दादरी में एकता चाहते हैं और सबका सबकी सहमति से एक अध्यक्ष हो – इस लोकतांत्रिक विचार पर अपनी सहमति व्यक्त करते हैं, इसलिए सभी अधिवक्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए वह उन सभी अधिवक्ताओं को बार एसोसिएशन दादरी का सदस्य बनाएंगे जिन्हें इस समय बावजूद उनकी भरपूर कोशिश के बार एसोसिएशन दादरी का सदस्य नहीं बनाया गया है । उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिवक्ता का अपना सम्मान होता है, जिसका ध्यान रखना बहुत आवश्यक है।
श्री नागर कहते हैं कि जो अधिवक्ता अभी नए हैं उनके लिए बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की ओर से कुछ विशेष सुविधाएं दी जाती हैं, जिनमें सस्ता लोन भी सम्मिलित होता है, वह बार एसोसिएशन दादरी की ओर से बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से संपर्क साधकर नए अधिवक्ताओं को मिलने वाली प्रत्येक सुविधा को दिलवाने का भरसक प्रयास करेंगे। जिससे कि नए अधिवक्ताओं को अपनी रोजी-रोटी चलाने में किसी प्रकार की दिक्कत ना आए।
श्री नागर का कहना है कि बार एसोसिएशन दादरी
एक संघर्षशील बार एसोसिएशन रही है ,जिसने विभिन्न मुद्दों पर शासन प्रशासन का समय-समय पर मार्गदर्शन किया है, वह चाहेंगे कि बार एसोसिएशन दादरी की ओर से ऐसे ठोस प्रस्ताव शासन प्रशासन के लिए भेजे जाएं जिनसे जमीन संबंधी अर्थात रेवेन्यू कानूनों में विशेष सुधार हो सके।
उन्होंने कहा कि दादरी तहसील प्रांगण में लगने वाले जाम और को भी वह खुलवाने की समुचित व्यवस्था अधिकारियों के साथ मिलकर करेंगे। न्यायिक कार्यों में तेजी आए और लोगों को सस्ता व सुलभ न्याय प्रदान प्राप्त हो सके, इसके लिए भी वह अधिवक्ताओं की ओर से भरसक प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को कानूनी तैयारी करने के लिए न्यायालय प्रांगण में ही पुस्तकें उपलब्ध कराने हेतु लाइब्रेरी स्थापित करने की दिशा में भी वह कार्य करना चाहेंगे।

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